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फट्टे खिसके, ‘पनटून’ जाम
Ghaziabad
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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जीडीए का पनटून पुल 15 दिन में ही बैठ गया
टेढ़े हो गए तीन पीपे, सूचना पर दौड़े अफसर
साहिबाबाद। हिंडन नदी पर जाम से निजात के लिए बनाया गया पनटून पुल 15 दिन में ही बैठ गया। पुल के तीन पीपे टेढ़े हो गए, जिसके कारण फट्टे खिसके गए। उधर, अफसरों को किसी ने पुल के गिरने की सूचना दी तो उनके होश उड़ गए। हांफते दौड़ते पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे तो पता चला कि फट्टे खिसके हैं। बाद में दोनों ओर का ट्रैफिक रोककर पुल की मरम्मत की गई।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक करहेड़ा की ओर का एक पीपा एक ओर से नीचे धंस गया। इससे पुल टेढ़ा हो गया औ कुछ फट्टे खिसक गए। फट्टे खिसकने से गुजरने वाले वाहनों को समस्या होने लगी। लोगों को लगा कि पुल गिरने वाला है। उन्होंने सिंचाई विभाग के साथ पुलिस को भी खबर दे दी। सिंचाई विभाग के कुछ कर्मचारी पुल की मरम्मत को पहुंचे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पुल ढह गया। एसपी सिटी ने तुरंत एसएचओ साहिबाबाद को मौके पर पहुंचने का फरमान सुनाया। दूसरी ओर सिंचाई विभाग की टीम पनटून पुल के बजाय हिंडन पुल पर पहुंच गई। वहां पुल को सही सलामत पाकर वे खुश हो गए। बाद में पनटून पुल को भी सही पाया तो राहत की सांस ली। एसएचओ साहिबाबाद ने ट्रैफिक रुकवा कर पुल की मरम्मत का काम शुरू कराया। उन्होंने बताया कि सूचना मिली थी कि पुल ढह गया है। पुल की मरम्मत के लिए ट्रैफिक रुकवाया गया था।
तीन फीट तक हो पानी तो भी सुरक्षित ः भले ही हिंडन में पानी कम होने से पनटून पुल नीचे झुक गया हो मगर एक्सपर्ट्स की राय में यह सुरक्षित है। सिविल इंजीनियर मनोज मिश्रा ने बताया कि मानकों के अनुसार पनटून पुल तीन फीट पानी में भी सुरक्षित रह सकता है। हालांकि अगर पानी अचानक कम हो जाए तो पुल के टूटने की संभावना रहती है। अगर हिंडन के पानी का स्तर लगातार नीचे गिर रहा है तो यह पुल के लिए खतरनाक हो सकता है।
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टेढ़े हो गए तीन पीपे, सूचना पर दौड़े अफसर
साहिबाबाद। हिंडन नदी पर जाम से निजात के लिए बनाया गया पनटून पुल 15 दिन में ही बैठ गया। पुल के तीन पीपे टेढ़े हो गए, जिसके कारण फट्टे खिसके गए। उधर, अफसरों को किसी ने पुल के गिरने की सूचना दी तो उनके होश उड़ गए। हांफते दौड़ते पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे तो पता चला कि फट्टे खिसके हैं। बाद में दोनों ओर का ट्रैफिक रोककर पुल की मरम्मत की गई।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक करहेड़ा की ओर का एक पीपा एक ओर से नीचे धंस गया। इससे पुल टेढ़ा हो गया औ कुछ फट्टे खिसक गए। फट्टे खिसकने से गुजरने वाले वाहनों को समस्या होने लगी। लोगों को लगा कि पुल गिरने वाला है। उन्होंने सिंचाई विभाग के साथ पुलिस को भी खबर दे दी। सिंचाई विभाग के कुछ कर्मचारी पुल की मरम्मत को पहुंचे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पुल ढह गया। एसपी सिटी ने तुरंत एसएचओ साहिबाबाद को मौके पर पहुंचने का फरमान सुनाया। दूसरी ओर सिंचाई विभाग की टीम पनटून पुल के बजाय हिंडन पुल पर पहुंच गई। वहां पुल को सही सलामत पाकर वे खुश हो गए। बाद में पनटून पुल को भी सही पाया तो राहत की सांस ली। एसएचओ साहिबाबाद ने ट्रैफिक रुकवा कर पुल की मरम्मत का काम शुरू कराया। उन्होंने बताया कि सूचना मिली थी कि पुल ढह गया है। पुल की मरम्मत के लिए ट्रैफिक रुकवाया गया था।
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तीन फीट तक हो पानी तो भी सुरक्षित ः भले ही हिंडन में पानी कम होने से पनटून पुल नीचे झुक गया हो मगर एक्सपर्ट्स की राय में यह सुरक्षित है। सिविल इंजीनियर मनोज मिश्रा ने बताया कि मानकों के अनुसार पनटून पुल तीन फीट पानी में भी सुरक्षित रह सकता है। हालांकि अगर पानी अचानक कम हो जाए तो पुल के टूटने की संभावना रहती है। अगर हिंडन के पानी का स्तर लगातार नीचे गिर रहा है तो यह पुल के लिए खतरनाक हो सकता है।
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