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इनामिया परमबीर ने जेल को किया अशांत
Updated Fri, 17 Aug 2018 11:25 PM IST
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गाजीपुर। ढ़ाई लाख के ईनामिया एक कैदी ने बुधवार को जिला कारागार को हिला कर रख दिया। परमवीर नाम के इस कैदी ने जिला कारागार में निरुद्ध सभी बंदियों को एकजुट करते हुए कारागार के अंदर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। स्थिति यह थी कि एक कैदी के आगे पूरा जेल प्रशासन इस कदर बेबस की स्थिति में भागता नजर आया कि कैदी जिला कारागार के चप्पे-चप्पे में बेखौफ घूमते रहे और उत्पात मचाते रहे। यह सब कुछ एक कैदी के नियंत्रण में चलता रहा। जेल प्रशासन के लिए यह कैदी उसी समय से सिरदर्द बना हुआ है, जब से उसे यहां लाया गया। ईनामिया कैदी एक माह पूर्व बलिया जिला जेल से लाया गया था, वहां काफी उत्पात मचाने पर उसे स्थानांतरित कर गाजीपुर जेल में भेजा गया।
बागपत जनपद के सुगाना थाना छपरौली निवासी ईनामिया बदमाश परमवीर पुत्र ओमकार को जुलाई माह में बलिया से जिला जेल लाया गया। बागपत में कुख्यात मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या के बाद से इस कैदी पर भी कड़ी निगरानी रखी जाने लगी। बागपत के इस कैदी पर ढ़ाई लाख का ईनाम घोषित है। जेल सूत्रों की माने तो यहां आने के बाद परमवीर कैदियों को भड़काने लगा। वह सभी कैदियों से अक्सर यह कहता था कि खामोश रहोगे तो हर सुविधा छिन जाएगी। कुछ ऐसा करो कि जेल प्रशासन हम लोगों के कहने में रहे। यह बात अधिकारियों के कानों तक पहुंचने के बाद वह अलर्ट हो गए और उसकी निगरानी और कड़ी कर दी गई। निरंतर तलाशी तथा चेकिंग के बाद अब मोबाइल टेकर और सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने का कार्य तेजी से चल रहा था, लेकिन परमवीर सहित चंद कैदी ऐसा होने देना नहीं चाह रहे थे। वह इसका विरोध करते, लेकिन कोई मुद्दा नहीं मिल रहा था। शुक्रवार को पीएसी जवानों की देखरेख में जेलर एससी त्रिपाठी ने बारी-बारी से एक-एक बैरकों की तलाशी ली। सबसे पहले वह एक नंबर बैरक को चेक किए। इसके बाद चार ,सात नंबर, छह नंबर और हास्पिटल वार्ड, सेल तक की तलाशी चली। तलाशी कर जैसे ही जेलर वापस जाने लगे परमवीर ने जेलर को निशाना बनाकर पत्थर मारा, लेकिन वह किसी तरह बच गए। इसके बाद पथराव शुरू हो गया। कैदी एकजुट हो गए और अंदर की चहारदीवारी फांद कर परिसर में आ गए और ईंट-पत्थर चलाने लगे। इनका नेतृत्व परमवीर कर रहा था।
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बागपत जनपद के सुगाना थाना छपरौली निवासी ईनामिया बदमाश परमवीर पुत्र ओमकार को जुलाई माह में बलिया से जिला जेल लाया गया। बागपत में कुख्यात मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या के बाद से इस कैदी पर भी कड़ी निगरानी रखी जाने लगी। बागपत के इस कैदी पर ढ़ाई लाख का ईनाम घोषित है। जेल सूत्रों की माने तो यहां आने के बाद परमवीर कैदियों को भड़काने लगा। वह सभी कैदियों से अक्सर यह कहता था कि खामोश रहोगे तो हर सुविधा छिन जाएगी। कुछ ऐसा करो कि जेल प्रशासन हम लोगों के कहने में रहे। यह बात अधिकारियों के कानों तक पहुंचने के बाद वह अलर्ट हो गए और उसकी निगरानी और कड़ी कर दी गई। निरंतर तलाशी तथा चेकिंग के बाद अब मोबाइल टेकर और सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने का कार्य तेजी से चल रहा था, लेकिन परमवीर सहित चंद कैदी ऐसा होने देना नहीं चाह रहे थे। वह इसका विरोध करते, लेकिन कोई मुद्दा नहीं मिल रहा था। शुक्रवार को पीएसी जवानों की देखरेख में जेलर एससी त्रिपाठी ने बारी-बारी से एक-एक बैरकों की तलाशी ली। सबसे पहले वह एक नंबर बैरक को चेक किए। इसके बाद चार ,सात नंबर, छह नंबर और हास्पिटल वार्ड, सेल तक की तलाशी चली। तलाशी कर जैसे ही जेलर वापस जाने लगे परमवीर ने जेलर को निशाना बनाकर पत्थर मारा, लेकिन वह किसी तरह बच गए। इसके बाद पथराव शुरू हो गया। कैदी एकजुट हो गए और अंदर की चहारदीवारी फांद कर परिसर में आ गए और ईंट-पत्थर चलाने लगे। इनका नेतृत्व परमवीर कर रहा था।
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