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गहरी नींद से बिजली ने जगाया
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:42 PM IST
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बिजली
- फोटो : amar ujala
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बिजली कटौती से शहरियों को मुक्ति नहीं मिल पा रही है। एक तरफ जहां निर्धारित कटौती की जा रही है, वहीं इमरजेंसी कटौती के नाम पर घंटों बत्ती गुल हो जी रही है। सोमवार को रात दो बजे शहर अंधेरे में डूब गया। गर्मी से परेशान लोग गहरी नींद से जागकर बिजली का इंतजार करने लगे, लेकिन लोगों का इंतजार मंगलवार की सुबह आठ बजे समाप्त हुआ। पूरी रात बत्ती गुल होने से एक तरफ जहां लोग चैन की नींद नहीं सो सके, वहीं सुबह पानी के लिए पसीना बहाना पड़ा।
शहर में बिजली कटौती का खेल कोई नई बात नहीं है। वर्षों से बिजली लोगों को रुलाती चली आ रही है। विभाग अपने तरीके से उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराता आ रहा है। रविवार की रात 10 से 12 बजे तक इंजरजेंसी कटौती किए जाने से शहरियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। सोमवार को निर्धारित कटौती के समय रात 7 से 9 बजे तक कटौती की गई। दस बजते ही लोग इस बात से परेशान होने लगे कि कहीं ऐसा न हो कि आज भी रात 10 से 12 बजे तक कटौती की जाए, लेकिन 11 बजे तक आपूर्ति सुचारू रहने पर लोगों ने इस बात से राहत की सांस ली कि शायद आज बिजली पूरी रात साथ देगी और लोग आराम की नींद सो गए।
इसी बीच रात में दो बजे बत्ती गुल हो गई। पंखा-कूलर बंद होने से गर्मी का एहसास होने पर लोगों की नींद टूट गई। लोग जम्हाई लेते हुए बिजली का इंतजार करने लगे। राहत के लिए कई लोग घरों से बाहर निकल गए। भोर होते ही गृहणियां पेयजल के लिए बत्ती का इतंजार करने लगी, लेकिन छह बजे तक आपूर्ति शुरु नहीं हुई। इसकी वजह से लोगों को पानी के लिए इधर-उधर की दौड़ लगानी पड़ी। किसी तरह थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर लोगों ने काम चलाया। सुबह आठ बजे आपूर्ति शुरु हुई। इस संबंध में प्रकाशनगर उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ कमलेश ने बताया कि रात में सवा दो से सुबह पौने आठ बजे तक कंट्रोल से इमरजेंसी रोस्टरिंग की गई थी।
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शहर में बिजली कटौती का खेल कोई नई बात नहीं है। वर्षों से बिजली लोगों को रुलाती चली आ रही है। विभाग अपने तरीके से उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराता आ रहा है। रविवार की रात 10 से 12 बजे तक इंजरजेंसी कटौती किए जाने से शहरियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। सोमवार को निर्धारित कटौती के समय रात 7 से 9 बजे तक कटौती की गई। दस बजते ही लोग इस बात से परेशान होने लगे कि कहीं ऐसा न हो कि आज भी रात 10 से 12 बजे तक कटौती की जाए, लेकिन 11 बजे तक आपूर्ति सुचारू रहने पर लोगों ने इस बात से राहत की सांस ली कि शायद आज बिजली पूरी रात साथ देगी और लोग आराम की नींद सो गए।
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इसी बीच रात में दो बजे बत्ती गुल हो गई। पंखा-कूलर बंद होने से गर्मी का एहसास होने पर लोगों की नींद टूट गई। लोग जम्हाई लेते हुए बिजली का इंतजार करने लगे। राहत के लिए कई लोग घरों से बाहर निकल गए। भोर होते ही गृहणियां पेयजल के लिए बत्ती का इतंजार करने लगी, लेकिन छह बजे तक आपूर्ति शुरु नहीं हुई। इसकी वजह से लोगों को पानी के लिए इधर-उधर की दौड़ लगानी पड़ी। किसी तरह थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर लोगों ने काम चलाया। सुबह आठ बजे आपूर्ति शुरु हुई। इस संबंध में प्रकाशनगर उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ कमलेश ने बताया कि रात में सवा दो से सुबह पौने आठ बजे तक कंट्रोल से इमरजेंसी रोस्टरिंग की गई थी।
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