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कौन हटाएगा कब्जा

Ghaziabad Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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दबंगों ने हथिया ली निगम की करोड़ों की जमीन
अफसर कह रहे, मांगने पर नहीं मिल पाती फोर्स
निगम की जमीन पर खुलेआम हो रहे अवैध निर्माण

गाजियाबाद। आपकी जमीन पर कोई कब्जा करे तो क्या करेंगे? कम से कम चुप तो नहीं बैठेंगे। निगम अफसर इतने दरियादिल हैं कि बेशकीमती सरकारी जमीनों पर उनकी आंखों के सामने अवैध कालोनियां कट रही हैं और वे हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। हायतौबा मचने पर यह सफाई जरूर दे रहे हैं कि प्रशासन फोर्स ही नहीं देता, निगम की जमीनों से कब्जा हटाएंगे कैसे?
निगम की जमीनों पर कब्जे की सच्चाई अफसर लिखा-पढ़ी में स्वीकार कर रहे हैं। निगम अधिकारियों ने माना है कि बालाजी विहार अर्थला, अर्थला झील की भूमि, प्रियदर्शिनी पार्क के पीछे की निगम की भूमि और प्रियदर्शिनी पार्क केबराबर में रेलवे लाइन के किनारे की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। वैसे तो सुदामापुरी, प्रतापविहार, हिंडन विहार, विजयनगर और अर्थला-करेहड़ा क्षेत्र में भी करोड़ों की भूमि पर अवैध कब्जे हो चुके हैं मगर निगम प्रशासन कई साल से इसकी जांच ही पूरी नहीं कर पाया है।
निगम की करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जा स्वीकारने के बाद भी अफसर इसे माफिया और अवैध निर्माण करने वालों के चंगुल से मुक्त कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। कई संस्थाओं और समाजसेवियों ने सरकारी जमीनों से कब्जा हटाने की मांग कई बार उठाई है मगर संबंधित अधिकारियों ने फिर भी कुछ करके नहीं दिखाया। उसी तरह, जैसे पूर्व में कब्जे होते रहे और किसी का मौन नहीं टूटा। कुछ अफसरों की भूमिका पर सवाल भी उठ रहे हैं।


मेरे चार्ज लेने के बाद फाइल सामने नहीं आई है। अतिक्रमण की जानकारी नहीं। फाइल तलब कर निगम भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई होगी।
- जितेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त
निगम की ओर से अतिक्रमण हटवाने के लिए कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। निगम अफसरों को जब भी फोर्स की जरूरत होगी, हम देंगे।
- रामनाथ यादव, एसओ साहिबाबाद


निगम की जमीन पर अवैध कब्जे हैं। इसको हटवाने के लिए मजिस्ट्रेट, पुलिस और पीएसी की जरूरत है। डीएम को कई बार लिखा जा चुका है लेकिन फोर्स नहीं मिलने की वजह से अतिक्रमण नहीं हटवाया जा सका। फोर्स मिलने पर अतिक्रमण जरूर हटवाया जाएगा।
-टीपी वर्मा, तहसीलदार


सरकारी जमीनों पर से कब्जे हटाने में प्रशासन स्तर से कभी देरी नहीं होती। संबंधित विभाग जब भी फोर्स मांगते हैं, उन्हें उपलब्ध कराया जाता है। इस मामले में नगर निगम की मशीनरी की लापरवाही प्रतीत होती है। हम इसकी जांच कराएंगे। निगम जब भी फोर्स मांगेगा, उसे मुहैया कराई जाएगी।
- अपर्णा उपाध्याय, जिलाधिकारी गाजियाबाद

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