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पुलिस की नासमझी से हुआ बवाल
Updated Sun, 18 Jun 2017 11:55 PM IST
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जखनिया। बहरियाबाद थाना के क्षेत्र के चिरैयाकोट मार्ग स्थित हाजीपुर कछुआ गांव के पास बाइक सवार एवं स्कार्पियो की टक्कर के बाद पुलिस की नासमझी का परिणाम रहा कि गांव के युवाओं ने बवाल किया। इसमें पुलिस पूरी तरह से दोषी है। यह बातें रविवार को रेलवे मैदान में आयोजित बैठक में अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला संयोजक विजय बहादुर सिंह ने घटनास्थल से लौटने के बाद कही।
उन्होंने कहा कि अगर दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई और जनता का दमन उत्पीड़न शासन-प्रशासन द्वारा किया जाता है तो भाकपा-माले चुप नहीं बैठेगी। इसके विरुद्ध आंदोलन किया जाएगा। कहा कि जनपद की यह पहली घटना नहीं है बल्कि पुलिस की नासमझी के चलते जमनिया, नसीरपुर, बिरनो, जंगीपुर, गहमर में भी कुछ दिन पूर्व इस तरह की घटना हो चुकी है। पुलिस अपनी कमियों को छिपाने के लिए जनता का दमन और उत्पीड़न करने लगती है। मांग करते हुए कहा कि लाठीचार्ज में घायल दर्जनों लोगों की तरफ से एफआईआर दर्ज कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस हमेशा मनगढ़ंत कहानी बनाकर जनता के विरुद्ध दमन उत्पीड़न की कार्रवाई करती है। बैठक में योगेंद्र यादव, उजागिर राम, गुलाब सिंह, मेवाती देवी, मिलन राव आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि अगर दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई और जनता का दमन उत्पीड़न शासन-प्रशासन द्वारा किया जाता है तो भाकपा-माले चुप नहीं बैठेगी। इसके विरुद्ध आंदोलन किया जाएगा। कहा कि जनपद की यह पहली घटना नहीं है बल्कि पुलिस की नासमझी के चलते जमनिया, नसीरपुर, बिरनो, जंगीपुर, गहमर में भी कुछ दिन पूर्व इस तरह की घटना हो चुकी है। पुलिस अपनी कमियों को छिपाने के लिए जनता का दमन और उत्पीड़न करने लगती है। मांग करते हुए कहा कि लाठीचार्ज में घायल दर्जनों लोगों की तरफ से एफआईआर दर्ज कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस हमेशा मनगढ़ंत कहानी बनाकर जनता के विरुद्ध दमन उत्पीड़न की कार्रवाई करती है। बैठक में योगेंद्र यादव, उजागिर राम, गुलाब सिंह, मेवाती देवी, मिलन राव आदि मौजूद रहे।
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