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गुरु का धर्म है कि वह अपने शिष्य को हमेशा ऊपर उठाए
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:03 PM IST
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सादात(गाजीपुर)। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि गुरु का धर्म है कि वह अपने शिष्य को हमेशा ऊपर उठाए। विद्या के माध्यम से संपूर्ण समाज और देश का जागरण करे। आज ऐसी भावना कम ही देखने को मिलती है। इसमें पूरी लगन के साथ लगने की जरूरत है। पूर्व शिक्षामंत्री स्व. कालीचरण यादव एक महान शिक्षाविद और महान व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी छत्रछाया में पल्लवित और पुष्पित होकर आज यह दो शिक्षण संस्थाएं जिले से लेकर प्रदेश में अपना नाम गौरवान्वित कर रही हैं। पूर्व शिक्षामंत्री की नीतियों और आदर्शों का मैं कायल हूं। यह बातें प्रो. यादव ने मंगलवार को समता इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित संस्थापक एवं पूर्व शिक्षामंत्री स्व. कालीचरण यादव की प्रथम पुण्यतिथि पर प्रतिमा अनावरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम सभी लोग उनके बताए रास्ते और उनके आदर्शों पर चलें। उन्होंने कहा कि गत वर्ष मैंने विश्वविद्यालय में रोजगार मेला लगाकर 26 कंपनियों के जरिए 735 छात्र-छात्राओं को रोजगार का अवसर सुलभ कराया था। यह 31 वर्षों के इतिहास में पहला अवसर था, जो आगे भी जारी रहेगा। विशिष्ट अतिथि राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वरनाथ सिंह ने कहा कि जीवन में स्थान और समय का महत्व होता है, जिसका मैं बखूबी पालन करता हूं। इस समारोह में भी मैं इन दोनों बंधनों से बंधा हूं। पूर्व शिक्षामंत्री ने समता महाविद्यालय नाम की संस्था खोलकर इस पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने का कार्य किया। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का आज मैं जितना भी वर्णन करूं कम ही होगा। इससे पहले कुलपति द्वय ने विशिष्ट अतिथियों के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद प्रबंधक सभाजीत यादव और प्राचार्य विंध्याचल यादव ने मंचासीन अतिथियों को माल्यार्पण, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मान किया। अतिथिद्वय ने समता पीजी कॉलेज में पूर्व शिक्षामंत्री की आदमकद और इंटर कॉलेज में लगी प्रतिमा का अनावरण तथा दोनों कॉलेजों में नवनिर्मित सभागारों का लोकार्पण किया। अध्यक्षता कर रहे उद्योग विभाग के पूर्व जीएम रामजी सिंह ने पूर्व शिक्षामंत्री के व्यक्तित्व और कृतित्व का उल्लेख करते हुए उन्हें महान शिक्षाविद और समाजसेवी बताया। प्राचार्य डा. विंध्याचल यादव द्वारा रचित कालीचरण एक जीवनी नामक पुस्तक का अतिथियों ने विमोचन किया। कॉलेज की छात्राओं एवं संग्राम यादव ने स्वागत गीत, सरस्वती वंदना आदि प्रस्तुत किया। इस अवसर पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एचएन मिश्र, पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा, पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दूबे, पूर्व सांसद रमाकांत यादव, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, विधायक डा. वीरेंद्र यादव, प्रिंसिपल डा. उमेश कुमार सिंह, ओमप्रकाश चौबे , सियाराम यादव, डा. विजय यादव, पूर्व कुलपति डा. पृथ्वीश नाग, पूर्व प्राचार्य डा. अपरबल यादव, कमलेश यादव, चौथी यादव, पूर्व प्रधानाचार्य रामधनी यादव, राममुरारी यादव, अभिषेक यादव, रामकुमार यादव, रणविजय यादव, रमाशंकर यादव, फूलचंद यादव, डा. पीयूष वर्मा आदि उपस्थित थे। संचालन सुदामा विश्वकर्मा एवं राम अवतार यादव ने संयुक्त रूप से किया। अंत में आयोजक प्रबंधक सभाजीत यादव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम सभी लोग उनके बताए रास्ते और उनके आदर्शों पर चलें। उन्होंने कहा कि गत वर्ष मैंने विश्वविद्यालय में रोजगार मेला लगाकर 26 कंपनियों के जरिए 735 छात्र-छात्राओं को रोजगार का अवसर सुलभ कराया था। यह 31 वर्षों के इतिहास में पहला अवसर था, जो आगे भी जारी रहेगा। विशिष्ट अतिथि राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वरनाथ सिंह ने कहा कि जीवन में स्थान और समय का महत्व होता है, जिसका मैं बखूबी पालन करता हूं। इस समारोह में भी मैं इन दोनों बंधनों से बंधा हूं। पूर्व शिक्षामंत्री ने समता महाविद्यालय नाम की संस्था खोलकर इस पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने का कार्य किया। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का आज मैं जितना भी वर्णन करूं कम ही होगा। इससे पहले कुलपति द्वय ने विशिष्ट अतिथियों के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद प्रबंधक सभाजीत यादव और प्राचार्य विंध्याचल यादव ने मंचासीन अतिथियों को माल्यार्पण, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मान किया। अतिथिद्वय ने समता पीजी कॉलेज में पूर्व शिक्षामंत्री की आदमकद और इंटर कॉलेज में लगी प्रतिमा का अनावरण तथा दोनों कॉलेजों में नवनिर्मित सभागारों का लोकार्पण किया। अध्यक्षता कर रहे उद्योग विभाग के पूर्व जीएम रामजी सिंह ने पूर्व शिक्षामंत्री के व्यक्तित्व और कृतित्व का उल्लेख करते हुए उन्हें महान शिक्षाविद और समाजसेवी बताया। प्राचार्य डा. विंध्याचल यादव द्वारा रचित कालीचरण एक जीवनी नामक पुस्तक का अतिथियों ने विमोचन किया। कॉलेज की छात्राओं एवं संग्राम यादव ने स्वागत गीत, सरस्वती वंदना आदि प्रस्तुत किया। इस अवसर पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एचएन मिश्र, पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा, पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दूबे, पूर्व सांसद रमाकांत यादव, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, विधायक डा. वीरेंद्र यादव, प्रिंसिपल डा. उमेश कुमार सिंह, ओमप्रकाश चौबे , सियाराम यादव, डा. विजय यादव, पूर्व कुलपति डा. पृथ्वीश नाग, पूर्व प्राचार्य डा. अपरबल यादव, कमलेश यादव, चौथी यादव, पूर्व प्रधानाचार्य रामधनी यादव, राममुरारी यादव, अभिषेक यादव, रामकुमार यादव, रणविजय यादव, रमाशंकर यादव, फूलचंद यादव, डा. पीयूष वर्मा आदि उपस्थित थे। संचालन सुदामा विश्वकर्मा एवं राम अवतार यादव ने संयुक्त रूप से किया। अंत में आयोजक प्रबंधक सभाजीत यादव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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