{"_id":"59da6f6f4f1c1b98678b4ade","slug":"131507487599-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चांद देख चलनी से किया पिया का दीदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चांद देख चलनी से किया पिया का दीदार
Updated Mon, 09 Oct 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। पति की दीर्घायु के लिए रखा जाने वाला करवा चौथ का पर्व रविवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सौभाग्यवती महिलाओं ने विश्वास और प्रेम के साथ इस पर्व को पूरे विधि-विधान से मनाया। पूजा-पाठ की सामग्री की खरीद के लिए आज दोपहर तक बाजारों में चहल-पहल बनी रही। इसके बाद महिलाओं में शाम को संजने-संवरने का क्रम बना रहा। अंत में व्रती महिलाओं ने चांद देखकर चलनी से पिया का दीदार किया। बाद में पति ने पत्नी को पानी पिलाकर मुंह मीठा कराया। इस पर्व के चलते जहां घरों में उत्सव का माहौल रहा, वहीं महिलाओं की भी व्यस्तता बनी रही। इस पर्व के मद्देनजर घरों में कई पकवान बनाए गए।
करवाचौथ पर खरीदारी का क्रम शाम तक बना रहा। मिश्रबाजार में दूकानों पर महिलाएं पर्व से संबंधित सामान खरीदती नजर आईं। शाम को पांच बजे के बाद से पूजा के लिए व्रती महिलाओं द्वारा सजने-संवरने का क्रम शुरू हो गया। कई महिलाएं ब्यूरी पार्लरों में भी गईं, मेहंदी भी रचाया। इस तैयारी में घर की अन्य महिलाएं भी हाथ बंटाती रहीं। उनके उत्साह के चलते घरों का माहौल खुशगवार बना रहा। दिन भर व्रत रहने के बाद देर शाम को आखिरकार वह समय आ ही गया, जिसका सौभाग्यवती महिलाओं को बेकरारी से इंतजार था। देर शाम चांद के निकलने बाद सोलह शृंगार किए व्रत रखी महिलाएं घरों की छतों पर पूजा के लिए पहुंच गईं। चलनी से चांद का दीदार किया। कई महिलाओं ने अपने आंगन या घर के बाहर खड़े होकर चांद का दीदार किया। चांद के दर्शन के बाद परंपरा के अनुसार पति ने अरघे से पत्नी को पानी पिलाकर मुंह मीठा कराया। पर्व को लेकर व्रत रहने वाली सुहागिनों के घर में खुशी का माहौल था। व्रती महिलाओं के साथ ही परिवार की अन्य महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। देर रात तक पर्व की खुशियां घरों में दिखाई देती रही।
विज्ञापन
करवाचौथ पर खरीदारी का क्रम शाम तक बना रहा। मिश्रबाजार में दूकानों पर महिलाएं पर्व से संबंधित सामान खरीदती नजर आईं। शाम को पांच बजे के बाद से पूजा के लिए व्रती महिलाओं द्वारा सजने-संवरने का क्रम शुरू हो गया। कई महिलाएं ब्यूरी पार्लरों में भी गईं, मेहंदी भी रचाया। इस तैयारी में घर की अन्य महिलाएं भी हाथ बंटाती रहीं। उनके उत्साह के चलते घरों का माहौल खुशगवार बना रहा। दिन भर व्रत रहने के बाद देर शाम को आखिरकार वह समय आ ही गया, जिसका सौभाग्यवती महिलाओं को बेकरारी से इंतजार था। देर शाम चांद के निकलने बाद सोलह शृंगार किए व्रत रखी महिलाएं घरों की छतों पर पूजा के लिए पहुंच गईं। चलनी से चांद का दीदार किया। कई महिलाओं ने अपने आंगन या घर के बाहर खड़े होकर चांद का दीदार किया। चांद के दर्शन के बाद परंपरा के अनुसार पति ने अरघे से पत्नी को पानी पिलाकर मुंह मीठा कराया। पर्व को लेकर व्रत रहने वाली सुहागिनों के घर में खुशी का माहौल था। व्रती महिलाओं के साथ ही परिवार की अन्य महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। देर रात तक पर्व की खुशियां घरों में दिखाई देती रही।
विज्ञापन