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एनआईए टीम ने कोचों में की जांच
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Thu, 09 Feb 2017 02:09 AM IST
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ट्रैक की जांच करते रेल अधिकारी।
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दिल्ली हावड़ा रूट पर 28 दिसंबर को कस्बा के पूर्वी केबिन के पास डिरेल हुई अजमेर- सियालदह एक्सप्रेस में आतंकी साजिश का भंडाफोड़ होने पर सप्ताह में दूसरी बार एनआईए के आईजी व टीम ने बारीकी से जांच पड़ताल की । टीम हर स्तर पर तथ्य खंगालने का प्रयास कर रही है।
बुधवार शाम को एनआईए के आईजी आलोक मित्तल समेत एसपी अरुण गोयल व सीओ अनिल कुमार ने घटनास्थल का पुन: निरीक्षण किया और घटना के एक माह बीतने और मरम्मत कार्य के चलते साक्ष्यों के गायब होने से अबकी बार टीम ने डिरेल प्वंाइट पर गिरे कोचों के अंदर जाकर जांच पड़ताल की।
कोच के निचले हिस्से की जांच पड़ताल की। वहीं टीम के किसी सदस्य ने इस मामले में कुछ भी बताने से साफ इंकार किया। आतंकी साजिश शामिल होने को लेकर एनआईए की टीम हर बिंदु पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। बताते चलें कि ट्रेन के डिरेल होने के एक माह बाद गत तीन दिसंबर को एनआईए टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर ट्रैक, डिरेल प्वांइट, सिग्नल आदि की बारीकी से पड़ताल की थी।
बुधवार शाम को एनआईए के आईजी आलोक मित्तल समेत एसपी अरुण गोयल व सीओ अनिल कुमार ने घटनास्थल का पुन: निरीक्षण किया और घटना के एक माह बीतने और मरम्मत कार्य के चलते साक्ष्यों के गायब होने से अबकी बार टीम ने डिरेल प्वंाइट पर गिरे कोचों के अंदर जाकर जांच पड़ताल की।
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कोच के निचले हिस्से की जांच पड़ताल की। वहीं टीम के किसी सदस्य ने इस मामले में कुछ भी बताने से साफ इंकार किया। आतंकी साजिश शामिल होने को लेकर एनआईए की टीम हर बिंदु पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। बताते चलें कि ट्रेन के डिरेल होने के एक माह बाद गत तीन दिसंबर को एनआईए टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर ट्रैक, डिरेल प्वांइट, सिग्नल आदि की बारीकी से पड़ताल की थी।
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