फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghatampur News ›   Khadi cloth will not Shivli

शिवली में नहीं मिलेंगे खादी के कपड़े

Thu, 31 Mar 2016 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात Updated Thu, 31 Mar 2016 01:11 AM IST
विज्ञापन
Khadi cloth will not Shivli
कस्बा शिवली का स्वराज्य आश्रम खादी भंडार में पसरा सन्नाटा। - फोटो : amarujala
शिवली। कस्बे के स्वराज आश्रम खादी भंडार की दुकान में शीघ्र तालाबंदी हो सकती है। इसका कारण खादी के वस्त्रों का कम बिकना है और स्वराज्य आश्रम की आमदनी कम होना बताया जा रहा है। प्रबंधन के लोग कम आमदनी होने व खर्चा ज्यादा होने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन


बता दें कि शिवली कस्बे में 40 साल पहले पूर्व स्वराज्य आश्रम खादी भंडार का कार्यालय खोला गया था। ताराचंद्र इंटर कालेज में चल रहा है। खादी कपड़ों के अलावा, ऊनी कपड़े सहित आधुनिक खादी के कपड़े मिलते हैं।
विज्ञापन


वर्तमान समय में खादी कपड़ों में लोगों की रुचि न होने और बिक्री कम होने से खादी भंडार बंद होने के कगार पर है। बारह सालों पहले तक सूत की बिक्री होती थी। समूह से जुड़ी महिलाएं कातकर लाती थी। स्वराज्य आश्रम खादी भंडार के इंचार्ज जय प्रकाश गुप्ता ने कहा कि बिक्री कम है। अधिकारियों ने बैठक में इस बाबत जानकारी दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं आधुनिकता और फैशन के दौड़ में स्थानीय युवाओं व लोगों को खादी लुभा नहीं पा रही है। शिवली के अलावा आसपास के कई दर्जन गांवों के लोग यहां से खादी के कपड़े खरीदते हैं। स्वराज्य आश्रम खादी भंडार के प्रबंधक जयंत कुमरा मिश्र ने बताया कि  शिवली के स्वराज्य आश्रम खादी भंडार की इनकम कम है। खर्च ज्यादा है। इसको चलना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसको बंद करने पर विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed