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छात्राओं के लिए 200 बेड का हॉस्टल और सभागार
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राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें आवासीय समस्या नहीं खलेगी। कालेज के साउथ कैंपस में उनके लिए दो सौ बेड के छात्रावास के साथ ही चार सौ लोगों के बैठने की सुविधा वाले बहुउद्देशीय सभागार का निर्माण कराया जाएगा। सोलह करोड़ से अधिक की लागत से होने वाले इस कार्य के लिए करीब आधा धनराशि जारी कर दी गई है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत कराए जाने वाले इस कार्य में छात्राओं को बास्केटबाल कोर्ट की सौगात भी मिलेगी।
शहर में स्थित राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना तीन दिसंबर वर्ष 1977 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री के प्रयास से हुई थी। जिले के प्रमुख महाविद्यालयों में शुमार इस कालेज में वर्तमान में करीब तीन हजार छात्राएं पढ़ती हैं। एक छात्रावास है लेकिन उसकी क्षमता काफी कम होने के कारण दूरदराज से आने वाली छात्राओं को आवासीय समस्या खलती रही है। उनकी परेशानी को देखते हुए लंबे समय से हास्टल की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसको लेकर बीते वर्ष शासन को प्रस्ताव भेजा गया था जिसे कुछ महीने पहले हरी झंडी दे दी गई। स्वीकृति मिलने के बाद 16 करोड़ 23 लाख 79 हजार की लागत से दो सौ बेड का छात्रावास, चार सौ लोगों के बैठने की सुविधा वाला बहुउद्देशीय सभागार तथा बास्केटबाल कोर्ट का निर्माण कराया जाएगा। महाविद्यालय के साउथ कैंपस में 1.65 एकड़ जमीन पर होने वाले इस निर्माण कार्य के लिए सरकार की ओर से आठ करोड़ 11 लाख से अधिक की धनराशि जारी कर दी गई है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम लि. के अधिकारियों ने बीते जून महीने में निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था।
स्नातकोत्तर की कक्षाओं के लिए बना था पीजी भवन
गाजीपुर। स्नातकोत्तर की कक्षाओं के संचालन के लिए राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कुछ वर्ष पहले करोड़ों की लागत से पीजी भवन का निर्माण कराया गया था। इस भवन में स्मार्ट क्लास का भी संचालन होता है जबकि इसके ऊपरी तल पर पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। करीब दो वर्ष पहले एमएससी बाटनी का भवन भी बना है। इसके बाद बीते वर्ष से एमएससी बाटनी की कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया।
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महिला अध्ययन केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव भेजा
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर शोध एवं अध्ययन करने के लिए एक महिला अध्ययन केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अगर इसको स्वीकृति मिली तो महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर नवीन शोध किए जा सकेंगे। इसके साथ ही केंद्र में उनके विषयों पर विमर्श के लिए गोष्ठियां, कार्यशाला, प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम हो आयोजित होंगे।
बास्केटबाल कोर्ट से सपनों को भर सकेंगी उड़ान
गाजीपुर। राजकीय महिला पीजी कालेज में खेलकूद को बढ़ावा दिए जाने के लिए आवश्यक सुविधाएं छात्राओं को उपलब्ध कराई जाती है। बास्केटबाल खेल में रुचि रखने वाली छात्राएं बास्केटबाल कोर्ट का निर्माण होने पर अपने सपनों को उड़ान भर सकेंगी।
महाविद्यालय में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के क्रम में छात्रावास एवं बहुउद्देशीय सभागार के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसे स्वीकृति मिलने के साथ ही धनराशि की पहली किस्त जारी हो गई है- डा. प्रो. सविता भारद्वाज, प्राचार्य राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय
निर्माण स्थल की जांच और नाप-जोख संबंधी रिपोर्ट विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। निर्माण कार्य की अवधि दो वर्ष निर्धारित है- प्रभात कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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शहर में स्थित राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना तीन दिसंबर वर्ष 1977 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री के प्रयास से हुई थी। जिले के प्रमुख महाविद्यालयों में शुमार इस कालेज में वर्तमान में करीब तीन हजार छात्राएं पढ़ती हैं। एक छात्रावास है लेकिन उसकी क्षमता काफी कम होने के कारण दूरदराज से आने वाली छात्राओं को आवासीय समस्या खलती रही है। उनकी परेशानी को देखते हुए लंबे समय से हास्टल की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसको लेकर बीते वर्ष शासन को प्रस्ताव भेजा गया था जिसे कुछ महीने पहले हरी झंडी दे दी गई। स्वीकृति मिलने के बाद 16 करोड़ 23 लाख 79 हजार की लागत से दो सौ बेड का छात्रावास, चार सौ लोगों के बैठने की सुविधा वाला बहुउद्देशीय सभागार तथा बास्केटबाल कोर्ट का निर्माण कराया जाएगा। महाविद्यालय के साउथ कैंपस में 1.65 एकड़ जमीन पर होने वाले इस निर्माण कार्य के लिए सरकार की ओर से आठ करोड़ 11 लाख से अधिक की धनराशि जारी कर दी गई है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम लि. के अधिकारियों ने बीते जून महीने में निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था।
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स्नातकोत्तर की कक्षाओं के लिए बना था पीजी भवन
गाजीपुर। स्नातकोत्तर की कक्षाओं के संचालन के लिए राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कुछ वर्ष पहले करोड़ों की लागत से पीजी भवन का निर्माण कराया गया था। इस भवन में स्मार्ट क्लास का भी संचालन होता है जबकि इसके ऊपरी तल पर पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। करीब दो वर्ष पहले एमएससी बाटनी का भवन भी बना है। इसके बाद बीते वर्ष से एमएससी बाटनी की कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया।
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महिला अध्ययन केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव भेजा
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर शोध एवं अध्ययन करने के लिए एक महिला अध्ययन केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अगर इसको स्वीकृति मिली तो महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर नवीन शोध किए जा सकेंगे। इसके साथ ही केंद्र में उनके विषयों पर विमर्श के लिए गोष्ठियां, कार्यशाला, प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम हो आयोजित होंगे।
बास्केटबाल कोर्ट से सपनों को भर सकेंगी उड़ान
गाजीपुर। राजकीय महिला पीजी कालेज में खेलकूद को बढ़ावा दिए जाने के लिए आवश्यक सुविधाएं छात्राओं को उपलब्ध कराई जाती है। बास्केटबाल खेल में रुचि रखने वाली छात्राएं बास्केटबाल कोर्ट का निर्माण होने पर अपने सपनों को उड़ान भर सकेंगी।
महाविद्यालय में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के क्रम में छात्रावास एवं बहुउद्देशीय सभागार के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसे स्वीकृति मिलने के साथ ही धनराशि की पहली किस्त जारी हो गई है- डा. प्रो. सविता भारद्वाज, प्राचार्य राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय
निर्माण स्थल की जांच और नाप-जोख संबंधी रिपोर्ट विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। निर्माण कार्य की अवधि दो वर्ष निर्धारित है- प्रभात कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी