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कलक्ट्रेट में लेखपालों की हड़ताल जारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2016 02:02 AM IST
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.कलेक्ट्रेट में मुख्य गेट के बाहर धरना देकर प्रदर्शन करते हड़ताली लेखपाल।
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। जिले भर के लेखपाल कलेक्ट्रेट में एकत्रित हुए। यहां दो-टूक शब्दों में कहा कि वे इस बार अपना हक लेकर ही रहेंगे। मांगे जब तक नहीं मानी जाएंगी तब तक कोई लेखपाल काम नहीं करेगा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी भेजा गया। उधर, तहसीलों में पूरी तरह से तालाबंदी रही।
संघ के जिलाध्यक्ष विकास सचान व महामंत्री बृजेश दीक्षित ने कहा कि लेखपाल संवर्ग की एसीपी विसंगति को दूर करने के लिए प्रस्ताव प्रमुख सचिव को भेजा था। शासन स्तर से शासनादेश नहीं निर्गत किया गया है जिससे आक्रोश है।
तहसील अध्यक्ष सुधीर द्विवेदी, राघवेंद्र सिंह, लालाराम, कामता मिश्रा, अश्वनी, तहसील इकाई के महामंत्री हरीराम, संतकुमार पटेल, रवींद्र शुक्ला, नंदलाल पटेल, विनोद, अंकित गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष यशवंत यादव, प्रमोद पाल, महेंद्र पाल, पूर्व तहसील अध्यक्ष नरेंद्र दबुे, धर्मेश वाजपेयी, पूर्व जिला मंत्री सुरेश बाबू, प्रमोद दुबे, गणेश शंकर मौजूद रहे।
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अब यूं चलेगा लेखपालों का आंदोल- 6 सितंबर तक कार्य बहिष्कार करके सुबह 10 से शाम 4 बजे तक जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। 5 सितंबर को शाम छह बजे जिलाध्यक्ष व जिला मंत्री के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा। 6 सितंबर को जिलाध्यक्ष व जिला सचिवों के नेतृत्व में धरना स्थल पर बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया जाएगा।
हड़ताल अवधि का वेतन नहीं मिलेगा- कानपुर देहात। अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिवशंकर गुप्ता ने कहा कि लेखपाल 22 अगस्त से हड़ताल पर हैं। हड़ताल को शासन ने अवैध घोषित कर दिया है। हड़ताली लेखपालों का 22 अगस्त के बाद से हड़ताल अवधि तक का वेतन नहीं बनाया जाएगा। जितने दिन लेखपालों ने काम नहीं किया है उतने दिन का वेतन नहीं मिलेगा।
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संघ के जिलाध्यक्ष विकास सचान व महामंत्री बृजेश दीक्षित ने कहा कि लेखपाल संवर्ग की एसीपी विसंगति को दूर करने के लिए प्रस्ताव प्रमुख सचिव को भेजा था। शासन स्तर से शासनादेश नहीं निर्गत किया गया है जिससे आक्रोश है।
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तहसील अध्यक्ष सुधीर द्विवेदी, राघवेंद्र सिंह, लालाराम, कामता मिश्रा, अश्वनी, तहसील इकाई के महामंत्री हरीराम, संतकुमार पटेल, रवींद्र शुक्ला, नंदलाल पटेल, विनोद, अंकित गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष यशवंत यादव, प्रमोद पाल, महेंद्र पाल, पूर्व तहसील अध्यक्ष नरेंद्र दबुे, धर्मेश वाजपेयी, पूर्व जिला मंत्री सुरेश बाबू, प्रमोद दुबे, गणेश शंकर मौजूद रहे।
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अब यूं चलेगा लेखपालों का आंदोल- 6 सितंबर तक कार्य बहिष्कार करके सुबह 10 से शाम 4 बजे तक जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। 5 सितंबर को शाम छह बजे जिलाध्यक्ष व जिला मंत्री के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा। 6 सितंबर को जिलाध्यक्ष व जिला सचिवों के नेतृत्व में धरना स्थल पर बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया जाएगा।
हड़ताल अवधि का वेतन नहीं मिलेगा- कानपुर देहात। अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिवशंकर गुप्ता ने कहा कि लेखपाल 22 अगस्त से हड़ताल पर हैं। हड़ताल को शासन ने अवैध घोषित कर दिया है। हड़ताली लेखपालों का 22 अगस्त के बाद से हड़ताल अवधि तक का वेतन नहीं बनाया जाएगा। जितने दिन लेखपालों ने काम नहीं किया है उतने दिन का वेतन नहीं मिलेगा।