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जेल में लगेगी पाठशाला, महिला बंदी करेंगी पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2016 02:01 AM IST
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जिला मुख्यालय स्थित माती जिला जेल, जिसके अंदर निरुद्ध महिला बंदियों की लगेगी पाठशाला।
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जिला जेल माती में अब पाठशाला लगेगी, इसमें महिला कैदियों को शिक्षित किया जाएगा। शासन से फरमान आते ही बेसिक शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है।
साक्षरता वैकल्पिक शिक्षा उर्दू एवं प्राच्य भाषाएं उत्तर प्रदेश शासन के निदेशक अवध नरेश शर्मा ने जिलाधिकारी, जिला लोक शिक्षा समिति के अध्यक्ष और सचिव को पत्र भेजा है। इसमें शिक्षा व्यवस्था का इंतजाम करने को कहा गया है। वहीं जिला कारागार अधीक्षक को जिला लोक शिक्षा समिति के पदाधिकारियों से संपर्क कर इस योजना को साकार करने के निर्देश दिए गए हैं।
माती स्थित जिला जेल में इन दिनों 85 महिला कैदी बंद हैं। इनमें से जो पढ़ना-लिखना चाहता है उनके लिए फिलहाल कोई बंदोबस्त नहीं है। जेलर आरके पांडेय ने बताया कि वे बीते कई महीनों से कई बार इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। टीचर भेजने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक बीएसए के स्तर से महिला बंदियों को शिक्षित करने के लिए टीचरों की व्यवस्था नहीं की गई।
अब शासनादेश आने से फिर उम्मीद जागी है। फिलहाल जेल प्रशासन को टीचरों के आने का इंतजार है। पुन: जिला लोक शिक्षा समिति से संपर्क किया जाएगा। जैसे ही बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से टीचरों की उपलब्धता कराई जाएगी, वैसे ही जेल में पढ़ाई लिखाई चालू करा देंगे। उधर, बीएसए डा. सच्चिदानंद यादव का कहना है कि प्रदेश सरकार के निर्देशों का जल्द ही पालन कराया जाएगा।
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साक्षरता वैकल्पिक शिक्षा उर्दू एवं प्राच्य भाषाएं उत्तर प्रदेश शासन के निदेशक अवध नरेश शर्मा ने जिलाधिकारी, जिला लोक शिक्षा समिति के अध्यक्ष और सचिव को पत्र भेजा है। इसमें शिक्षा व्यवस्था का इंतजाम करने को कहा गया है। वहीं जिला कारागार अधीक्षक को जिला लोक शिक्षा समिति के पदाधिकारियों से संपर्क कर इस योजना को साकार करने के निर्देश दिए गए हैं।
माती स्थित जिला जेल में इन दिनों 85 महिला कैदी बंद हैं। इनमें से जो पढ़ना-लिखना चाहता है उनके लिए फिलहाल कोई बंदोबस्त नहीं है। जेलर आरके पांडेय ने बताया कि वे बीते कई महीनों से कई बार इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। टीचर भेजने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक बीएसए के स्तर से महिला बंदियों को शिक्षित करने के लिए टीचरों की व्यवस्था नहीं की गई।
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अब शासनादेश आने से फिर उम्मीद जागी है। फिलहाल जेल प्रशासन को टीचरों के आने का इंतजार है। पुन: जिला लोक शिक्षा समिति से संपर्क किया जाएगा। जैसे ही बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से टीचरों की उपलब्धता कराई जाएगी, वैसे ही जेल में पढ़ाई लिखाई चालू करा देंगे। उधर, बीएसए डा. सच्चिदानंद यादव का कहना है कि प्रदेश सरकार के निर्देशों का जल्द ही पालन कराया जाएगा।
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