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घृणा की राजनीति कर रही भाजपा
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:00 AM IST
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उ.प्र. कांग्रेस कमेटी व्यापार प्रकोष्ठ की बैठक नंदगंज बाजार में शुक्रवार को हुई। इसमें महापुरुषों की प्रतिमा को खंडित करने की घटना की घोर निंदा की गई।
बैठक में व्यापार प्रकोष्ठ के महासचिव विनय जायसवाल ने कहा कि त्रिपुरा में विजय के बाद भाजपा घृणा की राजनीति कर रही है। लेनिन की प्रतिमा ध्वस्त किया जाना, इसका ज्वलंत उदाहरण है लेकिन प्रतिक्रिया स्वरुप श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पेरियार की प्रतिमा को खंडित करना भी अति निंदनीय कृत्य है। भाजपा जाति एवं धर्म के नाम पर समाज को बांटकर सत्ता हासिल करती जा रही है, जिसका दुष्परिणाम सामने आने लगा है। चाहे जिस भी पार्टी या संगठन के लोग ऐसा कृत्य कर रहे हैं, उन पर अविलंब कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि देश में अमन चैन कायम रह सके। कहा कि द्वेषपूर्ण राजनीति से देश की सामाजिक समरसता को क्षति पहुंचेगी। ये महापुरुष किसी पार्टी के नहीं वरन पूरे देश के लिए पूजनीय हैं। ओछी राजनीति के कारण महापुरुषों का अपमान नहीं करना चाहिए। बैठक में सुरेश प्रसाद, रामकिशुन, अवधेश कुमार, रामदरश, अरुण कुमार, राजकुमार, जबीउल्लाह, अभय, शहंशाह, रामजन्म, अविनाश, कैलाश, शिवमूर्ति, संदीप, गोविंद कुशवाहा, इंद्रजीत गौड़, हरिओम राजभर, विजय कुमार आदि उप स्थित थे। अध्यक्षता विनय जायसवाल तथा संचालन आबिद शमीम ने किया।
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बैठक में व्यापार प्रकोष्ठ के महासचिव विनय जायसवाल ने कहा कि त्रिपुरा में विजय के बाद भाजपा घृणा की राजनीति कर रही है। लेनिन की प्रतिमा ध्वस्त किया जाना, इसका ज्वलंत उदाहरण है लेकिन प्रतिक्रिया स्वरुप श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पेरियार की प्रतिमा को खंडित करना भी अति निंदनीय कृत्य है। भाजपा जाति एवं धर्म के नाम पर समाज को बांटकर सत्ता हासिल करती जा रही है, जिसका दुष्परिणाम सामने आने लगा है। चाहे जिस भी पार्टी या संगठन के लोग ऐसा कृत्य कर रहे हैं, उन पर अविलंब कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि देश में अमन चैन कायम रह सके। कहा कि द्वेषपूर्ण राजनीति से देश की सामाजिक समरसता को क्षति पहुंचेगी। ये महापुरुष किसी पार्टी के नहीं वरन पूरे देश के लिए पूजनीय हैं। ओछी राजनीति के कारण महापुरुषों का अपमान नहीं करना चाहिए। बैठक में सुरेश प्रसाद, रामकिशुन, अवधेश कुमार, रामदरश, अरुण कुमार, राजकुमार, जबीउल्लाह, अभय, शहंशाह, रामजन्म, अविनाश, कैलाश, शिवमूर्ति, संदीप, गोविंद कुशवाहा, इंद्रजीत गौड़, हरिओम राजभर, विजय कुमार आदि उप स्थित थे। अध्यक्षता विनय जायसवाल तथा संचालन आबिद शमीम ने किया।
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