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शिव-पार्वती के मिलन का रूप है महाशिवरात्रि
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Sat, 25 Feb 2017 01:47 AM IST
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मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु।
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महाशिवरात्रि के मौके पर शुक्रवार को जिले भर के शिव मंदिरों में मेले जैसा माहौल नजर आया। श्रद्धालु तड़के सुबह से ही मंदिर पहुंचकर शिवलिंग पर जल अर्पित कर ऊं नम: शिवाय के मंत्र का उच्चारण किया। वहीं, कांवरियों ने जल भर शिवजी को अर्पितकर मनोकामनाएं मांगी। पूरे दिन शिवालय हर-हर महादेव के जयकारे से गूंजते रहे।
अकबरपुर स्थित कालिका देवी मंदिर में स्थापित शिवलिंग में जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर बाबा को जल चढ़ाया। इसी तरह से धरऊ गांव स्थित झाड़ी बाबा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शुक्ल तालाब स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में जल चढ़ाने के लिए लोग पहुंचे।
इसी तरह से कलारन तालाब स्थित शिव मंदिर में रुद्राभिषेक के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिरों के बाहर बेल, धतूरा, आंक, बेर, गन्ना सहित अन्य फूल पत्रियों की दुकानें सजी नजर आई। तमाम जगहों पर शिवजी के कार्यक्रम आयोजित किए। शिवभक्तों ने बताया कि शिवजी व पार्वती के महामिलन की रात को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जो श्रद्धालु सच्चे मन से शिवजी का पूजन कर व्रत धारण करते हैं उनकी मनोकामनाएं जल्द पूर्ण होती हैं।
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अकबरपुर स्थित कालिका देवी मंदिर में स्थापित शिवलिंग में जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर बाबा को जल चढ़ाया। इसी तरह से धरऊ गांव स्थित झाड़ी बाबा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शुक्ल तालाब स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में जल चढ़ाने के लिए लोग पहुंचे।
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इसी तरह से कलारन तालाब स्थित शिव मंदिर में रुद्राभिषेक के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिरों के बाहर बेल, धतूरा, आंक, बेर, गन्ना सहित अन्य फूल पत्रियों की दुकानें सजी नजर आई। तमाम जगहों पर शिवजी के कार्यक्रम आयोजित किए। शिवभक्तों ने बताया कि शिवजी व पार्वती के महामिलन की रात को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जो श्रद्धालु सच्चे मन से शिवजी का पूजन कर व्रत धारण करते हैं उनकी मनोकामनाएं जल्द पूर्ण होती हैं।
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