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सिधौल गांव में बनेगा 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पशु चरागाह
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Dec 2017 01:30 AM IST
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सड़कों पर भटकते घूम रहे अन्ना गोवंश।
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गांवों के राजस्व नक्शे में दर्ज पशु चरागाहों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान शुरू हो गया है। अमर उजाला ने 20 दिसंबर को इस मुद्दे पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसी कड़ी में तहसील प्रशासन ने यमुना पट्टी (तिरहर) के गांव सिधौल में 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर चरागाह को चिन्हित कराने के बाद उसका सीमांकन करवाया।
उपजिलाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इसी तरह अन्य गांवों में अभियान शुरू कराया जाना है। बताया कि चरागाहों को मुक्त कराने के बाद उनमें खाई बंधवाने और बाड़ लगवाने का कार्य मनरेगा से ग्राम पंचायतें करवाएंगी। बताया कि बुधवार को राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार गुप्ता और लेखपाल रमाकांत पाल के साथ सिधौल गांव के प्रधान सुरेश सचान और पंचायत सचिव अशोक कुमार सचान की देखरेख में 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर पशु चरागाह की नापजोख कर रक्बा निकाला गया। बताया कि चरागाह के क्षेत्रफल को चूना डालकर चिन्हित करवाया गया है और ग्राम पंचायत को उसमें मनरेगा से खाई बंधवाने का काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि इसी तरह अन्य गांवों में भी चरागाहों का रक्बा कब्जामुक्त करवाकर उसको खाई से घेरा जाएगा। बताया कि बारिश के दिनों में चरागाहों में मवेशियों के लिए घास और चारे की बुवाई भी करवाई जानी है।
प्रदेश सरकार के शासनादेश के मुख्य बिंदु
घाटमपुर। प्रदेश में गोवंश की दुर्दशा से चिंतित योगी सरकार ने पिछले दिनों एक शासनादेश जारी किया गया है। प्रमुख सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं। 17 जनवरी 2018 तक प्रदेश के सभी जिलों में चरागाह अतिक्रमण मुक्त होंगे। सभी एसडीएम भूमाफियाओं के खिलाफ चलाएंगे विशेष अभियान। जिलाधिकारी को सौंपना होगा अवैध कब्जा मुक्त का प्रमाणपत्र। कब्जेदारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। राजस्व अभिलेखों के मुताबिक चार लाख बीघा भूमि पर पशु चरागाह दर्ज हैं। जबकि, प्रदेश की 58 हजार ग्राम पंचायतों में 70 फीसदी से अधिक चरागाहों पर अवैध कब्जे हैं। इनमें राज्य सरकार ने 1 लाख 53 हजार अवैध कब्जे वाले चरागाहों को चिन्हित किया है।
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उपजिलाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इसी तरह अन्य गांवों में अभियान शुरू कराया जाना है। बताया कि चरागाहों को मुक्त कराने के बाद उनमें खाई बंधवाने और बाड़ लगवाने का कार्य मनरेगा से ग्राम पंचायतें करवाएंगी। बताया कि बुधवार को राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार गुप्ता और लेखपाल रमाकांत पाल के साथ सिधौल गांव के प्रधान सुरेश सचान और पंचायत सचिव अशोक कुमार सचान की देखरेख में 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर पशु चरागाह की नापजोख कर रक्बा निकाला गया। बताया कि चरागाह के क्षेत्रफल को चूना डालकर चिन्हित करवाया गया है और ग्राम पंचायत को उसमें मनरेगा से खाई बंधवाने का काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि इसी तरह अन्य गांवों में भी चरागाहों का रक्बा कब्जामुक्त करवाकर उसको खाई से घेरा जाएगा। बताया कि बारिश के दिनों में चरागाहों में मवेशियों के लिए घास और चारे की बुवाई भी करवाई जानी है।
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प्रदेश सरकार के शासनादेश के मुख्य बिंदु
घाटमपुर। प्रदेश में गोवंश की दुर्दशा से चिंतित योगी सरकार ने पिछले दिनों एक शासनादेश जारी किया गया है। प्रमुख सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं। 17 जनवरी 2018 तक प्रदेश के सभी जिलों में चरागाह अतिक्रमण मुक्त होंगे। सभी एसडीएम भूमाफियाओं के खिलाफ चलाएंगे विशेष अभियान। जिलाधिकारी को सौंपना होगा अवैध कब्जा मुक्त का प्रमाणपत्र। कब्जेदारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। राजस्व अभिलेखों के मुताबिक चार लाख बीघा भूमि पर पशु चरागाह दर्ज हैं। जबकि, प्रदेश की 58 हजार ग्राम पंचायतों में 70 फीसदी से अधिक चरागाहों पर अवैध कब्जे हैं। इनमें राज्य सरकार ने 1 लाख 53 हजार अवैध कब्जे वाले चरागाहों को चिन्हित किया है।
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