{"_id":"111-33980","slug":"Ghaziabad-33980-111","type":"story","status":"publish","title_hn":"विज्ञापन पॉलिसी को निगम ‘कैबिनेट’ की मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विज्ञापन पॉलिसी को निगम ‘कैबिनेट’ की मंजूरी
Ghaziabad
Updated Fri, 17 Jan 2014 05:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पार्किंग शुल्क नहीं अब पार्किंग यूजर चार्ज वसूलेगा निगम, जनता पर बोझ डालने के दो प्रस्ताव निगम में पास
लोगों के विरोध पर निगम ने किया संशोधन, एक मुश्त दो या जमा करो सालाना
6 लाख तक की कारों पर 500 और इससे ऊपर एक हजार रुपये सालाना यूजर चार्ज
हाउस टैक्स के साथ लोगों को मिलेगा बिल
गाजियाबाद। नगर निगम जनता की जेब पर दोहरा बोझ डालने जा रहा है। पार्किंग यूजर चार्ज और विज्ञापन टैक्स के नाम पर निगम वाहन मालिकों और दुकानदारों की जेब से पैसा निकालेगा। बृहस्पतिवार को निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में दोनों प्रस्तावों को पास कर दिया गया। अब निगम सदन और शासन से मंजूरी मिलने के बाद पार्किंग और विज्ञापन नियमावली को महानगर में लागू कर दिया जाएगा। इससे कार मालिकों के साथ ही मालवाहक वाहन मालिकों, पान-खोखे वालों और दुकानदारों पर भी बोझ बढ़ेगा। दूसरी ओर, निगम ने हाउस टैक्स जमा करने के लिए ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीम लागू करके कर जनता को बड़ी राहत भी दी है।
महापौर तेलूराम कांबोज की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी बैठक में नगर आयुक्त आरके सिंह, उपाध्यक्ष राजेंद्र त्यागी समेत 12 पार्षदों के बीच नियमावली पर चर्चा हुई। पार्किंग और विज्ञापन नियमावली पर लोगों के विरोध के बाद कार्यकारिणी ने कई संशोधन किए हैं। अब पार्किंग शुल्क की बजाय निगम ने इसे पार्किंग यूजर चार्ज का नाम दिया है। घरों के बाहर खड़ी होने वाले वाहनों से निगम ने रजिस्ट्रेशन के समय पर एकमुश्त 15 हजार रुपये लेने की बजाय इसे दो कैटेगरी में बांटकर सालाना किस्तों में लेने का प्रावधान किया है। अब 6 लाख कीमत तक की कारों पर 500 रुपये सालाना और इससे ज्यादा कीमत वाली कार पर 1000 रुपये सालाना हाउस टैक्स के साथ जोड़कर वसूला जाएगा। पार्किंग यूजर चार्ज से होने वाली इनकम को निगम सड़क निर्माण पर खर्च करेगा। दो नियमावली पास करने के बाद महापौर ने कार्यकारिणी बैठक स्थगित कर दी।
कामर्शियल वाहन भी जद में
निगम सभी औद्योगिक क्षेत्रों में पार्किंग स्थल बनाएगा। सड़कों पर 30 मिनट से ज्यादा खड़े होने वाहनों को निगम खींच कर पार्किंग स्थलों तक लाएगा। छोटे मालवाहक वाहनों से 500 और बस-ट्रकों से 1000 हजार रुपये जुर्माना और पार्किंग शुल्क वसूलने के बाद ही वाहनों को छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
अपने विज्ञापन पर राहत, कंपनी का किया तो लगेगा टैक्स
निगम ने छोटे दुकानदारों को राहत दी है। ऐसे विज्ञापनों को टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया गया है जो सिर्फ अपनी दुकानों के नाम का बोर्ड लगाते हैं। किसी कंपनी या ब्रांडेड उत्पाद का विज्ञापन लगाने पर दुकानदार को विज्ञापन टैक्स देना होगा। लाइटयुक्त विज्ञापन बोर्ड पर निगम किसी तरह की राहत नहीं देगा।
धार्मिक , सामाजिक , राजनीतिक विज्ञापन पर बोझ
राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के विज्ञापन को शुल्क के दायरे में ला दिया है। हालांकि निगम ने इनसे नाममात्र का शुल्क लेने का प्रस्ताव पास किया है। धार्मिक संस्थाओं से महज 100 से 200 रुपये प्रति होर्डिंग वसूला जाएगा।
टैक्स ओटीएस पर 20 प्रतिशत छूट
