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रक्षाबंधन: बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी प्यार की डोर
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:12 PM IST
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गाजीपुर। जिले में रक्षाबंधन का पर्व सोमवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस मौके पर बहनों ने भाइयों के माथे में तिलक लगाने के साथ ही उनकी आरती उतारकर कलाई पर प्यार बांधा और मुंह मीठा कराया। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देते हुए उनकी रक्षा का संकल्प लिया। पर्व के चलते जहां बाजार में चहल-पहल बढ़ी रही, वहीं घरों में उत्साह जैसा माहौल बना रहा। जिला कारागार में भी बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने सुबह ही पहुंच गई थी और जेल का फाटक खुलते ही भाइयों की कलाई पर रेशम की डोर बांध मिठाई खिलाई।
रक्षाबंधन पर्व को लेकर पिछले कई दिनों से बहनों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा था। वे पर्व से संबंधित राखी सहित अन्य सामानों की खरीदारी में जुटी थी। पर्व की पूर्व संध्या पर देर रात तक बाजारों में खरीदारी के चलते में चहल-पहल बनी रही। सुबह ही बहने स्नान-ध्यान कर तैयार हो गई और मुहूर्त के अनुसार 11 बजने का इंतजार करने लगी। 11 बजे के बहनों द्वारा भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का क्रम शुरू हो गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी। इसके बाद उनकी कलाई पर राखियां बांधी। राखी बंधवाने के बाद भाइयों ने बहनों को उपहार देने के साथ ही उनके रक्षा का संकल्प लिया। मुहूर्त के अनुसार दिन में दो बजे तक राखी बांधना थी। लेकिन दूर-दराज से आने वाली जो बहने समय से नहीं पहुंच सकी, उन्होंने दो बजे के बाद भी भाइयों को कलाई पर राखी बांधी। जिनके भाई दूसरे जनपदों में थे, उन बहनों को राखी बांधने के लिए भाई की प्रतीक्षा करनी पड़ी। पर्व के चलते शहर में बंदी जैसी स्थिति रही। रोज गुलजार रहने वाली सड़कों पर आज नाममात्र को ही चहल-पहल दिखाई दी। उधर जिला कारागार में सुबह से ही बहनें अपने-अपने भाई को राखी बांधने के लिए पहुंच गई थी। घंटों इंतजार के बाद जेल का फाटक खुला और बहनों ने भाइयों को राखी बांधने के साथ मिठाई खिलाई। जिला जेल में बहनों को बारी-बारी से अंदर भेजा गया। यहां सुबह से दोपहर तक राखी बांधने का सिलसिला जारी रहा। सुहवल, मुहम्मदाबाद, गहमर, सेवराई, दिलदारनगर, जमानिया, मतसा, बारा, दुल्लहपुर, मरदह, बिरनों, जंगीपुर, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार, बहरियाबाद, शादियाबाद, सादात, भीमापार, करंडा, नंजगंज, देवकली, जखनिया, कासिमाबाद, मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा, सिधागरघाट सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में रक्षाबंधन का पर्व का उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। भाइयों ने बहनों को उपहार देने के साथ ही उनकी रक्षा का संकल्प लिया।
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रक्षाबंधन पर्व को लेकर पिछले कई दिनों से बहनों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा था। वे पर्व से संबंधित राखी सहित अन्य सामानों की खरीदारी में जुटी थी। पर्व की पूर्व संध्या पर देर रात तक बाजारों में खरीदारी के चलते में चहल-पहल बनी रही। सुबह ही बहने स्नान-ध्यान कर तैयार हो गई और मुहूर्त के अनुसार 11 बजने का इंतजार करने लगी। 11 बजे के बहनों द्वारा भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का क्रम शुरू हो गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी। इसके बाद उनकी कलाई पर राखियां बांधी। राखी बंधवाने के बाद भाइयों ने बहनों को उपहार देने के साथ ही उनके रक्षा का संकल्प लिया। मुहूर्त के अनुसार दिन में दो बजे तक राखी बांधना थी। लेकिन दूर-दराज से आने वाली जो बहने समय से नहीं पहुंच सकी, उन्होंने दो बजे के बाद भी भाइयों को कलाई पर राखी बांधी। जिनके भाई दूसरे जनपदों में थे, उन बहनों को राखी बांधने के लिए भाई की प्रतीक्षा करनी पड़ी। पर्व के चलते शहर में बंदी जैसी स्थिति रही। रोज गुलजार रहने वाली सड़कों पर आज नाममात्र को ही चहल-पहल दिखाई दी। उधर जिला कारागार में सुबह से ही बहनें अपने-अपने भाई को राखी बांधने के लिए पहुंच गई थी। घंटों इंतजार के बाद जेल का फाटक खुला और बहनों ने भाइयों को राखी बांधने के साथ मिठाई खिलाई। जिला जेल में बहनों को बारी-बारी से अंदर भेजा गया। यहां सुबह से दोपहर तक राखी बांधने का सिलसिला जारी रहा। सुहवल, मुहम्मदाबाद, गहमर, सेवराई, दिलदारनगर, जमानिया, मतसा, बारा, दुल्लहपुर, मरदह, बिरनों, जंगीपुर, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार, बहरियाबाद, शादियाबाद, सादात, भीमापार, करंडा, नंजगंज, देवकली, जखनिया, कासिमाबाद, मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा, सिधागरघाट सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में रक्षाबंधन का पर्व का उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। भाइयों ने बहनों को उपहार देने के साथ ही उनकी रक्षा का संकल्प लिया।
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