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दयनीय हालत में रह रहे पकड़े गए छुट्टा पशु

Fri, 22 Feb 2019 10:58 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 22 Feb 2019 10:58 PM IST
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दयनीय हालत में रह रहे पकड़े गए छुट्टा पशु
गाजीपुर। प्रदेश सरकार की ओर से छुट्टा पशुओं के लिए जिले में करीब एक दर्जन से अधिक गोवंश आश्रय स्थल खोल तो दिए गए हैं लेकिन यह खुद पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। सड़कों तथा खेतों से पकड़ कर बड़ी संख्या में पशुओं को इन आश्रय स्थलों में छोड़ दिया जा रहा है। इसके बाद न तो वहां चारा पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही कोई जिम्मेदारी से इनकी देखरेख करने वाला कर्मचारी ही है। हालत यह है कि वहां गंदगी और दुर्गंध का वातावरण बना हुआ है। लापरवाही और भूख से बीमार होकर दर्जन भर पशु काल के गाल में समा गए। अभी कई पशु बीमार पड़े हैं।
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छुट्टा पशुओं की रोकथाम के लिए सरकारी फरमान आने के बाद कासिमाबाद, मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, दिलदारनगर, गाजीपुर, सेवराई, करीमुद्दीनपुर सहित आठ स्थानों पर आश्रय स्थल बनाये गए हैं। बांस-बल्ली लगा कर खुले स्थान में एक बाड़ा की तरह तैयार कर दिया गया है। पकड़े गए जानवर धूप, बरसात तथा ओले पड़ने पर भी आसमान के नीचे पड़े रहते हैं। कहने को तो यहां चारा पानी की व्यवस्था की गई है लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। संबंधित ग्राम प्रधानों को भूसा तथा हरा चारा आदि पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। इन स्थलों पर कब कितने मवेशी बढ़ जा रहे हैं इसका कोई हिसाब-किताब नहीं है। फसलों को बर्बाद कर रहे खेतों में या सड़कों पर घूम रहे पशुओं को किसान भी पकड़ कर आश्रय स्थलों में छोड़ दे रहे हैं। कासिमाबाद में अभी भी अधिकतर पशु बीमार हैं। समय से खाना पानी नहीं मिलने के कारण सांड़, बाछा आदि दुबले होते जा रहे हैं। अभी हाल ही में इस केंद्र पर कुछ मवेशियों की मौत हो गई थी। भांवरकोल संवाददाता के अनुसार ब्लॉक मुख्यालय पर खुले आकाश के नीचे घेर कर बांस-बल्ली से आश्रय केंद्र बना दिया गया है। वर्तमान में इसमें 44 पशु दयनीय हालत में हैं। ओलावृष्टि के दिन कई बाछा घायल हो गए थे। जानकारी के बाद भी उनकी चिकित्सा नहीं हुई। कर्मचारी सालिक राम को देखरेख के लिए लगाया गया है। रोज पशु बढ़ घट रहे हैं। एक आदमी 44 पशुओं की कैसे देख रेख करेगा इस बात का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। हाल ही में यहां भी दो पशुओं की मौत हो गई थी। दिलदारनगर नगर पंचायत कार्यालय परिसर में बनाए गए अस्थायी बसेरा में 30 सांड़ पकड़ कर रखे गए हैं।
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