{"_id":"5bdc8d86bdec22699c0c14ff","slug":"101541180806-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच के नाम पर प्रधानों का शोषण बर्दाश्त नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच के नाम पर प्रधानों का शोषण बर्दाश्त नहीं
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मरदह(गाजीपुर)। स्थानीय ब्लाक मुख्यालय के सभागार में राष्ट्रीय पंचायती राज प्रधान संघ की बैठक गुरुवार को हुई। इसमें जिलाध्यक्ष भयंकर यादव ने संगठन की मजबूती पर बल देते हुए कहा कि ग्राम प्रधानों का आए दिन जांच के नाम पर शोषण किया जा रहा है। इसे अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्पीड़न के साथ ही गांव के विकास कार्य में बाधा उत्पन्न करने जैसे काम हो रहे हैं। इसको लेकर प्रधान संघ ने कमर कस ली है।
उन्होंने कहा कि 23 नवंबर को जिला सम्मेलन विकास भवन परिसर में प्रस्तावित है। इसमें अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रधानों को अपनी ताकत का एहसास जिला प्रशासन को कराना है। जिला महासचिव आकाश राजभर ने कहा कि 23 नवंबर 2016 को शासनादेश निर्गत किया गया है कि प्रधान का मानदेय 3500 प्रतिमाह एवं 15000 हजार आनुषांगिक व्यय तथा 5000 आकस्मिक व्यय पर खर्च किया जाना है। इससे हमारे प्रधान इस शासनादेश के लाभ से वंचित हैं। डीपीआरओ से सभी ग्राम सचिवों को आदेशित कर शासनादेश का पालन कराने की मांग की। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष मुन्ना राजभर, प्रमुख प्रतिनिधि डा. नितेश सिंह कुशवाहा, ब्लाक अध्यक्ष अशोक यादव, सुनील राम, पुंजेश सिंह, लालजी यादव, उदयभान राजभर, प्यारे राजभर, शिवजन्म राजभर, सुरेश यादव, सुनील गुप्ता, जितेंद्र खरवार, भोला चौहान, चंद्रभान यादव, रामबहादुर, मंजू त्रिपाठी, रामजीत, अकालू, विरेन्द्र राम, हरिकांत, रामऔतार, शर्माजीत, वशिष्ठ, बद्री, प्रदीप, रामाश्रय, मुन्ना यादव, ओमप्रकाश, हरिकेश, विरेंद्र यादव, यशवंत, रमाकांत यादव आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि 23 नवंबर को जिला सम्मेलन विकास भवन परिसर में प्रस्तावित है। इसमें अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रधानों को अपनी ताकत का एहसास जिला प्रशासन को कराना है। जिला महासचिव आकाश राजभर ने कहा कि 23 नवंबर 2016 को शासनादेश निर्गत किया गया है कि प्रधान का मानदेय 3500 प्रतिमाह एवं 15000 हजार आनुषांगिक व्यय तथा 5000 आकस्मिक व्यय पर खर्च किया जाना है। इससे हमारे प्रधान इस शासनादेश के लाभ से वंचित हैं। डीपीआरओ से सभी ग्राम सचिवों को आदेशित कर शासनादेश का पालन कराने की मांग की। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष मुन्ना राजभर, प्रमुख प्रतिनिधि डा. नितेश सिंह कुशवाहा, ब्लाक अध्यक्ष अशोक यादव, सुनील राम, पुंजेश सिंह, लालजी यादव, उदयभान राजभर, प्यारे राजभर, शिवजन्म राजभर, सुरेश यादव, सुनील गुप्ता, जितेंद्र खरवार, भोला चौहान, चंद्रभान यादव, रामबहादुर, मंजू त्रिपाठी, रामजीत, अकालू, विरेन्द्र राम, हरिकांत, रामऔतार, शर्माजीत, वशिष्ठ, बद्री, प्रदीप, रामाश्रय, मुन्ना यादव, ओमप्रकाश, हरिकेश, विरेंद्र यादव, यशवंत, रमाकांत यादव आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन