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खनिज फाउंडेशन से गांव होंगे चमाचम

Thu, 11 Jan 2018 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात Updated Thu, 11 Jan 2018 12:43 AM IST
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the village will be clean from Mineral Foundation
खाड़ी गांव का दृश्य। - फोटो : अमर उजाला
नई खनन नीति से जिले के खनन क्षेत्र में विकास को पंख लगेंगे। इस नीति के तहत इसमें रायल्टी के    साथ 10 फीसदी अधिक शुल्क वसूला जाएगा, जो कि खदान के इर्द-गिर्द विकास से पिछड़े गांवों में खर्च होगा।
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खनन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए जिला खनिज फाउंडेशन न्यास का गठन किया गया है। इस न्यास का 60 फीसदी हिस्सा पेयजल, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, विद्यालयों की मरम्मत, सामूहिक शौचालय निर्माण, पुस्तकालय, कला और हस्तकला, महिला एवं बाल कल्याण, वयोवृद्ध एवं नि:शक्तजनों के कल्याण, कौशल विकास और स्वच्छता पर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा 40 फीसदी गांवों के समुचित विकास के लिए खर्च होगा।
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इस संबंध में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि खनन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए जिला खनिज फाउंडेशन न्यास का गठन किया गया है, जोकि खनन प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, श्रमिक कल्याण, गांवों के समुचित विकास के लिए काम करेगा। जल्द ही प्रबंध समिति और शासी परिषद का गठन कर योजना का क्रियांवयन कराया जाएगा।
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अब तक जमा हुए 1.26 करोड़
डीएम के मुताबिक खनन रॉयल्टी से 10 फीसद शुल्क खनिज फाउंडेशन के लिए वसूला जाएगा। जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में करीब 1.26 करोड़ जमा हो गए हैं, जिन्हें विकास कार्यों में लगाया जाएगा।
जिला प्रभारी मंत्री पर रहेगी कमान
जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में पारदर्शिता के लिए प्रबंध समिति और शासी परिषद का गठन किया जाएगा। शासी परिषद का अध्यक्ष जिले के प्रभारी मंत्री होंगे, जो न्यास के खर्च पर निगाह रखेंगे।

ये होंगे सदस्य, जल्द होगा गठन
जिला प्रभारी अध्यक्ष सचिव खनन अधिकारी होगा, जबकि जिले के सभी विधायक, डीएम, सीडीओ, स्वास्थ्य, सिंचाई, लघु सिंचाई, पेयजल, शिक्षा, पंचायत, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विद्युत, खनन प्रभावित ग्राम के प्रधान, डीएम द्वारा नामित दो व्यक्ति सदस्य होंगे। वहीं, प्रबंध समिति में सिर्फ सरकारी महकमे के अधिकारियों को ही जगह दी गई है। यह समिति ही प्रस्ताव और बजट पर निगाह रखेगी।



 
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