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तड़पती रही महिला, खाना खाता रहा डाॅक्टर
Ghaziabad
Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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आरपीएफ ने स्टेशन से एमएमजी में कराया भर्ती, डीआरएम ने तलब की रिपोर्ट
गाजियाबाद। रेलवे का स्लोगन सुरक्षा, संरक्षा और समय पालन है। विभागीय कार्यप्रणाली भी इन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती है। मंगलवार दोपहर स्टेशन पर जो कुछ यात्रियों ने देखा वह इन तीनों के विपरीत निकला। स्टेशन पर सीने में दर्द से पीड़ित एक महिला घंटों तड़पती रही और ड्यूटी पर तैनात डाक्टर भोजन में व्यस्त रहे। उल्टे डाक्टर ने कहलवा भेजा कि वह खाना खाने के बाद ही आएंगे। आरपीएफ ने महिला को एमएमजी में भर्ती कराया। डीआरएम ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है।
सरिता (35) का विवाह बुलंदशहर के पवन से हुआ था। डेढ़ साल पहले पवन की मौत हो गई। इसके बाद सरिता अपने मायके फिरोजपुर में रहने लगी। उसे सीने में दर्द की शिकायत थी। उसका इलाज गाजियाबाद जिला अस्पताल में चल रहा है। मंगलवार को सरिता गोमती एक्सप्रेस से चेकअप कराने गाजियाबाद आ रही थीं। गाजियाबाद स्टेशन से कुछ पहले ही उन्हें सीने में दर्द उठने लगा। सरिता के साथ उनकी आठ साल की बेटी भी थी। यात्रियों ने रास्ते से ही गाजियाबाद स्टेशन पर कंट्रोल रूम में फोन कर सूचना दी। जैसे ही गाड़ी रेलवे स्टेशन पर पहुंची, आरपीएफ ने सरिता को उतारा और तुरंत ड्यूटी पर तैनात डाक्टर को सूचित किया। आरपीएफ वालों ने बताया कि पूरी बात सुनने के बाद डाक्टर ने कहा कि वह खाना खा रहे हैं, बाद में देखेंगे। करीब दो घंटे तक महिला प्लेटफार्म पर दर्द से तड़पती रही। इस दौरान सरिता की हालत और बिगड़ गई। इंस्पेक्टर आरपीएफ विनोद कुमार ने सरिता को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां उसकी हालत बेहतर है।
क्षेत्रीय प्रबंधक डीके चोपड़ा ने बताया कि इस प्रकरण में हमसे रिपोर्ट मांगी गई है। डॉक्टर यदि दोषी होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हुई है लापरवाही
इससे पहले भी कई बार स्टेशन पर इस तरह के वाकये हो चुके हैं मगर कभी यहां मेडिकल सहायता मरीजों को नहीं मिल पाती।
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गाजियाबाद। रेलवे का स्लोगन सुरक्षा, संरक्षा और समय पालन है। विभागीय कार्यप्रणाली भी इन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती है। मंगलवार दोपहर स्टेशन पर जो कुछ यात्रियों ने देखा वह इन तीनों के विपरीत निकला। स्टेशन पर सीने में दर्द से पीड़ित एक महिला घंटों तड़पती रही और ड्यूटी पर तैनात डाक्टर भोजन में व्यस्त रहे। उल्टे डाक्टर ने कहलवा भेजा कि वह खाना खाने के बाद ही आएंगे। आरपीएफ ने महिला को एमएमजी में भर्ती कराया। डीआरएम ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है।
सरिता (35) का विवाह बुलंदशहर के पवन से हुआ था। डेढ़ साल पहले पवन की मौत हो गई। इसके बाद सरिता अपने मायके फिरोजपुर में रहने लगी। उसे सीने में दर्द की शिकायत थी। उसका इलाज गाजियाबाद जिला अस्पताल में चल रहा है। मंगलवार को सरिता गोमती एक्सप्रेस से चेकअप कराने गाजियाबाद आ रही थीं। गाजियाबाद स्टेशन से कुछ पहले ही उन्हें सीने में दर्द उठने लगा। सरिता के साथ उनकी आठ साल की बेटी भी थी। यात्रियों ने रास्ते से ही गाजियाबाद स्टेशन पर कंट्रोल रूम में फोन कर सूचना दी। जैसे ही गाड़ी रेलवे स्टेशन पर पहुंची, आरपीएफ ने सरिता को उतारा और तुरंत ड्यूटी पर तैनात डाक्टर को सूचित किया। आरपीएफ वालों ने बताया कि पूरी बात सुनने के बाद डाक्टर ने कहा कि वह खाना खा रहे हैं, बाद में देखेंगे। करीब दो घंटे तक महिला प्लेटफार्म पर दर्द से तड़पती रही। इस दौरान सरिता की हालत और बिगड़ गई। इंस्पेक्टर आरपीएफ विनोद कुमार ने सरिता को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां उसकी हालत बेहतर है।
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क्षेत्रीय प्रबंधक डीके चोपड़ा ने बताया कि इस प्रकरण में हमसे रिपोर्ट मांगी गई है। डॉक्टर यदि दोषी होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हुई है लापरवाही
इससे पहले भी कई बार स्टेशन पर इस तरह के वाकये हो चुके हैं मगर कभी यहां मेडिकल सहायता मरीजों को नहीं मिल पाती।