{"_id":"5b1d796c4f1c1bb16e8b7333","slug":"mughal-coins-found-in-raha-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहा गांव में मिले मुगलकालीन सिक्के ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहा गांव में मिले मुगलकालीन सिक्के
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jun 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खोदाई के दौरान निकले प्राचीन सिक्के।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
घाटमपुर (कानपुर)।राहा गांव में शौचालय के लिए गड्ढा खोदते समय मिट्टी की एक गुल्लक से तांबे और पीतल (मिश्रित धातु) के 14 सिक्के मिले हैं। देर शाम तक सिक्कों के बारे में किसी ने जांच-पड़ताल नहीं की। सिक्कों में लिखी भाषा (फारसी लिपि) से उनके मुगलकालीन होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सभी सिक्के गृहस्वामी के पास सुरक्षित हैं।
गांव निवासी होमगार्ड कुलदीप दिवाकर ने बताया कि रविवार सुबह वह मकान के बाहर वह शौचालय के लिए गड्ढा खोद रहा था। तभी, गड्ढे में मिट्टी का एक छोटा गुल्लक निकला। चार साल की बेटी गुल्लक से खेलने लगी तो खन खन की आवाज सुनाई दी। इस पर मिट्टी के गुल्लक को तोड़ा गया तो उसके अंदर से छोटे-बड़े कुल 14 सिक्के निकले। इन सिक्कों के वजन दो ग्राम से लेकर 15-20 ग्राम तक हैं। सिक्कों पर चांद और तारा का निशान भी है। जाजपुर चौकी इंचार्ज बीपी रस्तोगी ने बताया कि कि यदि कोई सूचना देता है तो सिक्कों को बरामद करके उनकी जांच कराई जाएगी।
सिक्कों का मिलना कोई नई बात नहीं
घाटमपुर। गांव के अनुरुद्ध विश्वकर्मा, दलजीत सिंह और रामकेशव संखवार ने बताया कि जहां पर कुलदीप दिवाकर का घर बना है, वहां पर कभी पुरानी बस्ती थी। यहां पर प्राचीन सिक्के मिलना कोई नई बात नहीं है। गांव के बुजुर्गों ने भी उन सिक्कों पर लिखी भाषा को फारसी बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव निवासी होमगार्ड कुलदीप दिवाकर ने बताया कि रविवार सुबह वह मकान के बाहर वह शौचालय के लिए गड्ढा खोद रहा था। तभी, गड्ढे में मिट्टी का एक छोटा गुल्लक निकला। चार साल की बेटी गुल्लक से खेलने लगी तो खन खन की आवाज सुनाई दी। इस पर मिट्टी के गुल्लक को तोड़ा गया तो उसके अंदर से छोटे-बड़े कुल 14 सिक्के निकले। इन सिक्कों के वजन दो ग्राम से लेकर 15-20 ग्राम तक हैं। सिक्कों पर चांद और तारा का निशान भी है। जाजपुर चौकी इंचार्ज बीपी रस्तोगी ने बताया कि कि यदि कोई सूचना देता है तो सिक्कों को बरामद करके उनकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
सिक्कों का मिलना कोई नई बात नहीं
घाटमपुर। गांव के अनुरुद्ध विश्वकर्मा, दलजीत सिंह और रामकेशव संखवार ने बताया कि जहां पर कुलदीप दिवाकर का घर बना है, वहां पर कभी पुरानी बस्ती थी। यहां पर प्राचीन सिक्के मिलना कोई नई बात नहीं है। गांव के बुजुर्गों ने भी उन सिक्कों पर लिखी भाषा को फारसी बताया।
विज्ञापन