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पटरी दुरुस्त कराया नहीं और बंबे में छोड़ा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2016 01:17 AM IST
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विकासखंड क्षेत्र में शाहजहांपुर गांव के पास पटरी फटने से सात तालाब उफना गए । वहीं पटरी दुरुस्त किये बगैर दोबारा पानी छोड़ जाने से कई घर पानी से घिर गए हैं। इससे आवागमन बाधित है और कच्चे घरों के ढहने की आश्ंाका बन गई है।
गांव के देवेंद्रनाथ कुरील ने बताया कि एक हफ्ते पहले बंबे की पटरी फटी थी, जिससे तालाबों में काफी पानी आ गया था। इसके बाद बंबे में पानी आना बंद हो गया। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने पटरी दुरुस्त कराए बगैर ही मंगलवार को फिर पानी छोड़ दिया। इससे तालाब उफना गए और उनके किनारे बने कई कच्चे घर पानी से घिर गए।
सुरेंद्रबाबू कटियार, रानी, पुष्पादेवी, होरीलाल, घसीटेलाल, राजेश कटियार, शिवराम कटियार, कल्लू वाल्मीकि, राजू वाल्मीकि ने बताया कि उनके घर पानी से घिरे हैं, जिससे पानी में कमर तक मंझाकर निकलना पड़ रहा है। कच्चे घर गिरने के आसार बने हैं। विजयचंद्र गुप्ता का कहना है कि जलभराव की स्थिति से बीमारियां फैलने के भी आसार बन सकते हैं।
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वहीं गांव के अमर सिंह यादव का कहना है कि तालाब भरने से पशुओं को पानी पिलाने की समस्या का समाधान हो गया है।
जलस्तर बढ़ने से पानी छोड़ गए कई हैंडपंप चालू हो गए हैं। दिगंबर पाल कहते हैं कि गर्मी में पक्षियों के लिए प्यास बुझाने का जरिया बन गया है। आग लगने की घटनाओं में बुझाना भी आसान होगा। इस बाबत सिंचाई विभाग के अवर अभियंता प्रयागनारायण ने बताया कि जानकारी मिलने पर भोगनीपुर रजबहे में पानी रोक दिया गया है। खांदी जल्द बंद कराने के लिए भी ठेकेदार को निर्देश दिया गया है।
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गांव के देवेंद्रनाथ कुरील ने बताया कि एक हफ्ते पहले बंबे की पटरी फटी थी, जिससे तालाबों में काफी पानी आ गया था। इसके बाद बंबे में पानी आना बंद हो गया। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने पटरी दुरुस्त कराए बगैर ही मंगलवार को फिर पानी छोड़ दिया। इससे तालाब उफना गए और उनके किनारे बने कई कच्चे घर पानी से घिर गए।
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सुरेंद्रबाबू कटियार, रानी, पुष्पादेवी, होरीलाल, घसीटेलाल, राजेश कटियार, शिवराम कटियार, कल्लू वाल्मीकि, राजू वाल्मीकि ने बताया कि उनके घर पानी से घिरे हैं, जिससे पानी में कमर तक मंझाकर निकलना पड़ रहा है। कच्चे घर गिरने के आसार बने हैं। विजयचंद्र गुप्ता का कहना है कि जलभराव की स्थिति से बीमारियां फैलने के भी आसार बन सकते हैं।
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वहीं गांव के अमर सिंह यादव का कहना है कि तालाब भरने से पशुओं को पानी पिलाने की समस्या का समाधान हो गया है।
जलस्तर बढ़ने से पानी छोड़ गए कई हैंडपंप चालू हो गए हैं। दिगंबर पाल कहते हैं कि गर्मी में पक्षियों के लिए प्यास बुझाने का जरिया बन गया है। आग लगने की घटनाओं में बुझाना भी आसान होगा। इस बाबत सिंचाई विभाग के अवर अभियंता प्रयागनारायण ने बताया कि जानकारी मिलने पर भोगनीपुर रजबहे में पानी रोक दिया गया है। खांदी जल्द बंद कराने के लिए भी ठेकेदार को निर्देश दिया गया है।