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नूपुर के वकीलों ने मांगे दस्तावेज, फैसला 14 को
Ghaziabad
Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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गाजियाबाद। चर्चित आरुषि-हेमराज मर्डर केस में शुक्रवार को भी चार्ज फ्रेम नहीं हो सका। बचाव पक्ष के वकीलों ने सीबीआई से इस केस से जुडे़ बाकी दस्तावेजों की मांग कर दी। फैसला सुनाने के लिए कोर्ट ने 14 मई की तारीख दी है।
शुक्रवार को इस मामले में चार्ज फ्रेम की कार्यवाही होनी थी। डासना जेल में बंद आरुषि-हेमराज मर्डर केस की मुख्य आरोपी डा. नूपुर तलवार को सुबह दस बजे कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में पेश किया गया। सवा दस बजे डा. राजेश तलवार भी पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट पहुंच गए। कार्यवाही शुरू होने से पूर्व ही बचाव पक्ष के वकील विजयपाल सिंह राठी और मनोज कुमार शिशौदिया ने सीबीआई से बाकी दस्तावेजों की मांग की। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कोर्ट परिसर में काफी बहस भी हुई।
बचाव पक्ष का कहना था कि जब तक उनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं होंगे, तब तक वह किस प्रकार डिफेंस कर पाएंगे। दूसरी ओर सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक आरके सैनी और बीके सिंह का कहना था कि केस से संबंधित जो दस्तावेज बचाव पक्ष को दिए जाने चाहिए थे, वो दे दिए गए हैं। करीब 20 मिनट चली दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश एस. लाल ने इस पर फैसला 14 मई तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
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शुक्रवार को इस मामले में चार्ज फ्रेम की कार्यवाही होनी थी। डासना जेल में बंद आरुषि-हेमराज मर्डर केस की मुख्य आरोपी डा. नूपुर तलवार को सुबह दस बजे कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में पेश किया गया। सवा दस बजे डा. राजेश तलवार भी पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट पहुंच गए। कार्यवाही शुरू होने से पूर्व ही बचाव पक्ष के वकील विजयपाल सिंह राठी और मनोज कुमार शिशौदिया ने सीबीआई से बाकी दस्तावेजों की मांग की। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कोर्ट परिसर में काफी बहस भी हुई।
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बचाव पक्ष का कहना था कि जब तक उनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं होंगे, तब तक वह किस प्रकार डिफेंस कर पाएंगे। दूसरी ओर सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक आरके सैनी और बीके सिंह का कहना था कि केस से संबंधित जो दस्तावेज बचाव पक्ष को दिए जाने चाहिए थे, वो दे दिए गए हैं। करीब 20 मिनट चली दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश एस. लाल ने इस पर फैसला 14 मई तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
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