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सांसद आदर्श गांव देवा की पड़ताल...
Updated Fri, 01 Jun 2018 10:56 PM IST
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दुल्लहपुर (गाजीपुर)। संचार-रेल राज्यमंत्री एवं जिले के सांसद मनोज सिन्हा की ओर से गोद लिए गांव देवा में विकास के कुछ कार्य ही हुए हैं। यह गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं की बाट जोह रहा है। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल की सुविधा के लिए पानी की टंकी के साथ ही उच्च शिक्षा के लिए इंटर और डिग्री कॉलेज आदि की कमी गांव के लोगों को अखर रही है।
जखनियां विकासखंड अंतर्गत किसानों के मसीहा स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्म स्थली देवा गांव की आबादी करीब पांच हजार है। प्रधानमंत्री सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इस गांव को गोद लिया है। गोद लेने के बाद गांव में कई विकास जरूर किए गए। गांव में बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए चार ट्रांसफार्मर एवं 220 खंभों के सहारे विद्युत की समस्या दूर कराई गई। गांव को रोशन करने के लिए 22 सोलर एवं छह स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं। 36-36 लाख की लागत से दो सुलभ शौचालयों का निर्माण कराया गया है। 1885 मीटर सीसी रोड एवं 1885 मीटर लंबे नाले का निर्माण भी हुआ है। 60 ट्री-गार्ड का भी निर्माण कराया गया है। पांच केवी के सबमर्सिबल के माध्यम से जलाशय से पशु-पक्षियों की प्यास बुझाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन, मैरेज हाल, पानी टंकी, स्वामी सहजानंद लाइब्रेरी, खेलकूद मैदान, सरकारी इंटर एवं डिग्री कालेज, सब्जी मंडी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो जाएं तो देश में स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्मस्थली देवा गांव की एक अलग पहचान होगी। सांसद एवं संचार मंत्री मनोज सिन्हा कई बार गांव में आकर लोगों की समस्याएं सुन चुके हैं। इसके अलावा उनके निजी सहायक सिद्धार्थ रॉय भी गांव में आकर लोगों की समस्याएं सुन विकास कार्यों का जायजा लेते हैं। आदर्श गांव देवा के सतीश राय ने कहा कि सांसद के प्रयास से पूर्व की अपेक्षा बिजली की व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन जाय तो दर्जनों गांव के लोगों को जखनिया, गाजीपुर, मऊ और आजमगढ़ नहीं जाना पड़े। जच्चा-बच्चा केंद्र की हालत ठीक नहीं है। विशाल मद्धेशिया ने स्वामी सहजानंद सरस्वती के नाम पर लाइब्रेरी और राजकीय इंटर एवं डिग्री कालेज की जरूरत बताई। दसौती देवी कहती है कि पानी टंकी एवं पर्याप्त हैंडपंप का आश्वासन अभी अधूरा है। इससे पेयजल की समस्या होती है। लालसा देवी ने कहा पहले गांव में सड़क, नाली एवं शौचालय का अभाव था लेकिन सांसद के प्रयास से दो शौचालय, सीसी सड़क एवं नाली निर्माण कराया गया। आंगनबाड़ी केंद्र, स्वयं सहायता समूह, आवास का अभाव भी लोग झेल रहे हैं।
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जखनियां विकासखंड अंतर्गत किसानों के मसीहा स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्म स्थली देवा गांव की आबादी करीब पांच हजार है। प्रधानमंत्री सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इस गांव को गोद लिया है। गोद लेने के बाद गांव में कई विकास जरूर किए गए। गांव में बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए चार ट्रांसफार्मर एवं 220 खंभों के सहारे विद्युत की समस्या दूर कराई गई। गांव को रोशन करने के लिए 22 सोलर एवं छह स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं। 36-36 लाख की लागत से दो सुलभ शौचालयों का निर्माण कराया गया है। 1885 मीटर सीसी रोड एवं 1885 मीटर लंबे नाले का निर्माण भी हुआ है। 60 ट्री-गार्ड का भी निर्माण कराया गया है। पांच केवी के सबमर्सिबल के माध्यम से जलाशय से पशु-पक्षियों की प्यास बुझाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन, मैरेज हाल, पानी टंकी, स्वामी सहजानंद लाइब्रेरी, खेलकूद मैदान, सरकारी इंटर एवं डिग्री कालेज, सब्जी मंडी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो जाएं तो देश में स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्मस्थली देवा गांव की एक अलग पहचान होगी। सांसद एवं संचार मंत्री मनोज सिन्हा कई बार गांव में आकर लोगों की समस्याएं सुन चुके हैं। इसके अलावा उनके निजी सहायक सिद्धार्थ रॉय भी गांव में आकर लोगों की समस्याएं सुन विकास कार्यों का जायजा लेते हैं। आदर्श गांव देवा के सतीश राय ने कहा कि सांसद के प्रयास से पूर्व की अपेक्षा बिजली की व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन जाय तो दर्जनों गांव के लोगों को जखनिया, गाजीपुर, मऊ और आजमगढ़ नहीं जाना पड़े। जच्चा-बच्चा केंद्र की हालत ठीक नहीं है। विशाल मद्धेशिया ने स्वामी सहजानंद सरस्वती के नाम पर लाइब्रेरी और राजकीय इंटर एवं डिग्री कालेज की जरूरत बताई। दसौती देवी कहती है कि पानी टंकी एवं पर्याप्त हैंडपंप का आश्वासन अभी अधूरा है। इससे पेयजल की समस्या होती है। लालसा देवी ने कहा पहले गांव में सड़क, नाली एवं शौचालय का अभाव था लेकिन सांसद के प्रयास से दो शौचालय, सीसी सड़क एवं नाली निर्माण कराया गया। आंगनबाड़ी केंद्र, स्वयं सहायता समूह, आवास का अभाव भी लोग झेल रहे हैं।
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