निगम ने दो तरफ से जनता की जेब पर बोझ डालने के प्रस्ताव पास करने के साथ-साथ राहत भी दी है। निगम के बड़े टैक्स बकाएदारों से दंड शुल्क वसूलने की बजाए उनके लिए ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीम लागू करने का निर्णय लिया है। बकाएदारों को एकमुश्त टैक्स जमा कराने पर 20 फीसदी की छूट दी जाएगी। हालांकि निगम अफसरों ने कार्यकारिणी के इस प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन महापौर तेलूराम कांबोज और कार्यकारिणी उपाध्यक्ष राजेंद्र त्यागी के अड़ जाने पर अफसरों ने इसे सहमति दी।
बिना पार्किंग नहीं बनेंगे मकान
पार्किंग समस्या को देखते हुए शहर में अब बिना पार्किंग स्पेस के मकान बनाने पर रोक की तैयारी की जा रही है। निगम कार्यकारिणी समिति ने प्रस्ताव पास कर जीडीए और आवास विकास परिषद को भेजने की तैयारी कर ली है। निगम कार्यकारिणी का कहना है कि बिना पार्किंग सुनिश्चित किए मकानों का नक्शा किसी सूरत में पास न किया जाए। अपार्टमेंट में फ्लैट की संख्या के बराबर कार पार्किंग जरूर बने।
एमएनएलपी के पेंच कसे
पोस्ट ऑडिट की जिद पर अड़े मुख्य नगर लेखा परीक्षक केवी श्रीवास्तव के कार्यकारिणी समिति ने पेंच कसे। समिति उपाध्यक्ष राजेंद्र त्यागी ने कड़े शब्दों में कहा कि वह निगम का हित नहीं छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऑडिटिंग न करने पर सीए नियुक्त कराकर आडिट कराने का प्रस्ताव पास किया गया।
बीओटी फर्मों पर शिकंजा
कार्यकारिणी ने अनुबंध का उल्लंघन कर रही बीओटी फर्मों को नोटिस जारी कर अनुबंध निरस्त कराने को कहा। अनुबंध के मुताबिक उन्हें विज्ञापन की एवज में स्ट्रीट लाइट की मेंटीनेंस, विद्युत बिल का भुगतान करना होगा।
नियमावलियों में खास-खास
निगम कारों के लिए कालोनियों में भी बनाएगा पार्किंग स्थल
सेल्फ डिक्लेरेशन फार्म भरकर देनी होगी वाहनों की जानकारी
सड़क पर खराब हुए वाहनों को मिलेगी पार्किंग शुल्क से छूट
बारात घर, फार्म हाउस संचालकों से भी एक मुश्त लिया जाएगा पार्किंग यूजर चार्ज
वाहन पार्किंग में मिलेगी होलोग्राम वाली रसीद
घर की छतों पर विज्ञापन लगाने वालों से वसूला जाएगा टैक्स
दिल्ली की तर्ज पर पोस्टर, बैनर, वॉल पेंटिंग विज्ञापन पर रोक
विज्ञापन
लोगों के विरोध पर निगम ने किया संशोधन, एक मुश्त दो या जमा करो सालाना
6 लाख तक की कारों पर 500 और इससे ऊपर एक हजार रुपये सालाना यूजर चार्ज
हाउस टैक्स के साथ लोगों को मिलेगा बिल
गाजियाबाद। नगर निगम जनता की जेब पर दोहरा बोझ डालने जा रहा है। पार्किंग यूजर चार्ज और विज्ञापन टैक्स के नाम पर निगम वाहन मालिकों और दुकानदारों की जेब से पैसा निकालेगा। बृहस्पतिवार को निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में दोनों प्रस्तावों को पास कर दिया गया। अब निगम सदन और शासन से मंजूरी मिलने के बाद पार्किंग और विज्ञापन नियमावली को महानगर में लागू कर दिया जाएगा। इससे कार मालिकों के साथ ही मालवाहक वाहन मालिकों, पान-खोखे वालों और दुकानदारों पर भी बोझ बढ़ेगा। दूसरी ओर, निगम ने हाउस टैक्स जमा करने के लिए ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीम लागू करके कर जनता को बड़ी राहत भी दी है।
महापौर तेलूराम कांबोज की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी बैठक में नगर आयुक्त आरके सिंह, उपाध्यक्ष राजेंद्र त्यागी समेत 12 पार्षदों के बीच नियमावली पर चर्चा हुई। पार्किंग और विज्ञापन नियमावली पर लोगों के विरोध के बाद कार्यकारिणी ने कई संशोधन किए हैं। अब पार्किंग शुल्क की बजाय निगम ने इसे पार्किंग यूजर चार्ज का नाम दिया है। घरों के बाहर खड़ी होने वाले वाहनों से निगम ने रजिस्ट्रेशन के समय पर एकमुश्त 15 हजार रुपये लेने की बजाय इसे दो कैटेगरी में बांटकर सालाना किस्तों में लेने का प्रावधान किया है। अब 6 लाख कीमत तक की कारों पर 500 रुपये सालाना और इससे ज्यादा कीमत वाली कार पर 1000 रुपये सालाना हाउस टैक्स के साथ जोड़कर वसूला जाएगा। पार्किंग यूजर चार्ज से होने वाली इनकम को निगम सड़क निर्माण पर खर्च करेगा। दो नियमावली पास करने के बाद महापौर ने कार्यकारिणी बैठक स्थगित कर दी।
