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Ghazipur News: 2266 परिषदीय विद्यालयों को मिलेगी 3.46 करोड़ की कंपोजिट ग्रांट
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गाजीपुर। जिले के 2266 परिषदीय विद्यालयों को शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कंपोजिट स्कूल ग्रांट जारी कर दी गई है। इसके तहत कुल 3.46 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रथम चरण में कुल धनराशि का 50 प्रतिशत यानी 1.73 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एक सप्ताह के भीतर विद्यालय प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के खातों में भेजी जाएगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को चार श्रेणियों में विभाजित कर अनुदान दिया जाएगा। एक से 30 छात्र संख्या वाले विद्यालयों को 10 हजार रुपये, 31 से 100 तक नामांकन वाले विद्यालयों को 25 हजार रुपये, 101 से 250 तक नामांकन वाले विद्यालयों को 50 हजार रुपये तथा 250 से अधिक नामांकन वाले विद्यालयों को 75 हजार रुपये की ग्रांट मिलेगी।
उन्होंने बताया कि अनुदान राशि का संचालन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और सदस्य सचिव (प्रधानाध्यापक) के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। जिन विद्यालयों में नामांकन शून्य है अथवा जो पीएम श्री योजना से आच्छादित हैं, उन्हें यह अनुदान नहीं दिया जाएगा।
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स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर रहेगा जोर:
बीएसए ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार ग्रांट की कम से कम 10 प्रतिशत राशि स्वच्छता कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य होगा। इसके तहत टॉयलेट क्लीनर, फिनाइल, साबुन, हैंडवॉश, सैनिटाइजर, झाड़ू समेत अन्य स्वच्छता सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही शौचालयों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, रसोईघर की जल निकासी और लीच पिट निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
पारदर्शिता के लिए फोटो और बिल अपलोड होंगे
शासन ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी कार्यों की पूर्व और बाद की फोटो तथा बिल-वाउचर प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को चार श्रेणियों में विभाजित कर अनुदान दिया जाएगा। एक से 30 छात्र संख्या वाले विद्यालयों को 10 हजार रुपये, 31 से 100 तक नामांकन वाले विद्यालयों को 25 हजार रुपये, 101 से 250 तक नामांकन वाले विद्यालयों को 50 हजार रुपये तथा 250 से अधिक नामांकन वाले विद्यालयों को 75 हजार रुपये की ग्रांट मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि अनुदान राशि का संचालन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और सदस्य सचिव (प्रधानाध्यापक) के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। जिन विद्यालयों में नामांकन शून्य है अथवा जो पीएम श्री योजना से आच्छादित हैं, उन्हें यह अनुदान नहीं दिया जाएगा।
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स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर रहेगा जोर:
बीएसए ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार ग्रांट की कम से कम 10 प्रतिशत राशि स्वच्छता कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य होगा। इसके तहत टॉयलेट क्लीनर, फिनाइल, साबुन, हैंडवॉश, सैनिटाइजर, झाड़ू समेत अन्य स्वच्छता सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही शौचालयों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, रसोईघर की जल निकासी और लीच पिट निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
पारदर्शिता के लिए फोटो और बिल अपलोड होंगे
शासन ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी कार्यों की पूर्व और बाद की फोटो तथा बिल-वाउचर प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।