{"_id":"5beb0bc5bdec22698671fe14","slug":"11542130629-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाला छठ: व्रती महिलाओं ने की सूर्य की उपासना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाला छठ: व्रती महिलाओं ने की सूर्य की उपासना
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। शहर के साथ जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में सूर्य उपासना के पर्व डाला छठ पर अस्ताचल सूर्य देव को प्रथम अर्घ्य मंगलवार की शाम को दिया गया। व्रती महिलाएं समूह में छठ मैया का गीत गाते हुए गंगा घाट पर पहुंची। वेदी पर पूजन-अर्चन करने के बाद डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। एक तरफ जहां शहर के गंगा घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा घाट और पोखरी भी भक्तों से गुलजार रहे।
दोपहर बाद व्रती महिलाओं तथा उनके परिवार के सदस्यों का गंगा घाटों के लिए निकलने लगे। सिर पर पूजा सामग्री से भरी दौरी और सूप लेकर परिवार के पुरुष सदस्य घाटो पर पहुंचते रहे। यह क्रम घंटों जारी रहा। चार बजते-बजते सभी गंगा घाट श्रद्धालुओं से पट गए। व्रती महिलाओं ने सुपेली में फल, पान की पत्ती, सुपारी, नारियल, अगरौटा आदि पूजा संबंधित सामानों को सजा कर उसे विशिष्ट रूप दिया। इसके बाद वेदी को गंगा जल से धोकर धूप-अगरबत्ती जलाने और ईख को खड़ा कर कलश स्थापित किया। इसके बाद पूजन-अर्चन शुरू किया। सूर्यास्त से पहले व्रती महिलाएं गंगा में पहुंची और हाथों में सुपेली लेकर सूर्य की उपासना में लीन हो गई। बाद में अस्त होते सूर्य को व्रती महिलाओं के पुत्र, पति, बेटी सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने छह बार अर्घ्य दिया। शहर के कलेक्टर घाट, ददरीघाट, बड़ा महादेवा घाट, सिकंदरपुर घाट, चीतनाथ घाट, अंजही घाट, पोस्ताघाट, नवापुरा घाट, कोयला घाट, पत्थर घाट सहित अन्य घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा। अर्घ्य का कार्य संपन्न होने के बाद व्रती महिलाएं तथा उनके घर के सदस्य घरों को लौटे। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद, भांवरकोल, बहादुरगंज, सिधागरघाट, कठवामोड़, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, जखनिया, बहरियाबाद, शादियाबाद, सादात, भीमापार, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार, नंदगंज, देवकली, करंडा, सहेड़ी, गहमर, सेवराई, दिलदारनगर, जमानिया, मतसा, सुहवल, रेवतीपुर, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में आस्था का पर्व डाला छठ हर्षोल्लास मनाया गया।
विज्ञापन
दोपहर बाद व्रती महिलाओं तथा उनके परिवार के सदस्यों का गंगा घाटों के लिए निकलने लगे। सिर पर पूजा सामग्री से भरी दौरी और सूप लेकर परिवार के पुरुष सदस्य घाटो पर पहुंचते रहे। यह क्रम घंटों जारी रहा। चार बजते-बजते सभी गंगा घाट श्रद्धालुओं से पट गए। व्रती महिलाओं ने सुपेली में फल, पान की पत्ती, सुपारी, नारियल, अगरौटा आदि पूजा संबंधित सामानों को सजा कर उसे विशिष्ट रूप दिया। इसके बाद वेदी को गंगा जल से धोकर धूप-अगरबत्ती जलाने और ईख को खड़ा कर कलश स्थापित किया। इसके बाद पूजन-अर्चन शुरू किया। सूर्यास्त से पहले व्रती महिलाएं गंगा में पहुंची और हाथों में सुपेली लेकर सूर्य की उपासना में लीन हो गई। बाद में अस्त होते सूर्य को व्रती महिलाओं के पुत्र, पति, बेटी सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने छह बार अर्घ्य दिया। शहर के कलेक्टर घाट, ददरीघाट, बड़ा महादेवा घाट, सिकंदरपुर घाट, चीतनाथ घाट, अंजही घाट, पोस्ताघाट, नवापुरा घाट, कोयला घाट, पत्थर घाट सहित अन्य घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा। अर्घ्य का कार्य संपन्न होने के बाद व्रती महिलाएं तथा उनके घर के सदस्य घरों को लौटे। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद, भांवरकोल, बहादुरगंज, सिधागरघाट, कठवामोड़, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, जखनिया, बहरियाबाद, शादियाबाद, सादात, भीमापार, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार, नंदगंज, देवकली, करंडा, सहेड़ी, गहमर, सेवराई, दिलदारनगर, जमानिया, मतसा, सुहवल, रेवतीपुर, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में आस्था का पर्व डाला छठ हर्षोल्लास मनाया गया।
विज्ञापन