{"_id":"f01e26dace08e2917a920c4ad12e8d09","slug":"sp-in-the-jat-brahmin-came-to-lucknow-to-shore-up-the-case-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा में जाट-ब्राह्मण को किया किनारे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा में जाट-ब्राह्मण को किया किनारे
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 20 Jun 2015 06:58 PM IST
विज्ञापन
सत्ताधारी पार्टी में ब्राह्मण और जाट नेताओं को किनारे करने के आरोप लग रहे हैं। ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष को दो बार पद देकर दो-तीन दिन बाद हटाने को सामाजिक सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
इससे पहले जाट नेता भी भेदभाव का आरोप लगा चुके है। इसको लेकर मंडल के नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात का वक्त मांगा है। 2 जुलाई को मंडल के ब्राह्मण संघ की बैठक बुलाई गई है।
विज्ञापन
सत्ताधारी पार्टी में जातिगत आधार पर भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। मुख्यमंत्री को गुमराह रखकर पार्टी संगठन में मनमाने मनोनयन को आधार बनाया जा रहा है।
हालिया मामला पूर्व छात्र नेता और समाजवादी से लंबे समय से जुड़े रहे मनोज शर्मा का है। उनको युवजन सभा का दो बार प्रदेश पदाधिकारी बनाया गया और दोनों बार ही दो-तीन दिन बाद पद से हटा दिया गया।
विज्ञापन
इसके खिलाफ ब्राह्मण समाज एकजुट हो रहा है। ब्राह्मण समाज के प्रदेश पदाधिकारी ईश्वरचंद शर्मा ने बताया कि इसको लेकर 2 जुलाई को मंडलीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।
इसके साथ ही धर्मवीर डबास को पद से हटाने को जाट समाज अपने सम्मान से जोड़ रहा है। महिला सभा की पूर्व जिलाध्यक्ष मधु चौधरी ने धर्मवीर डबास को जिम्मेदारी देने की मांग की है।