{"_id":"5a11ca6d4f1c1b97678bca43","slug":"61511115373-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्विटर के माध्यम से मिली सूचना पर डीजीपी हुए सख्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्विटर के माध्यम से मिली सूचना पर डीजीपी हुए सख्त
Updated Sun, 19 Nov 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जखनिया (गाजीपुर)। यातायात माह में चल रही वाहन चेकिंग के दौरान शमन शुल्क काटने से प्रभारी दरोगा पूर्णत: परहेज कर रहे हैं। प्रभारी की इस कारस्तानी की सूचना लोगों ने ट्विटर के माध्यम से डीजीपी को दी। डीजीपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया है।
भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि वाहन स्वामियों और चालकों से शमन शुल्क काटने के बजाए सुविधा शुल्क लेकर वाहनों को खुलेआम छोड़ा जा रहा है। यहीं नहीं अगर कोई वाहन संचालक दी गई धनराशि के बदले में कोई रसीद प्राप्त करना चाहता है तो उसे लबे रोड चर्चित एसआई के कोप का भाजन भी बनना पड़ता है। बताया कि शनिवार की रात दुल्लहपुर थाना के चर्चित एसआई गाजीपुर-आजमगढ़ सीमा जलालाबाद के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान तमाम ओवरलोड ट्रकों सहित अवैध वाहनों को सुविधा शुल्क लेकर छोड़ा जा रहा था। वहीं सुविधा शुल्क के स्थान पर दी गई धनराशि का सरकारी शमन शुल्क की रसीद मांग रहे एक वाहन मालिक को एसआई का कोपभाजन बनना पड़ा। इस दौरान एसआई ने कहा कि अगर क्षमता होगी तो अपने कागजात छुड़वा लेना लेकिन शमन शुल्क नहीं कटेगा। यहां तक की भाजपा के वरिष्ठ नेता से भी एसआई ने काफी दबंगई से बात की। इधर किसी ने एसआई की इसी कार्रवाई की जानकारी ट्विटर के माध्यम से डीजीपी को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने वाराणसी के आईजी को जांचकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। आईजी ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को देने के साथ जांच करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि वाहन स्वामियों और चालकों से शमन शुल्क काटने के बजाए सुविधा शुल्क लेकर वाहनों को खुलेआम छोड़ा जा रहा है। यहीं नहीं अगर कोई वाहन संचालक दी गई धनराशि के बदले में कोई रसीद प्राप्त करना चाहता है तो उसे लबे रोड चर्चित एसआई के कोप का भाजन भी बनना पड़ता है। बताया कि शनिवार की रात दुल्लहपुर थाना के चर्चित एसआई गाजीपुर-आजमगढ़ सीमा जलालाबाद के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान तमाम ओवरलोड ट्रकों सहित अवैध वाहनों को सुविधा शुल्क लेकर छोड़ा जा रहा था। वहीं सुविधा शुल्क के स्थान पर दी गई धनराशि का सरकारी शमन शुल्क की रसीद मांग रहे एक वाहन मालिक को एसआई का कोपभाजन बनना पड़ा। इस दौरान एसआई ने कहा कि अगर क्षमता होगी तो अपने कागजात छुड़वा लेना लेकिन शमन शुल्क नहीं कटेगा। यहां तक की भाजपा के वरिष्ठ नेता से भी एसआई ने काफी दबंगई से बात की। इधर किसी ने एसआई की इसी कार्रवाई की जानकारी ट्विटर के माध्यम से डीजीपी को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने वाराणसी के आईजी को जांचकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। आईजी ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को देने के साथ जांच करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन