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पूर्व विधायक जयराम सिंह का निधन
Updated Sun, 24 Sep 2017 11:51 PM IST
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कासिमाबाद। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य काउंसिल के सदस्य एवं पूर्व विधायक कामरेड जयराम सिंह का 84 वर्ष की अवस्था में रविवार को दोपहर 1 बजे निधन हो गया। वह कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार सोमवार को गाजीपुर स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा।
मालूम हो कि पूर्व विधायक जयराम सिंह संघर्षों के लिए सरजू पांडेय के बाद क्षेत्र में जाने जाते थे। वह 1962 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने। 1977 में जहूराबाद से विधायक निर्वाचित हुए, जिनका कार्यकाल 1980 तक रहा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य काउंसिल के सदस्य के साथ अखिल भारतीय किसान सभा के वर्तमान में संरक्षक के पद पर थे। पार्टी के लिए समर्पित जयराम सिंह ने 1970 के भूमि आंदोलन के दौरान बोगना ताल की भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया था। इसी प्रकार बाराचवर विकासखंड के खारा बरेजी गांव में भी भूमि आंदोलन चलाकर भूमि आवंटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जयराम सिंह आजीवन अविवाहित रहे। वह अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर पर स्व. प्रोफेसर रामजी सिंह और तीसरे नंबर पर श्रीराम सिंह पूर्व प्रधान हैं। जयराम सिंह अपने ग्राम पंचायत खजूरगांव के लंबे समय तक प्रधान भी रहे। उनके निधन की खबर से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
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मालूम हो कि पूर्व विधायक जयराम सिंह संघर्षों के लिए सरजू पांडेय के बाद क्षेत्र में जाने जाते थे। वह 1962 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने। 1977 में जहूराबाद से विधायक निर्वाचित हुए, जिनका कार्यकाल 1980 तक रहा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य काउंसिल के सदस्य के साथ अखिल भारतीय किसान सभा के वर्तमान में संरक्षक के पद पर थे। पार्टी के लिए समर्पित जयराम सिंह ने 1970 के भूमि आंदोलन के दौरान बोगना ताल की भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया था। इसी प्रकार बाराचवर विकासखंड के खारा बरेजी गांव में भी भूमि आंदोलन चलाकर भूमि आवंटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जयराम सिंह आजीवन अविवाहित रहे। वह अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर पर स्व. प्रोफेसर रामजी सिंह और तीसरे नंबर पर श्रीराम सिंह पूर्व प्रधान हैं। जयराम सिंह अपने ग्राम पंचायत खजूरगांव के लंबे समय तक प्रधान भी रहे। उनके निधन की खबर से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
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