विज्ञापन
कामर्शियल वाहन भी जद में
निगम सभी औद्योगिक क्षेत्रों में पार्किंग स्थल बनाएगा। सड़कों पर 30 मिनट से ज्यादा खड़े होने वाहनों को निगम खींच कर पार्किंग स्थलों तक लाएगा। छोटे मालवाहक वाहनों से 500 और बस-ट्रकों से 1000 हजार रुपये जुर्माना और पार्किंग शुल्क वसूलने के बाद ही वाहनों को छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
अपने विज्ञापन पर राहत, कंपनी का किया तो लगेगा टैक्स
निगम ने छोटे दुकानदारों को राहत दी है। ऐसे विज्ञापनों को टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया गया है जो सिर्फ अपनी दुकानों के नाम का बोर्ड लगाते हैं। किसी कंपनी या ब्रांडेड उत्पाद का विज्ञापन लगाने पर दुकानदार को विज्ञापन टैक्स देना होगा। लाइटयुक्त विज्ञापन बोर्ड पर निगम किसी तरह की राहत नहीं देगा।
धार्मिक , सामाजिक , राजनीतिक विज्ञापन पर बोझ
राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के विज्ञापन को शुल्क के दायरे में ला दिया है। हालांकि निगम ने इनसे नाममात्र का शुल्क लेने का प्रस्ताव पास किया है। धार्मिक संस्थाओं से महज 100 से 200 रुपये प्रति होर्डिंग वसूला जाएगा।
टैक्स ओटीएस पर 20 प्रतिशत छूट
निगम ने दो तरफ से जनता की जेब पर बोझ डालने के प्रस्ताव पास करने के साथ-साथ राहत भी दी है। निगम के बड़े टैक्स बकाएदारों से दंड शुल्क वसूलने की बजाए उनके लिए ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीम लागू करने का निर्णय लिया है। बकाएदारों को एकमुश्त टैक्स जमा कराने पर 20 फीसदी की छूट दी जाएगी। हालांकि निगम अफसरों ने कार्यकारिणी के इस प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन महापौर तेलूराम कांबोज और कार्यकारिणी उपाध्यक्ष राजेंद्र त्यागी के अड़ जाने पर अफसरों ने इसे सहमति दी।
बिना पार्किंग नहीं बनेंगे मकान
पार्किंग समस्या को देखते हुए शहर में अब बिना पार्किंग स्पेस के मकान बनाने पर रोक की तैयारी की जा रही है। निगम कार्यकारिणी समिति ने प्रस्ताव पास कर जीडीए और आवास विकास परिषद को भेजने की तैयारी कर ली है। निगम कार्यकारिणी का कहना है कि बिना पार्किंग सुनिश्चित किए मकानों का नक्शा किसी सूरत में पास न किया जाए। अपार्टमेंट में फ्लैट की संख्या के बराबर कार पार्किंग जरूर बने।
एमएनएलपी के पेंच कसे
पोस्ट ऑडिट की जिद पर अड़े मुख्य नगर लेखा परीक्षक केवी श्रीवास्तव के कार्यकारिणी समिति ने पेंच कसे। समिति उपाध्यक्ष राजेंद्र त्यागी ने कड़े शब्दों में कहा कि वह निगम का हित नहीं छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऑडिटिंग न करने पर सीए नियुक्त कराकर आडिट कराने का प्रस्ताव पास किया गया।
बीओटी फर्मों पर शिकंजा
कार्यकारिणी ने अनुबंध का उल्लंघन कर रही बीओटी फर्मों को नोटिस जारी कर अनुबंध निरस्त कराने को कहा। अनुबंध के मुताबिक उन्हें विज्ञापन की एवज में स्ट्रीट लाइट की मेंटीनेंस, विद्युत बिल का भुगतान करना होगा।
नियमावलियों में खास-खास
निगम कारों के लिए कालोनियों में भी बनाएगा पार्किंग स्थल
सेल्फ डिक्लेरेशन फार्म भरकर देनी होगी वाहनों की जानकारी
सड़क पर खराब हुए वाहनों को मिलेगी पार्किंग शुल्क से छूट
बारात घर, फार्म हाउस संचालकों से भी एक मुश्त लिया जाएगा पार्किंग यूजर चार्ज
वाहन पार्किंग में मिलेगी होलोग्राम वाली रसीद
घर की छतों पर विज्ञापन लगाने वालों से वसूला जाएगा टैक्स
दिल्ली की तर्ज पर पोस्टर, बैनर, वॉल पेंटिंग विज्ञापन पर रोक