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माता कूष्मांडा से सभी रोगों से मुक्ति की कामना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Apr 2017 02:27 AM IST
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Kalika Devi temple
- फोटो : अमर उजाला
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नवरात्र में आदि शक्ति मां जगदंबा के चौथे स्वरूप वाली मां कूष्मांडा का शुक्रवार को मंत्रोच्चार के साथ पूजन अर्चन किया।
भोर पहर से ही मां के दर्शन के लिए मंदिरों में भक्तों की लाइनें लगी रही। भक्तोें ने प्रकृति व पर्यावरण की अधिष्ठात्री देवी माता कूष्मांडा से सभी रोगों से मुक्ति व घर में खुशहाली की कामना की।
मान्यता है कि जगत जननी मां भगवती दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा अन्नपूर्णा का स्वरूप है। मां के कुष्मांडा स्वरूप ने ही सृष्टि का विस्तार किया था। माता को प्रकृति व पर्यावरण की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है।
इस दिन शाक सब्जी व अन्न का दान फलदायी माना जाता है। मां का चौथा स्वरूप भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करता है। शुक्रवार को सुबह मंदिर के पट खुलते ही माता रानी के जयकारों के साथ भक्ताें की भीड़ माता के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी।
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भक्तों ने विधि विधान से फूल,माला, नारियल, सिंदूर, चुनरी व श्रंगार सामग्री अर्पित करते हुए खोया, बताशा व मिठाई का भोग लगाया। अकबरपुर स्थित कालिका देवी मंदिर में सुबह से माता के दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगना शुुरू हो गई।
कस्बा रूरा के मां दुर्गा मंदिर, पाथा देवी मंदिर, मंशा देवी मंदिर व गायत्री देवी मंदिर में भोर पहर से ही माता के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। महिला भक्त शुक्रवार को भी कस्बा में प्रभातफेरी निकालते हुए मंदिर पहुंची। भक्तों ने उल्लास के साथ मां के चतुर्थ स्वरुप के दर्शन व उपासना कर निरोगी काया व खुशहाली मांगी।
रात में मां की महाआरती के बाद भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया। वहीं लमहारा स्थित ऐतिहासिक परहुल देवी मंदिर, सरगांव बुर्जुग के कालिका देवी मंदिर में भी भक्तों की कतारें मां के दर्शन के लिए लगी रही।
केशरी निवादा स्थित गगनी माता मंदिर, मैथा के सम्मोहनी देवी मंदिर, सरगांव बुजुर्ग के कालिका देवी मंदिर में माता की पूजा आराधना का सिलसिला चलता रहा।
कथरी के पौराणिक कात्यानी देवी मंदिर, यूपीएसआईडीसी नवीपुर के कालीजी मंदिर, झाड़ी बाबा मंदिर में भी पूजा करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही।
कस्बा डेरापुर के काली मठिया मंदिर, पलिया स्थित मां काली मंदिर, चंपतपुर स्थित कात्यानी देवी मंदिर, अगवासी स्थित बरगदा माई मंदिर, मुंगीसापुर स्थित काली माता मंदिर, दुर्गा माता मंदिर, माता रानी मंदिर, कालेश्वर मंदिर, ब्रम्ह नगर स्थित लोधेश्वर मंदिर में भक्तों ने वंदना की।
नवरात्र के पावन पर्व पर महिलाएं व किशोरियां हाथ में पूजा की थाली व भजन गाती हुई मंदिर गई।
तिंगाई गांव में 4 को देवी जागरण- रूरा। थाना क्षेत्र के तिंगाई गांव में चौराहे पर स्थित पथवारी माता मंदिर में 4 अप्रैल को देवी जागरण का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए तैयारियां हो रही हैं।
आयोजकों में मोनू चौरसिया, अनुज गुप्ता, मनोज गुप्ता, मोहन कुशवाहा, बिहारी शर्मा आदि लोगों ने बताया कि तैयारी पूर्ण की गई है। 5 को कन्याभोज भी किया जाएगा।
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भोर पहर से ही मां के दर्शन के लिए मंदिरों में भक्तों की लाइनें लगी रही। भक्तोें ने प्रकृति व पर्यावरण की अधिष्ठात्री देवी माता कूष्मांडा से सभी रोगों से मुक्ति व घर में खुशहाली की कामना की।
मान्यता है कि जगत जननी मां भगवती दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा अन्नपूर्णा का स्वरूप है। मां के कुष्मांडा स्वरूप ने ही सृष्टि का विस्तार किया था। माता को प्रकृति व पर्यावरण की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है।
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इस दिन शाक सब्जी व अन्न का दान फलदायी माना जाता है। मां का चौथा स्वरूप भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करता है। शुक्रवार को सुबह मंदिर के पट खुलते ही माता रानी के जयकारों के साथ भक्ताें की भीड़ माता के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी।
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भक्तों ने विधि विधान से फूल,माला, नारियल, सिंदूर, चुनरी व श्रंगार सामग्री अर्पित करते हुए खोया, बताशा व मिठाई का भोग लगाया। अकबरपुर स्थित कालिका देवी मंदिर में सुबह से माता के दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगना शुुरू हो गई।
कस्बा रूरा के मां दुर्गा मंदिर, पाथा देवी मंदिर, मंशा देवी मंदिर व गायत्री देवी मंदिर में भोर पहर से ही माता के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। महिला भक्त शुक्रवार को भी कस्बा में प्रभातफेरी निकालते हुए मंदिर पहुंची। भक्तों ने उल्लास के साथ मां के चतुर्थ स्वरुप के दर्शन व उपासना कर निरोगी काया व खुशहाली मांगी।
रात में मां की महाआरती के बाद भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया। वहीं लमहारा स्थित ऐतिहासिक परहुल देवी मंदिर, सरगांव बुर्जुग के कालिका देवी मंदिर में भी भक्तों की कतारें मां के दर्शन के लिए लगी रही।
केशरी निवादा स्थित गगनी माता मंदिर, मैथा के सम्मोहनी देवी मंदिर, सरगांव बुजुर्ग के कालिका देवी मंदिर में माता की पूजा आराधना का सिलसिला चलता रहा।
कथरी के पौराणिक कात्यानी देवी मंदिर, यूपीएसआईडीसी नवीपुर के कालीजी मंदिर, झाड़ी बाबा मंदिर में भी पूजा करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही।
कस्बा डेरापुर के काली मठिया मंदिर, पलिया स्थित मां काली मंदिर, चंपतपुर स्थित कात्यानी देवी मंदिर, अगवासी स्थित बरगदा माई मंदिर, मुंगीसापुर स्थित काली माता मंदिर, दुर्गा माता मंदिर, माता रानी मंदिर, कालेश्वर मंदिर, ब्रम्ह नगर स्थित लोधेश्वर मंदिर में भक्तों ने वंदना की।
नवरात्र के पावन पर्व पर महिलाएं व किशोरियां हाथ में पूजा की थाली व भजन गाती हुई मंदिर गई।
तिंगाई गांव में 4 को देवी जागरण- रूरा। थाना क्षेत्र के तिंगाई गांव में चौराहे पर स्थित पथवारी माता मंदिर में 4 अप्रैल को देवी जागरण का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए तैयारियां हो रही हैं।
आयोजकों में मोनू चौरसिया, अनुज गुप्ता, मनोज गुप्ता, मोहन कुशवाहा, बिहारी शर्मा आदि लोगों ने बताया कि तैयारी पूर्ण की गई है। 5 को कन्याभोज भी किया जाएगा।