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धरना देकर सरकार के नकारात्मक रवैया का किया विरोध
Updated Tue, 29 May 2018 11:44 PM IST
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गाजीपुर। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर यूनियन बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने धरना आयोजित किया गया। इस मौके पर यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के संयोजक जितेंद्र शर्मा ने वर्तमान सरकार के बैंकिंग जगत के प्रति नकारात्मक रवैए का जमकर विरोध किया। 30-31 मई को देशव्यापी बैंक हड़ताल को सफल बनाने के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन समझौते पर टाल-मटोल का रवैया अपना रही है। आईबीए द्वारा वेतनवृद्धि के लिए मात्र दो प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव मांग पत्र को आईबीए द्वारा निपटाने में जानबूझकर देर करना एवं कुछ बैंकों की तरफ से मात्र स्केल-तीन तक के अधिकारियों तक ही वेतन समझौता की सहमति जताने का विरोध किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि वेतन समझौता जल्द करें। कहा कि वेतन में सम्मान जनक वृद्धि, सेवा शर्तों में बेहतरी तथा वेतन समझौते में स्केल-तीन तक के अधिकारियों को शामिल किया जाए। दीपक कुमार सिंह ने सरकार के हठधर्मी एवं तानाशाही रवैए का जमकर विरोध किया। उचित वेतन समझौता जल्द करने के लिए सरकार से आग्रह किया। सत्यम कुमार ने सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया। धर्मेंद्र प्रसाद ने भी सरकार की गलत मंशा के विरोध में हुंकार भरी। इस मौके पर ओमप्रकाश सिंह, योगेश नारायण सिंह, सूरज चौधरी, विकास कुमार, परिणिता, करिश्मा सिंह, श्रवण कुमार, रविकांत कुमार, अनिल कुमार, आरके सिन्हा, स्वेटालिना, विनोद प्रसाद, आशीष कुमार, सुधीर सिंह, अंबुज शर्मा, मुकेेश कुमार आदि मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने कहा कि 30 और 31 मई को होने वाली देशव्यापी बैंक हड़ताल को सफल बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन समझौते पर टाल-मटोल का रवैया अपना रही है। आईबीए द्वारा वेतनवृद्धि के लिए मात्र दो प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव मांग पत्र को आईबीए द्वारा निपटाने में जानबूझकर देर करना एवं कुछ बैंकों की तरफ से मात्र स्केल-तीन तक के अधिकारियों तक ही वेतन समझौता की सहमति जताने का विरोध किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि वेतन समझौता जल्द करें। कहा कि वेतन में सम्मान जनक वृद्धि, सेवा शर्तों में बेहतरी तथा वेतन समझौते में स्केल-तीन तक के अधिकारियों को शामिल किया जाए। दीपक कुमार सिंह ने सरकार के हठधर्मी एवं तानाशाही रवैए का जमकर विरोध किया। उचित वेतन समझौता जल्द करने के लिए सरकार से आग्रह किया। सत्यम कुमार ने सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया। धर्मेंद्र प्रसाद ने भी सरकार की गलत मंशा के विरोध में हुंकार भरी। इस मौके पर ओमप्रकाश सिंह, योगेश नारायण सिंह, सूरज चौधरी, विकास कुमार, परिणिता, करिश्मा सिंह, श्रवण कुमार, रविकांत कुमार, अनिल कुमार, आरके सिन्हा, स्वेटालिना, विनोद प्रसाद, आशीष कुमार, सुधीर सिंह, अंबुज शर्मा, मुकेेश कुमार आदि मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने कहा कि 30 और 31 मई को होने वाली देशव्यापी बैंक हड़ताल को सफल बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं।
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