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हंगामे की भेंट चढ़ी बैठक, महिला सदस्यों ने फेंकी चप्पलें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 May 2018 12:58 AM IST
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अध्यक्ष का घेराव किए महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पुखरायां। नगरपालिका सदन की मंगलवार को बुलाई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक के दौरान कुछ सभासदों ने अधिशासी अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर हंगामा किया। बाद में सभासदों ने अधिशासी अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पटल रखा। जिसकी स्वीकृति अध्यक्ष के न देने पर सभासद बिफर गए और सभागार का दरवाजा बंद कर लिया। इस दौरान अध्यक्ष को महिला सभासदों ने बाहर नहीं निकलने दिया। जिसको लेकर धक्का मुक्की भी हुई। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने सभासदों को शांत किया। बैठकर समस्या का हल निकालने की बात कही। इस दौरान एएसपी, पुखरायां चौकी इंचार्ज और स्पेशल पुलिस बल भी पहुंच गया। सुबह 11 बजे से शुरू हुई बैठक 5.30 बजे समाप्त हो सकी।
सदन की बैठक में पिछली कार्रवाई की पुष्टि से प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। सभासदों ने यह कहकर विरोध जताना शुरू किया कि पिछली बैठक में क्या हुआ था, यह भी रखा जाये। इसके बहस का मुद्दा गरमाता गया। अध्यक्ष सत्यप्रकाश संखवार ने 15 प्रस्तावों को चर्चा के लिए रखा। जिसमें 11 प्रस्ताव तक लिखे गए। जेसीबी मशीन की मरम्मत को लेकर सभासद राकेश यादव ने विरोध कर दिया। जिसमें सदन की बहुमत हो गई। सभासदों का कहना था कि जेसीवी मशीन ठेकेदार लेकर चले जाते हैं। जिसकी रशीद नहीं काटी जाती। ईओ ने कहा कि पालिका सफाई, नाला, नाली की ख्ुादाई कैसे होगी। सभासद कहने लगे पहले नगर पालिका को बिजली पानी की आश्यकता है। पालिका के पास ट्राली जगनेटर होने चाहिए जिससे आंधी आने पर नलकूप चालू किए जा सके। जिससे पेयजल संकट न गहराये। यहीें से बहस का मुद्दा बनता चला गया। सभासदों ने पालिका अध्यक्ष और ईओ पर भृष्टाचार का आरोप जड़ दिया। जिसमें संपत्ति का भी मामला जोड़ दिया। जिसमे अध्यक्ष ने जांच करा लेने की बात कही। सभासदों का कहना था कि सबकुछ होगा। बाद में सभासदों ने ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पटल पर लाने के लिए अध्यक्ष से अनुमति मांगी। जिसकी अनुमति अध्यक्ष ने देने से इंकार कर दिया और कार्रवाई पूरी किए बिना सदन से जाने लगे। महिला सभासदों ने आगे खडे़ होकर रास्ता रोक लिया। महिला सदस्यों ने धक्का मुक्की करके चप्पल भी फेंकी। अध्यक्ष और ईओ को जबरिया कुर्सी पर बैठा दिया। सभासद यह पूछने लगे कि पालिका के नलकूपों में लगे आपरेटर क्यो हटाये गए। उनपर क्या आरोप था। अपनी मर्जी नहीं चलेगी। पालिका के लिए कोई सामान वाहन खरीद जाये उसके लिए कमेटी बने। प्रत्येक आय व्यय का कमेटी लेखा जोखा रखे। जिसको बैठक में पटल पर रखा जाये। ऐसा नहीे होगा कि जो मर्जी आया पालिका के खर्चे से खरीद लिया।
पालिका की सुरक्षा करना हम सब का दायित्व है। संविदा कर्मचारियाें के संबंध में जब तक उसकी कमियां सिद्ध न हो तब तक उसको न हटाया जाये। हंगामे की सूचना पर एसडीएम राजीव राज पहुंच गए। उन्होंने मीटिंग हाल का दरवाजा खुलवाया। उन्हाेंने सभासदों को समझाया कि आज की सदन के अलावा अलग बैइक कर लें। जिसमें जो भी समस्याएं हैं उनको रखे निस्तारण हो जाएगा। मामला प्रतिष्ठा का नहीं बनाया जाना चाहिए। बैठक में वी भी आ जाएंगे। जिसपर सभी सभासद सहमत हो गए। बैठक में तय होने तक पुराने नलकूप के आपरेटरों को चाभी दे दी जाए। इस बात सभासद अड़े रहे। पालिका में हंगामा की आवाज सुनकर परिसर में कस्बे की भी लोग जानकारी करने पहुंच गए। एएसपी अरूणकुमार श्रीवास्तव भारी पुलिस बल लेकर पहुंच गए। एसडीएम से बात कर मामला शांत करा दिया। अघ्यक्ष और ईओ को सदन से बाहर निकाल लिया। बाद मेें सभासद भी बाहर आ गए। बैठक की कार्रवाई भी समाप्त हो गई। इस बाबत अध्यक्ष सत्यप्रकाश संखवार ने बताया कि लगाये गए आरोपो की जांच कराएं। ईओ रामअचल कुरील ने बताया कि आज सदन की बैठक प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी जिसमे सभासद हंगामा करने लगे।
