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आर्थिक सहायता में रेलवे ने बांटे पुराने नोट
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Mon, 21 Nov 2016 02:55 AM IST
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इमरजेंसी कक्ष से कुछ इस तरह घायल को वार्ड में ले जाते स्वास्थ्य कर्मी।
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रेल दुर्घटना के शिकार लोगों को रेलवे विभाग के कर्मचारियों द्वारा पांच-पांच सौ के नोट इलाज के लिए सहायता के रूप में दिए गए। इस पर वहां पर मौजूद कुछ लोगों ने विरोध किया।
उनका कहना था कि रेलवे के क र्मचारियों ने आर्थिक सहायता में ऐसे रुपये दिए हैं जो चलते ही नहीं। वहां मौजूद लोगों ने इसकी शिकायत घायलों का हालचाल लेने आए केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से शिकायत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शीघ्र ही नोट बदलवाने के साथ जांच भी कराई जाएगी और दोषी रेल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई क ी जाएगी।
इंदौर-पटना एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे भोपाल निवासी अरुण शर्मा ने बताया कि वह पत्नी नूपुर व दो बेटे दिव्यांश और स्नेहांश के साथ पटना जा रहे थे। हादसे से पहले चारों सो रहे थे। पत्नी नूपुर व बेटा दिव्यांश बुरी तरह से घायल हो गए। जबकि, छोटे बेटे का अभी तक कोई पता नहीं चला है, इतना कहते ही वो फफक पड़ा।
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वहीं, रेल हादसे में घायल लोगों के त्वरित इलाज के लिए जहां एक ओर जिला अस्पताल के डॉक्टर लगे थे। वहीं दूसरी ओर झांसी रेलवे की ओर से सीएमएस अरुण श्रीवास्तव के साथ डाक्टरों व पैरा मेडिकल की टीम आई थी।
उनका कहना था कि रेलवे के क र्मचारियों ने आर्थिक सहायता में ऐसे रुपये दिए हैं जो चलते ही नहीं। वहां मौजूद लोगों ने इसकी शिकायत घायलों का हालचाल लेने आए केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से शिकायत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शीघ्र ही नोट बदलवाने के साथ जांच भी कराई जाएगी और दोषी रेल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई क ी जाएगी।
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इंदौर-पटना एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे भोपाल निवासी अरुण शर्मा ने बताया कि वह पत्नी नूपुर व दो बेटे दिव्यांश और स्नेहांश के साथ पटना जा रहे थे। हादसे से पहले चारों सो रहे थे। पत्नी नूपुर व बेटा दिव्यांश बुरी तरह से घायल हो गए। जबकि, छोटे बेटे का अभी तक कोई पता नहीं चला है, इतना कहते ही वो फफक पड़ा।
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वहीं, रेल हादसे में घायल लोगों के त्वरित इलाज के लिए जहां एक ओर जिला अस्पताल के डॉक्टर लगे थे। वहीं दूसरी ओर झांसी रेलवे की ओर से सीएमएस अरुण श्रीवास्तव के साथ डाक्टरों व पैरा मेडिकल की टीम आई थी।