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हत्या के मामले में पिता, चार बेटों को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:05 AM IST
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गहमर थानाक्षेत्र में अप्रैल 2013 में हुई हत्या के मामले में एक व्यक्ति और उसके चार पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा और 22-22 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन संजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने सोमवार को यह सजा सुनाई।
गहमर थानाक्षेत्र के खेमराय पट्टी निवासी दिग्विजय सिंह ने 25 अप्रैल 2013 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उनके बड़े भाई अजय सिंह, पिता दिग्विजय सिंह तथा चाचा शिवशंकर सिंह घर के सामने बातचीत कर रहे थे। रात करीब सवा आठ बजे मुहल्ले के ध्रुवजीत सिंह अपने चारों पुत्रों राकेश सिंह, विमलेश सिंह, संतोष सिंह और अखिलेश सिंह के साथ पहुंचे और कहा कि दिग्विजय सिंह, शिवशंकर तथा अजय सिंह को मार डालो। इस पर ध्रुवजीत सिंह के चारों पुत्र असलहे से फायरिंग करने लगे। अजय सिंह की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई और अन्य घायल हो गए। तहरीर के आधार पर गहमर थाने में ध्रुवजीत सिंह और उनके चारों पुत्रों के खिलाफ आईपीसी की 302, 307 समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता दयाशंकर सिंह कुशवाहा अभियोजन की तरफ से 11 गवाह पेश किए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने ध्रुवजीत सिंह और उनके चार पुत्रों राकेश सिंह, विमलेश सिंह, संतोष सिंह एवं अखिलेश सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 22-22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
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गहमर थानाक्षेत्र के खेमराय पट्टी निवासी दिग्विजय सिंह ने 25 अप्रैल 2013 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उनके बड़े भाई अजय सिंह, पिता दिग्विजय सिंह तथा चाचा शिवशंकर सिंह घर के सामने बातचीत कर रहे थे। रात करीब सवा आठ बजे मुहल्ले के ध्रुवजीत सिंह अपने चारों पुत्रों राकेश सिंह, विमलेश सिंह, संतोष सिंह और अखिलेश सिंह के साथ पहुंचे और कहा कि दिग्विजय सिंह, शिवशंकर तथा अजय सिंह को मार डालो। इस पर ध्रुवजीत सिंह के चारों पुत्र असलहे से फायरिंग करने लगे। अजय सिंह की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई और अन्य घायल हो गए। तहरीर के आधार पर गहमर थाने में ध्रुवजीत सिंह और उनके चारों पुत्रों के खिलाफ आईपीसी की 302, 307 समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता दयाशंकर सिंह कुशवाहा अभियोजन की तरफ से 11 गवाह पेश किए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने ध्रुवजीत सिंह और उनके चार पुत्रों राकेश सिंह, विमलेश सिंह, संतोष सिंह एवं अखिलेश सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 22-22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
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