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परिवहन आयुक्त ने दिया नियुक्ति में हुई धांधली की जांच का निर्देश
Updated Sun, 24 Sep 2017 11:47 PM IST
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करंडा। विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट की जांच के लिए परिवहन आयुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी समेत आला-अधिकारियों की टीम रविवार को दिन में 11 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। स्वाभिमान संगठन के महामंत्री की शिकायत पर परिवहन आयुक्त ने जिलाधिकारी को जननी सुरक्षा और आशा संगिनी की नियुक्ति में धांधली की जांच करने का निर्देश दिया।
परिवहन आयुक्त के स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने की जानकारी होते ही स्वाभिमान संगठन के महामंत्री राजेश मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों को जननी सुरक्षा, आशा संगिनी की नियुक्ति में धांधली, मरीजों और तीमारदारों के लिए पंखा न होना, लैब टेक्नीशियन एवं बेड आदि न होने की शिकायत की। इस पर परिवहन आयुक्त ने डीएम को जननी सुरक्षा और आशा संगिनी की नियुक्ति में धांधली की जांच करने का निर्देश दिया। अस्पताल में आपातकालीन सेवा का रजिस्टर न मिलने पर प्रभारी चिकित्सक और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जीसी मौर्या से नाराजगी जताते हुए रात्रि सेवा बहाल करने का निर्देश दिया। जांच के बाद अधिकारियों ने सीएमओ को एक अतिरिक्त सफाई कर्मी, लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति एवं अस्पताल में बेड उपलब्ध कराने को कहा।
मालूम हो कि 50 हजार की आबादी पर एक ही अस्पताल है, जहां तीन डॉक्टरों की नियुक्ति है और लगभग 300 मरीज प्रतिदिन अस्पताल पर पहुंचते हैं। पिछले दिनों स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष डॉ. देवेश सिंह, महासचिव सोनू सिंह एवं राजेश मिश्रा सहित आधा दर्जन कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मिली खामियों से सीएमओ को अवगत कराया था। अधिकारियों के निरीक्षण और जांच के आदेश के बाद क्षेत्रवासियों में सुधार होने की उम्मीद जगी है।
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परिवहन आयुक्त के स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने की जानकारी होते ही स्वाभिमान संगठन के महामंत्री राजेश मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों को जननी सुरक्षा, आशा संगिनी की नियुक्ति में धांधली, मरीजों और तीमारदारों के लिए पंखा न होना, लैब टेक्नीशियन एवं बेड आदि न होने की शिकायत की। इस पर परिवहन आयुक्त ने डीएम को जननी सुरक्षा और आशा संगिनी की नियुक्ति में धांधली की जांच करने का निर्देश दिया। अस्पताल में आपातकालीन सेवा का रजिस्टर न मिलने पर प्रभारी चिकित्सक और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जीसी मौर्या से नाराजगी जताते हुए रात्रि सेवा बहाल करने का निर्देश दिया। जांच के बाद अधिकारियों ने सीएमओ को एक अतिरिक्त सफाई कर्मी, लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति एवं अस्पताल में बेड उपलब्ध कराने को कहा।
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मालूम हो कि 50 हजार की आबादी पर एक ही अस्पताल है, जहां तीन डॉक्टरों की नियुक्ति है और लगभग 300 मरीज प्रतिदिन अस्पताल पर पहुंचते हैं। पिछले दिनों स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष डॉ. देवेश सिंह, महासचिव सोनू सिंह एवं राजेश मिश्रा सहित आधा दर्जन कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मिली खामियों से सीएमओ को अवगत कराया था। अधिकारियों के निरीक्षण और जांच के आदेश के बाद क्षेत्रवासियों में सुधार होने की उम्मीद जगी है।
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