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बंदी की कगार पर शिवली का खादी भंडार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2016 02:18 AM IST
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शिवली का स्वाराज्य आश्रम खादी भंडार की बंद दुकान।
- फोटो : अमर उजाला
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चार दशकों से शिवली क्षेत्र में खादी के कपड़ों के लिए जाना जाने वाला स्वाराज्य आश्रम खादी भंडार छह माह से बंद है। वैसे गांधी जयंती के मौके पर प्रदेश सरकार द्वारा खादी के उत्पादों पर छूट दिए जाने के बाद खादी व ऊनी कपड़ों के लिए ग्रामीण बड़ी संख्या में यहां आते थे। पर कुछ सालों से बिक्री कम होती गई। जिसकी वजह से खादी आश्रम में ताला लटक गया।
यह पहली बार होगा कि क्षेत्रीय खादी आश्रम गांधी जयंती पर नहीं खुलेगा। कांग्रेसी नेता जीतेंद्र सिंह बउवा ने कहा कि शिवली का स्वाराज्य आश्रम खादी भंडार बंद हो जाने से गांधी टोपी व राष्ट्रीय ध्वज को लेने के लिए भी बाहर जाना पड़ेगा।
मैथा के पूर्व ब्लाक प्रमुख रवि शुक्ल ने कहा कि शिवली का स्वाराज्य आश्रम खादी भंडार का बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। शिवली का खादी भंडार छह माह से बंद है। अब खादी के कपड़ों में भी क्षेत्रीय लोगों की रूचि कम होगी।
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यह कहना है अधिवक्ता गिरीश मिश्र का। शिक्षक उमाशंकर शुक्ल ने कहा कि खादी भंडार फिर से आधुनिक रूप से खोला जाना चाहिए। साथ ही इसमें प्रतिस्पर्धा के हिसाब से कपड़ों की बिक्री की जानी चाहिए। प्रचार प्रसार भी होना चाहिए।
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यह पहली बार होगा कि क्षेत्रीय खादी आश्रम गांधी जयंती पर नहीं खुलेगा। कांग्रेसी नेता जीतेंद्र सिंह बउवा ने कहा कि शिवली का स्वाराज्य आश्रम खादी भंडार बंद हो जाने से गांधी टोपी व राष्ट्रीय ध्वज को लेने के लिए भी बाहर जाना पड़ेगा।
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मैथा के पूर्व ब्लाक प्रमुख रवि शुक्ल ने कहा कि शिवली का स्वाराज्य आश्रम खादी भंडार का बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। शिवली का खादी भंडार छह माह से बंद है। अब खादी के कपड़ों में भी क्षेत्रीय लोगों की रूचि कम होगी।
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यह कहना है अधिवक्ता गिरीश मिश्र का। शिक्षक उमाशंकर शुक्ल ने कहा कि खादी भंडार फिर से आधुनिक रूप से खोला जाना चाहिए। साथ ही इसमें प्रतिस्पर्धा के हिसाब से कपड़ों की बिक्री की जानी चाहिए। प्रचार प्रसार भी होना चाहिए।