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आरोप पत्र दाखिल न होने तक नहीं होगी पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jun 2018 12:55 AM IST
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रूरा स्थित अपने आवास के बाहर बैठे पूर्व मंत्री राम स्वरूप सिंह गौर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जहरीली शराब मामले में आरोपी पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी को लेकर हाईकोर्ट ने उनकी बीमारी व उम्र को देख आरोप पत्र दाखिल न होने तक रोक लगा दी है। वहीं उनसे जांच में सहयोग के लिए कहा गया है। गिरफ्तारी में रोक के बाद शनिवार देर शाम पूर्व मंत्री रूरा स्थित अपने आवास पहुंचे। जहां उनका हाल जानने के लिए शुभचिंतक पहुंचे, लेकिन कुछ देर ही लोगों से बात कर वह एकांत में चले गए।
मड़ौली में जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले में पूर्व मंत्री राम स्वरूप सिंह व उनके नाती नीरज सिंह व विनय सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें विनय सिंह व नीरज सिंह की गिरफ्तारी हो गई थी, जबकि पूर्व मंत्री राम स्वरूप की हालत अच्छी न होने के कारण वह कानपुर, लखनऊ व दिल्ली उपचार के लिए चले गए थे। इसी दौरान पूर्व मंत्री गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट की शरण में गए, जहां उन्होंने उम्र व बीमारी का हवाला देकर गिरफ्तारी पर रोक के लिए स्टे आर्डर ले लिया। न्यायालय ने आरोप पत्र दाखिल न होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
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मड़ौली में जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले में पूर्व मंत्री राम स्वरूप सिंह व उनके नाती नीरज सिंह व विनय सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें विनय सिंह व नीरज सिंह की गिरफ्तारी हो गई थी, जबकि पूर्व मंत्री राम स्वरूप की हालत अच्छी न होने के कारण वह कानपुर, लखनऊ व दिल्ली उपचार के लिए चले गए थे। इसी दौरान पूर्व मंत्री गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट की शरण में गए, जहां उन्होंने उम्र व बीमारी का हवाला देकर गिरफ्तारी पर रोक के लिए स्टे आर्डर ले लिया। न्यायालय ने आरोप पत्र दाखिल न होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
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