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दूकानें बंद कर व्यापारियों ने मनाया काला दिवस
Updated Fri, 01 Jun 2018 10:56 PM IST
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सेवराई(गाजीपुर)। दानापुर-मुगलसराय रेलखंड के भदौरा रेलवे स्टेशन का सांसद एवं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा द्वारा विकास कार्यों में बार-बार उपेक्षा किए जाने से नाराज क्षेत्रीय ग्रामीणों तथा व्यापारियों ने शुक्रवार को बाजार की सभी दुकानें बंद कर काला दिवस मनाया। इस मौके पर भारी संख्या में पुलिस की मौजूदगी के बीच व्यापारियों और ग्रामीणों ने रेल राज्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और जुलूस निकाला। जुलूस को समाप्त कराने के लिए पुलिस ने लाठी भांजी, जिससे भगदड़ मच गई।
भदौरा रेलवे स्टेशन के विकास में उपेक्षा को लेकर ग्रामीण और व्यापारियों में नाराजगी थी। स्टेशन से विकास और कई ट्रेनों के ठहराव की मांग ग्रामीण रेल राज्यमंत्री से कर चुके थे। बावजूद इसके उनकी तरफ से ध्यान नहीं दिया गया। इससे नाराज ग्रामीणों और व्यापारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता राकेश सिंह पिंटू के नेतृत्व में एक मई को बाजार बंदी प्रस्तावित किया था। इस कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को व्यापारियों ने दुकानें बंद करते हुए काला दिवस मनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। काफी संख्या में ग्रामीण और व्यापारियों ने रेल राज्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रेलवे फाटक से जुलूस निकाला। जुलूस को रेलवे स्टेशन पर जाना था और वहा पर सभा होनी थी। पुलिस रेलवे स्टेशन के बाहर ही जुलूस को रोकने लगी। इसको लेकर जुलूस में शामिल लोगों और पुलिस में झड़प शुरू हो गई। पुलिस लोगों को लठियाकर भगाने लगी। इससे जुलूस भगदड़ की स्थिति मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने कई की पिटाई भी की। पुलिस द्वारा जुलूस को रोक दिए जाने से लोग सभा नहीं कर सके। इसको लेकर लोगों में नाराजगी थी।
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भदौरा रेलवे स्टेशन के विकास में उपेक्षा को लेकर ग्रामीण और व्यापारियों में नाराजगी थी। स्टेशन से विकास और कई ट्रेनों के ठहराव की मांग ग्रामीण रेल राज्यमंत्री से कर चुके थे। बावजूद इसके उनकी तरफ से ध्यान नहीं दिया गया। इससे नाराज ग्रामीणों और व्यापारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता राकेश सिंह पिंटू के नेतृत्व में एक मई को बाजार बंदी प्रस्तावित किया था। इस कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को व्यापारियों ने दुकानें बंद करते हुए काला दिवस मनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। काफी संख्या में ग्रामीण और व्यापारियों ने रेल राज्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रेलवे फाटक से जुलूस निकाला। जुलूस को रेलवे स्टेशन पर जाना था और वहा पर सभा होनी थी। पुलिस रेलवे स्टेशन के बाहर ही जुलूस को रोकने लगी। इसको लेकर जुलूस में शामिल लोगों और पुलिस में झड़प शुरू हो गई। पुलिस लोगों को लठियाकर भगाने लगी। इससे जुलूस भगदड़ की स्थिति मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने कई की पिटाई भी की। पुलिस द्वारा जुलूस को रोक दिए जाने से लोग सभा नहीं कर सके। इसको लेकर लोगों में नाराजगी थी।
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