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बारिश के पानी से दक्षिणी नोन नदी उफनाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:58 AM IST
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निमधा गांव के पास पानी के बीच में डूबा नदी का पुल।
- फोटो : अमर उजाला
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तीन दिन पहले हुई झमाझम बारिश के बाद जहां तालाब-पोखर लबालब हो गए हैं, वहीं इलाके की दक्षिणी नोन नदी उफान मार रही है। तिरहर इलाके के निमधा गांव के पास नदी में बने पुल के ऊपर पानी भर जाने से इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। वहीं, घाटमपुर से वाया जैतीपुर होकर बीरबल का अकबरपुर गांव जाने वाले रास्ते में भी इटौरा गांव के पास नदी पूरे उफान पर है।
निमधा ग्राम प्रधान शिवबरन सिंह निषाद ने बताया कि बारिश का पानी सिमटकर नदी में पूरे वेग से बह रहा है। नदी के किनारे पड़ने वाले गांवों नंदना, तेजपुर, पतरसा, बंबुरहा, कठेठा, शीतलपुर, बेंदा, शेरपुर, निमधा, मढ़ा, इटौरा, कुरसेड़ा, गुजेला, डोहरू, अमौली, बावन, बरीपाल और मदुरी के निवासियों ने बताया कि उनके यहां नदी पूरे उफान पर है। ग्रामीणों ने बताया कि दक्षिणी नोन नदी बरसात के दिनों में अपना विकराल रूप दिखाती है।
साल के छह-सात महीने सूखी पड़ी रहती है। गुजेला गांव के प्रधान चंद्रभान सिंह परिहार व कुरसेड़ा प्रधान वैदेही शरण मिश्र ने बताया कि नदी के उफान मारने से काफी दूर तक खेतों में पानी भरा दिखाई दे रहा है। बताया कि इस मौसम की पहली बारिश में ही जलस्रोत लबालब हो गए हैं।
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वहीं, परास नाला भी उफान पर है। नायब तहसीलदार मौजीलाल ने बताया कि यमुना, रिंद और दक्षिणी नोन नदियों का जलस्तर अभी सामान्य है। जबकि दक्षिणी नोन नदी की गहराई कम होने से बारिश अधिक होने पर उसका पानी दूर तक फैल जाता है। यह थोड़े समय बाद धीरे-धीरे कम भी हो जाता है। बताया कि नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर बाढ़ निगरानी चौकियों में तैनात किए गए कर्मचारियों को सतर्क रहने व सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
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निमधा ग्राम प्रधान शिवबरन सिंह निषाद ने बताया कि बारिश का पानी सिमटकर नदी में पूरे वेग से बह रहा है। नदी के किनारे पड़ने वाले गांवों नंदना, तेजपुर, पतरसा, बंबुरहा, कठेठा, शीतलपुर, बेंदा, शेरपुर, निमधा, मढ़ा, इटौरा, कुरसेड़ा, गुजेला, डोहरू, अमौली, बावन, बरीपाल और मदुरी के निवासियों ने बताया कि उनके यहां नदी पूरे उफान पर है। ग्रामीणों ने बताया कि दक्षिणी नोन नदी बरसात के दिनों में अपना विकराल रूप दिखाती है।
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साल के छह-सात महीने सूखी पड़ी रहती है। गुजेला गांव के प्रधान चंद्रभान सिंह परिहार व कुरसेड़ा प्रधान वैदेही शरण मिश्र ने बताया कि नदी के उफान मारने से काफी दूर तक खेतों में पानी भरा दिखाई दे रहा है। बताया कि इस मौसम की पहली बारिश में ही जलस्रोत लबालब हो गए हैं।
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वहीं, परास नाला भी उफान पर है। नायब तहसीलदार मौजीलाल ने बताया कि यमुना, रिंद और दक्षिणी नोन नदियों का जलस्तर अभी सामान्य है। जबकि दक्षिणी नोन नदी की गहराई कम होने से बारिश अधिक होने पर उसका पानी दूर तक फैल जाता है। यह थोड़े समय बाद धीरे-धीरे कम भी हो जाता है। बताया कि नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर बाढ़ निगरानी चौकियों में तैनात किए गए कर्मचारियों को सतर्क रहने व सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।