फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghatampur News ›   Instrument Co-operative Committee

साधन सहकारी समिति डीघ में किसानों का हंगामा

Sun, 17 Jun 2018 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 17 Jun 2018 01:25 AM IST
विज्ञापन
Instrument Co-operative Committee
गेहूं की बोरी में आग लगा कर नारेबाजी करते किसान
पुखरायां। गेहूं क्रय केंद्रों में शुक्रवार से खरीद बंद हो जाने पर लाइन में लगे किसान मायूस होकर लौट गए। वहीं साधन सहकारी समिति डीघ में किसान शनिवार को भी हंगामा करते रहे। गेहूं की बोरी में आग लगाकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। किसानों का कहना है कि इस वर्ष सबसे अधिक किसानों को परेशान किया गया। बिचौलियों और व्यापारियों को तरजीह दी गई। मनमानी पैसे वसूले गए, राजनैतिक दबाव बनाया गया। किसानों के खिलाफ कार्रवाई कराने की धमकी देकर डराया गया। किसान खरीद केंद्रों की जांच कराए जाने की मांग करते रहे। वे अभी भी खरीद होने की उम्मीद से डेरा डाले हैं।
विज्ञापन


गेहूं खरीद शुक्रवार 15 जून की शाम को बंद हो गई। जबकि अधिकतर केंद्रों पर कई किसान लाइन में लगे रहे। जिनको खरीद बंद करने की जानकारी देकर वापस जाने को कह दिया गया। कुछ किसान रात में ही मायूस होकर अधिकारियों और सरकार को कोसते हुए वापस हो गए। कुछ किसानों ने शनिवार की सुबह अपना गेहूं समेटा।
विज्ञापन


 ब्लाक मलासा की साधन सहकारी समिति डीघ में सचिव शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि खरीद का लक्ष्य 7,000 क्विंटल दिया गया था,  जिसके सापेक्ष अधिक खरीद हो गई है। डिलीवरी न होने के कारण गेहूं खुले में रखा है। रखने की जगह नहीं है। 15 जून से खरीद बंद करने का निर्देश है। शुक्रवार की रात बाइकों से आए कुछ लोगों ने दबाव बनाने का प्रयास किया। जब मारपीट करने पर आमादा हो गए तो वह भागकर देवीपुर पुलिस चौकी पहुंचा था। पुलिस आने पर वह लोग भाग गए। जिन किसानों का गेहूं पड़ा है वह वहीं पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 वहीं अकबरनगर के सत्येंद्र सिंह, असलापुर के जगत सिंह, असेवा के राकेश कुमार, छोटेपुर्वा के ब्रजेश सिंह, बाबू सिंह, गोपालपुर के बलवीर सिंह, सूर्यपुर के दिनेश ने बताया कि उनका गेहूं केंद्र पर पड़ा है। कुछ का गेहूं तो सरकारी बोरियों में भरवा दिया गया है। अधिकारी जांच करके आते हैं और चले जाते हैं। बताया कि समिति में बेवजह के लिए विवाद कराया जाता रहा। रात में कई किसान जो ट्रैक्टर लिए खड़े थे, वह वापस हो गए। शनिवार को सचिव के न आने और खरीद न करने से आक्रोशित किसानों ने गेहूं भरी बोरी में आग लगा दी। किसान उत्पीड़न के विरोध में नारेबाजी की। बताया कि उनका गेहूं सरकारी बोरी में भरा रखा है, वह मजबूर हैं।


एसडीएम राजीव राज ने बताया कि खरीद समाप्त हो चुकी है। उनके पास नया कोई आदेश नहीं आया है। सचिव ने सरकारी बोरी में किसानों का बिना तौल के भरवाकर बड़ी गलती की है। देवीपुर चौकी इंचार्ज सीताराम निरंजन ने बताया कि सचिव दौड़कर आए थे कि उनके साथ मारपीट करने पर कुछ लोग आमादा हैं। फोर्स भेजा था, वहां कोई नहीं मिला। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने पर वह कार्रवाई करेंगे। गेहूं तौल और किसानों का मामला है। उसका निस्तारण विभागीय अधिकारी ही कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed