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हिस्ट्रीशीटर है एसओ से गलबहिया करने वाला शातिर
Updated Mon, 06 Nov 2017 11:18 PM IST
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गाजीपुर/दुबिहा। नोनहरा थानाध्यक्ष से गलबहियां करने वाला शातिर करीमुुद्दीनपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। यही नहीं करीमुद्दीनपुर, भांवरकोल और नोनहरा थाने में करीब 20 अपराध के संगीन मामले शातिर अमित राय पर दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार फिलहाल वह जमानत पर चल रहा है।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार भांवरकोल थाना में अमित के खिलाफ छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसमें हत्या, लूट और गैंगस्टर तक के मामले शामिल हैं। इसी तरह करीमुद्दीपुर थाना में 13 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें धमकी, लूट, हत्या का प्रयास सहित अन्य मामलों के साथ वह हिस्ट्रीशीटर भी है। थाने के रजिस्टर में क्रमांक संख्या-47 ए पर हिस्ट्रीशीटर के रुप में उसका नाम दर्ज है। सूत्रों की मानी जाए तो जरायम की दुनिया में कदम रखने से पहले इस शातिर अपराधी ने एक गांव में हुए बच्चों के विवाद में गोली चलाकर अपनी शुरूआत की थी। इसके बाद भांवरकोल थाना क्षेत्र के भरगुपुर के प्रधान के घर पर चढ़कर रंगदारी न देने पर गोली चलाने के मामले मेें भी इसका नाम प्रकाश में आया था। फिर इसी थाना क्षेत्र के खैराबारी गांव में हुई एक यादव की हत्या में भी इसका नाम आया। यह सबसे चर्चित तब हुआ जब करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के रेड़मार निवासी ब्रह्मेश्वर उपाध्याय की हत्या बीते 21 मार्च 2016 को हुई थी तो परिजनों ने वहीं के कोटेदार बिंदेसरी उपाध्याय सहित अज्ञात के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। जब पुलिस ने इसको गिरफ्तार करके कड़ाई से पूछताछ की तो हत्या में शामिल होना स्वीकारा। इसी बीच लठ्ठूडीह बाजार में मिठाई विक्रेता के काउंटर पर भी गोली चली थी। इस मामले में भी इसका नाम आया था।
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पुलिस रिकार्ड के अनुसार भांवरकोल थाना में अमित के खिलाफ छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसमें हत्या, लूट और गैंगस्टर तक के मामले शामिल हैं। इसी तरह करीमुद्दीपुर थाना में 13 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें धमकी, लूट, हत्या का प्रयास सहित अन्य मामलों के साथ वह हिस्ट्रीशीटर भी है। थाने के रजिस्टर में क्रमांक संख्या-47 ए पर हिस्ट्रीशीटर के रुप में उसका नाम दर्ज है। सूत्रों की मानी जाए तो जरायम की दुनिया में कदम रखने से पहले इस शातिर अपराधी ने एक गांव में हुए बच्चों के विवाद में गोली चलाकर अपनी शुरूआत की थी। इसके बाद भांवरकोल थाना क्षेत्र के भरगुपुर के प्रधान के घर पर चढ़कर रंगदारी न देने पर गोली चलाने के मामले मेें भी इसका नाम प्रकाश में आया था। फिर इसी थाना क्षेत्र के खैराबारी गांव में हुई एक यादव की हत्या में भी इसका नाम आया। यह सबसे चर्चित तब हुआ जब करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के रेड़मार निवासी ब्रह्मेश्वर उपाध्याय की हत्या बीते 21 मार्च 2016 को हुई थी तो परिजनों ने वहीं के कोटेदार बिंदेसरी उपाध्याय सहित अज्ञात के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। जब पुलिस ने इसको गिरफ्तार करके कड़ाई से पूछताछ की तो हत्या में शामिल होना स्वीकारा। इसी बीच लठ्ठूडीह बाजार में मिठाई विक्रेता के काउंटर पर भी गोली चली थी। इस मामले में भी इसका नाम आया था।
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