{"_id":"56eb0a7e4f1c1b50248b4bac","slug":"lawyer-against-police-adminstraion","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिवक्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर वकील भड़के ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिवक्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर वकील भड़के
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
सेना के ट्रक को रोकने का प्रयास करते लोग
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिल्हौर कस्बे के वकील की पीटकर हत्या मामले में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गुरुवार को वकील भड़क उठे। प्रशासनिक अधिकारियों ने फोरेंसिक एक्सपर्ट, पांच डाक्टरों, अधिवक्ताओं की टीम बनाकर शव का दोबारा पोस्टमार्टम करने के आदेश जारी किए। मुआवजे की स्थित स्पष्ट न होने से वकीलों ने शव रखकर जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी की। इस बीच तीन घंटे तक जीटी रोड पर जाम लगा रहा।
रतीरामपुर गांव निवासी अधिवक्ता जितेंद्र पाल सिंह का शव लेकर परिजन गुरुवार की सुबह तहसील परिसर पहुंचे। इस दौरान बार एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी मुआवजे पर स्थित स्पष्ट करने की मांग करने लगे। वकीलों का आरोप था कि पोस्टमार्टम में गड़बड़ी के कारण इंजरी नहीं आई है। रिपोर्ट में इंजरी न निकलने से स्पष्ट होता है कि बड़े स्तर से मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी बात पर बड़ी संख्या में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर जीटी रोड पर उतर आए।
कानपुर कचहरी से आए कई वरिष्ठ अधिवक्ता और बिल्हौर बार एसोसिएशन के पदाधिकारी एडीएम (वित्त) शत्रुघ्न सिंह और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी से दोबारा पोस्टमार्टम कराने को और मुआवजे की स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर हंगामा करने लगे। विवाद बढ़ता देख आनन-फानन में एडीएम वित्त ने जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा से अनुमति लेकर पोस्टमार्टम के नए पैनल का गठन किया।
विज्ञापन
बिल्हौर बार एसोसिएशन अध्यक्ष अजीत सिंह समेत कई वकीलों ने उत्तेजित वकीलों को समझाया और कहा कि मुख्यमंत्री लगातार जिले के आलाधिकारियों के संपर्क में हैं, जल्द ही मुआवजे की घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद वकील के परिजन और अधिवक्ता शव को लेकर कानपुर रवाना हो गए। वकीलों के आक्रोश को देखते हुए सुबह से ही जिले के कई थानों की फोर्स, पीएसी और दमकल कर्मी मौजूद रहे।
मृतक अधिवक्ता जितेंद्र का शव तहसील आते ही कई वकीलोें आंसू छलक आए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आलाधिकारियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने गमगीन परिजनों और अधिवक्ताओं को ढांढस बंधाया। जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। गुरुवार की सुबह वकीलों के प्रदर्शन से जीटी रोड पर तीन घंटे जाम लगा रहा है। वकीलों के गुस्से को देखकर पुलिस प्रशासन ने कसबे के बाहर दोनों ओर फोर्स लगाकर आने-जाने वाले वाहनों को रोक दिया। वाहन चालक रसूलाबाद, बांगरमऊ, कन्नौज के रास्ते रवाना हुए। कानपुर से आने वाले वाहन वायां रसूलाबाद होकर कन्नौज की ओर हो सके। दोपहर बाद स्थित सामान्य होने पर यातायात बहाल कर दिया।
विज्ञापन
रतीरामपुर गांव निवासी अधिवक्ता जितेंद्र पाल सिंह का शव लेकर परिजन गुरुवार की सुबह तहसील परिसर पहुंचे। इस दौरान बार एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी मुआवजे पर स्थित स्पष्ट करने की मांग करने लगे। वकीलों का आरोप था कि पोस्टमार्टम में गड़बड़ी के कारण इंजरी नहीं आई है। रिपोर्ट में इंजरी न निकलने से स्पष्ट होता है कि बड़े स्तर से मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी बात पर बड़ी संख्या में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर जीटी रोड पर उतर आए।
विज्ञापन
कानपुर कचहरी से आए कई वरिष्ठ अधिवक्ता और बिल्हौर बार एसोसिएशन के पदाधिकारी एडीएम (वित्त) शत्रुघ्न सिंह और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी से दोबारा पोस्टमार्टम कराने को और मुआवजे की स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर हंगामा करने लगे। विवाद बढ़ता देख आनन-फानन में एडीएम वित्त ने जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा से अनुमति लेकर पोस्टमार्टम के नए पैनल का गठन किया।
विज्ञापन
बिल्हौर बार एसोसिएशन अध्यक्ष अजीत सिंह समेत कई वकीलों ने उत्तेजित वकीलों को समझाया और कहा कि मुख्यमंत्री लगातार जिले के आलाधिकारियों के संपर्क में हैं, जल्द ही मुआवजे की घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद वकील के परिजन और अधिवक्ता शव को लेकर कानपुर रवाना हो गए। वकीलों के आक्रोश को देखते हुए सुबह से ही जिले के कई थानों की फोर्स, पीएसी और दमकल कर्मी मौजूद रहे।
मृतक अधिवक्ता जितेंद्र का शव तहसील आते ही कई वकीलोें आंसू छलक आए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आलाधिकारियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने गमगीन परिजनों और अधिवक्ताओं को ढांढस बंधाया। जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। गुरुवार की सुबह वकीलों के प्रदर्शन से जीटी रोड पर तीन घंटे जाम लगा रहा है। वकीलों के गुस्से को देखकर पुलिस प्रशासन ने कसबे के बाहर दोनों ओर फोर्स लगाकर आने-जाने वाले वाहनों को रोक दिया। वाहन चालक रसूलाबाद, बांगरमऊ, कन्नौज के रास्ते रवाना हुए। कानपुर से आने वाले वाहन वायां रसूलाबाद होकर कन्नौज की ओर हो सके। दोपहर बाद स्थित सामान्य होने पर यातायात बहाल कर दिया।