युवक की हत्या, भट्ठे के पास मिला शव

अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 04 Dec 2017 12:56 AM IST
आलोक पाल की फाइल फोटो।
आलोक पाल की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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करीब एक सप्ताह से लापता युवक की हत्या कर दी गई। थाना क्षेत्र के डगराहा गांव के पास बंद पड़े ईंट भट्ठे में रविवार को युवक का शव पड़ा मिला। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया गया कि कई दिनों पहले युवक की हत्या की गई होगी। उसका चेहरा बुरी तरह से क्षत विक्षत था। मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
डगराहा गांव निवासी बलराम पाल ने पुलिस को बताया कि उसका अविवाहित बेटा आलोक पाल उर्फ पप्पू (24) पर सात वर्ष पूर्व बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था जिसमें वह जेल गया था। अब मामले की सुनवाई माती कोर्ट में चल रही है। 25 नवंबर को वह कोर्ट जाने की बात कहकर घर से निकला था इसके बाद देर शाम तक वह वापस नहीं आया। काफी तलाश करने के बाद भी उसके बारे में कोई सुराग नहीं लगा।

वहीं रविवार को गांव के बाहर सूनसान स्थान में एक बंद भट्ठे के पास जमा बाजरे के ढ़ेर में शव पड़ा होने की जानकारी हुई तो वहां ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। मृतक के पैर में पुराने घाव के निशान देखकर उसके पिता ने शिनाख्त बेटे आलोक के रूप में की। जबकि युवक का चेहरा बुरी तरह से क्षत विक्षत था। शव कई दिनों पुराना होने के कारण शरीर के ऊपरी हिस्से में केवल कंकाल नजर आ रहा था। घटना की सूचना पर पहुंचे सीओ एपी श्रीवास्तव, एसओ वेदप्रकाश पांडेय आदि ने छानबीन की। फोरेंसिक टीम ने अंगुलियों के निशान संकलित किए। सीओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल युवक के पिता की तहरीर पर अज्ञात लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की गई है।

बुरी तरह से बिलखते रहे परिजन
रूरा। लापता आलोक के आने की आस लगाए उसके परिजनों को मौत की खबर मिली तो वह बुरी तरह से बिलखने लगे। मां मीरा देवी बिलखते हुए कह रही थी कि 25 नवंबर से लापता होने के बाद वह ठीक से खाना नहीं खा रही थी लेकिन उसे यह उम्मीद नहीं थी कि उसका लाल अब इस दुनियां में नहीं है। मां के साथ मृतक का छोटा भाई अभिषेक पाल भी बुरी तरह से रोता रहा। परिजन यह समझ नहीं पा रहे हैं आखिर यह सब कैसे हुआ।

बालात्कार के मामले में था आरोपी
रूरा । आलोक के छोटे भाई अभिषेक ने बताया वर्ष 2010 में भाई आलोक व उसके दो साथियों को बलात्कार के मामले में फंसा दिया गया था। इस पर आलोक दो माह जेल में रहा था। उसी मुकदमे सुनवायी चल रही है जिससे वह 25 नवंबर को माती कोर्ट गया था और वापस घर नहीं आया।

तेजाब से जलाने की आशंका
रूरा। भट्ठे के पास सूनसान स्थान में मिले आलोक के शव को देखकर ऐसा लग रहा था कि उसे तेजाब से जलाया गया है। शरीर का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से गल चुका था जबकि पैर आदि नीचे का भाग ठीक था। पैर देखकर तो ऐसा लग रहा था दो या तीन दिन पहले ही हत्या की गई होगी लेकिन ऊपर का हिस्सा बुरी तरह से झुलसा होने पर आशंका है कि उसे तेजाब डालकर जलाया गया है।
 

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