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सदन की बैठक में पिछली कार्रवाई की पुष्टि से प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। सभासदों ने यह कहकर विरोध जताना शुरू किया कि पिछली बैठक में क्या हुआ था, यह भी रखा जाये। इसके बहस का मुद्दा गरमाता गया। अध्यक्ष सत्यप्रकाश संखवार ने 15 प्रस्तावों को चर्चा के लिए रखा। जिसमें 11 प्रस्ताव तक लिखे गए। जेसीबी मशीन की मरम्मत को लेकर सभासद राकेश यादव ने विरोध कर दिया। जिसमें सदन की बहुमत हो गई। सभासदों का कहना था कि जेसीवी मशीन ठेकेदार लेकर चले जाते हैं। जिसकी रशीद नहीं काटी जाती। ईओ ने कहा कि पालिका सफाई, नाला, नाली की ख्ुादाई कैसे होगी। सभासद कहने लगे पहले नगर पालिका को बिजली पानी की आश्यकता है। पालिका के पास ट्राली जगनेटर होने चाहिए जिससे आंधी आने पर नलकूप चालू किए जा सके। जिससे पेयजल संकट न गहराये। यहीें से बहस का मुद्दा बनता चला गया। सभासदों ने पालिका अध्यक्ष और ईओ पर भृष्टाचार का आरोप जड़ दिया। जिसमें संपत्ति का भी मामला जोड़ दिया। जिसमे अध्यक्ष ने जांच करा लेने की बात कही। सभासदों का कहना था कि सबकुछ होगा। बाद में सभासदों ने ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पटल पर लाने के लिए अध्यक्ष से अनुमति मांगी। जिसकी अनुमति अध्यक्ष ने देने से इंकार कर दिया और कार्रवाई पूरी किए बिना सदन से जाने लगे। महिला सभासदों ने आगे खडे़ होकर रास्ता रोक लिया। महिला सदस्यों ने धक्का मुक्की करके चप्पल भी फेंकी। अध्यक्ष और ईओ को जबरिया कुर्सी पर बैठा दिया। सभासद यह पूछने लगे कि पालिका के नलकूपों में लगे आपरेटर क्यो हटाये गए। उनपर क्या आरोप था। अपनी मर्जी नहीं चलेगी। पालिका के लिए कोई सामान वाहन खरीद जाये उसके लिए कमेटी बने। प्रत्येक आय व्यय का कमेटी लेखा जोखा रखे। जिसको बैठक में पटल पर रखा जाये। ऐसा नहीे होगा कि जो मर्जी आया पालिका के खर्चे से खरीद लिया।
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पालिका की सुरक्षा करना हम सब का दायित्व है। संविदा कर्मचारियाें के संबंध में जब तक उसकी कमियां सिद्ध न हो तब तक उसको न हटाया जाये। हंगामे की सूचना पर एसडीएम राजीव राज पहुंच गए। उन्होंने मीटिंग हाल का दरवाजा खुलवाया। उन्हाेंने सभासदों को समझाया कि आज की सदन के अलावा अलग बैइक कर लें। जिसमें जो भी समस्याएं हैं उनको रखे निस्तारण हो जाएगा। मामला प्रतिष्ठा का नहीं बनाया जाना चाहिए। बैठक में वी भी आ जाएंगे। जिसपर सभी सभासद सहमत हो गए। बैठक में तय होने तक पुराने नलकूप के आपरेटरों को चाभी दे दी जाए। इस बात सभासद अड़े रहे। पालिका में हंगामा की आवाज सुनकर परिसर में कस्बे की भी लोग जानकारी करने पहुंच गए। एएसपी अरूणकुमार श्रीवास्तव भारी पुलिस बल लेकर पहुंच गए। एसडीएम से बात कर मामला शांत करा दिया। अघ्यक्ष और ईओ को सदन से बाहर निकाल लिया। बाद मेें सभासद भी बाहर आ गए। बैठक की कार्रवाई भी समाप्त हो गई। इस बाबत अध्यक्ष सत्यप्रकाश संखवार ने बताया कि लगाये गए आरोपो की जांच कराएं। ईओ रामअचल कुरील ने बताया कि आज सदन की बैठक प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी जिसमे सभासद हंगामा करने लगे।
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