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छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
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घाटमपुर (कानपुर)। कोतवाली क्षेत्र के परास गांव में 13 अगस्त की रात प्रेमी युगल के आत्महत्या किए जाने के मामले में मृत युवक के भाई की तहरीर पर कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर की गई है।
घटनाक्रम के अनुसार तीन माह पहले 13 अगस्त 2019 को परास गांव निवासी शब्बीर अली के पुत्र आजाद और उसी गांव निवासी बड़कऊ सविता की पुत्री कंचन के शव गांव के बाहर स्थित परिषदीय विद्यालय परिसर में पड़े मिले थे। आजाद का शव स्कूल के रसोई कक्ष के दरवाजे के पास मिला था उसने अपने गले में शर्ट का फंदा कसकर दरवाजे के कुंडे से फांसी लगाई थी। जबकि, कंचन का शव कुछ दूर पड़ा था उसने जहरीला पदार्थ खाया हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट जहरीला पदार्थ खाने की पुष्टि हुई थी। इधर, घटना के बाद आजाद के परिजनों ने उसकी सुनियोजित ढंग से हत्या किए जाने का आरोप लगाया था।
लेकिन, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मृतक के भाई नौशाद अली का आरोप है कि कंचन और आजाद एक-दूसरे से प्रेम करते थे और शादी करने के बाद गांव से बाहर चले गए थे। घटना वाले दिन उनको सुनियोजित और गोपनीय तरीके से फोन करके शाम को गांव बुलाया गया और उनकी हत्या कर दी गई।
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उसका तर्क है कि यदि आजाद ने जहर खाकर आत्महत्या की है तो गले में फांसी का फंदा (रसोई कक्ष के दरवाजे) के कुंडे से बंधा क्यों मिला था। कोतवाल आरबी सिंह ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर और अदालत के निर्देश पर सुखदेव उसके बेटों कल्लू और टुइयां के अलावा परास गांव के ही निवासी योगेश पांडेय, सुनील शुक्ला और राममिलन (कुल छह लोगों) के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
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घटनाक्रम के अनुसार तीन माह पहले 13 अगस्त 2019 को परास गांव निवासी शब्बीर अली के पुत्र आजाद और उसी गांव निवासी बड़कऊ सविता की पुत्री कंचन के शव गांव के बाहर स्थित परिषदीय विद्यालय परिसर में पड़े मिले थे। आजाद का शव स्कूल के रसोई कक्ष के दरवाजे के पास मिला था उसने अपने गले में शर्ट का फंदा कसकर दरवाजे के कुंडे से फांसी लगाई थी। जबकि, कंचन का शव कुछ दूर पड़ा था उसने जहरीला पदार्थ खाया हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट जहरीला पदार्थ खाने की पुष्टि हुई थी। इधर, घटना के बाद आजाद के परिजनों ने उसकी सुनियोजित ढंग से हत्या किए जाने का आरोप लगाया था।
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लेकिन, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मृतक के भाई नौशाद अली का आरोप है कि कंचन और आजाद एक-दूसरे से प्रेम करते थे और शादी करने के बाद गांव से बाहर चले गए थे। घटना वाले दिन उनको सुनियोजित और गोपनीय तरीके से फोन करके शाम को गांव बुलाया गया और उनकी हत्या कर दी गई।
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उसका तर्क है कि यदि आजाद ने जहर खाकर आत्महत्या की है तो गले में फांसी का फंदा (रसोई कक्ष के दरवाजे) के कुंडे से बंधा क्यों मिला था। कोतवाल आरबी सिंह ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर और अदालत के निर्देश पर सुखदेव उसके बेटों कल्लू और टुइयां के अलावा परास गांव के ही निवासी योगेश पांडेय, सुनील शुक्ला और राममिलन (कुल छह लोगों) के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।