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शिक्षा में शोध की प्रवत्ति का शिक्षक में अभाव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:13 AM IST
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सेमिनार में बोलते आईआईटी के कानपुर पूर्व छात्र अवनीश त्रिपाठी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तहसील क्षेत्र के सांखाहारी गांव स्थित श्री शक्ति डिग्री कालेज में शिक्षा में शोध की प्रवत्ति का शिक्षक में अभाव विषय पर दो दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने संबंधित विषय पर विचार व्यक्त किए।
आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र अवनीश त्रिपाठी ने कहा कि रिसर्च के लिए शोध संस्थान का होना आवश्यक नहीं है। बल्कि, बीएड और बीटीसी के छात्र भी कालेज स्तर पर शोध कर सकते हैं। इसके लिए लगन और मेहनत का जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में शोध विषयों के लिए अच्छे और योग्य शिक्षकों की बहुत अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी विषय पर शोध करने के लिए हम उसे सिद्ध करते हैं और इसके लिए हमें लगातार प्रयोग करने पड़ते हैं। इसके बाद ही कोई शोध तैयार होता है। कहा कि विभिन्न क्षेत्र में शोध के लिए छात्रों को संबंधित विषय के अनुरूप ढलना भी पड़ता है।
इस मौके पर लेफ्टीनेंट विवेक त्रिवेदी, कालेज की प्राचार्य डा. भावना शर्मा, डा. संदीप त्रिपाठी, डा. जयकिशोर, डा. शिवशरन, मनोज, राऊनंदन विद्यार्थी, अनीता त्रिपाठी और पूनम उमराव ने भी विचार व्यक्त किए और शोधपत्र भी प्रस्तुत किए।
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आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र अवनीश त्रिपाठी ने कहा कि रिसर्च के लिए शोध संस्थान का होना आवश्यक नहीं है। बल्कि, बीएड और बीटीसी के छात्र भी कालेज स्तर पर शोध कर सकते हैं। इसके लिए लगन और मेहनत का जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में शोध विषयों के लिए अच्छे और योग्य शिक्षकों की बहुत अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी विषय पर शोध करने के लिए हम उसे सिद्ध करते हैं और इसके लिए हमें लगातार प्रयोग करने पड़ते हैं। इसके बाद ही कोई शोध तैयार होता है। कहा कि विभिन्न क्षेत्र में शोध के लिए छात्रों को संबंधित विषय के अनुरूप ढलना भी पड़ता है।
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इस मौके पर लेफ्टीनेंट विवेक त्रिवेदी, कालेज की प्राचार्य डा. भावना शर्मा, डा. संदीप त्रिपाठी, डा. जयकिशोर, डा. शिवशरन, मनोज, राऊनंदन विद्यार्थी, अनीता त्रिपाठी और पूनम उमराव ने भी विचार व्यक्त किए और शोधपत्र भी प्रस्तुत किए।
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