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वकीलों के रोष के आगे हत्यारोपी घर छोड़ भागे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Mar 2016 01:35 AM IST
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हत्यारोपी के घर पर लगा ताला
- फोटो : amarujala
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वकील जितेंद्र पाल सिंह की पीट पीटकर हत्या मामले के आरोपी अपने-अपने घरों में ताला लगाकर भाग चुके हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण वहां के अधिवक्ताओं का गुस्सा बताया जा रहा है। आरोपियों के दुकान काफी सामान ककवन रोड पर पड़ा है। घटना की मुख्य वजह जलभराव समस्या, जिसे अभी भी अधिकारियों ने दुरुस्त नहीं किया।
बता दें कि घटना मुख्य वजह मुख्य मार्ग पर जलभराव माना जा रहा है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने 15 फरवरी को प्रमुखता से छापी थी, लेकिन राजस्व विभाग ने सुध नहीं ली। यदि अधिकारी समय से सक्रिय हो जाते तो घटना न होती। मुआवजे की घोषणा और कोतवाली पुलिस के हस्ताक्षेप के बाद अधिवक्ताओं में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। शुक्रवार को तहसील कोर्ट परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।
अधिवक्ताओं के रोष को देखते हुए आरोपी सतेंद्र यादव, जितेंद्र यादव के परिजन रहमतपुर गांव स्थित मकान में ताला डालकर भाग चुके हैं। विवाद की मुख्य वजह जलभराव है, जिसका आज तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है। रहमतपुर गांव जाने वाले मार्ग पर सतेंद्र यादव और मृतक अधिवक्ता जितेंद्र पाल सिंह के चचेरे भाई सुल्तान पाल का मकान है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पंचायत चुनाव हराने के बाद हारे प्रधान ने कच्ची नाली पाटकर बंधा बना दिया।
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निर्वाचित प्रधान ने काफी प्रयास किया, लेकिन पूरा मामला कोर्ट में चला गया। दिसंबर 2015 से मोहल्ले के लोग जलभराव की समस्या से परेशान हैं। कई बार विवाद भी हो चुका है। अफसरों ने मामले को संज्ञान में नहीं लिया। यही कारण रहा कि जलभराव में हुएविवाद के कारण एक अधिवक्ता को अपनी जान गवानी पड़ी। घटना के तीसरे दिन हत्यारोपी के दुकान का काफी सामान ककवन रोड पर पड़ा है, लेकिन न तो पुलिस और न दुकान संचालक ने उठाने की कोशिश की है। सड़क से गुजरने वाले वाहनों को खासी दिक्कतें आ रही हैं।
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बता दें कि घटना मुख्य वजह मुख्य मार्ग पर जलभराव माना जा रहा है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने 15 फरवरी को प्रमुखता से छापी थी, लेकिन राजस्व विभाग ने सुध नहीं ली। यदि अधिकारी समय से सक्रिय हो जाते तो घटना न होती। मुआवजे की घोषणा और कोतवाली पुलिस के हस्ताक्षेप के बाद अधिवक्ताओं में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। शुक्रवार को तहसील कोर्ट परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।
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अधिवक्ताओं के रोष को देखते हुए आरोपी सतेंद्र यादव, जितेंद्र यादव के परिजन रहमतपुर गांव स्थित मकान में ताला डालकर भाग चुके हैं। विवाद की मुख्य वजह जलभराव है, जिसका आज तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है। रहमतपुर गांव जाने वाले मार्ग पर सतेंद्र यादव और मृतक अधिवक्ता जितेंद्र पाल सिंह के चचेरे भाई सुल्तान पाल का मकान है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पंचायत चुनाव हराने के बाद हारे प्रधान ने कच्ची नाली पाटकर बंधा बना दिया।
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निर्वाचित प्रधान ने काफी प्रयास किया, लेकिन पूरा मामला कोर्ट में चला गया। दिसंबर 2015 से मोहल्ले के लोग जलभराव की समस्या से परेशान हैं। कई बार विवाद भी हो चुका है। अफसरों ने मामले को संज्ञान में नहीं लिया। यही कारण रहा कि जलभराव में हुएविवाद के कारण एक अधिवक्ता को अपनी जान गवानी पड़ी। घटना के तीसरे दिन हत्यारोपी के दुकान का काफी सामान ककवन रोड पर पड़ा है, लेकिन न तो पुलिस और न दुकान संचालक ने उठाने की कोशिश की है। सड़क से गुजरने वाले वाहनों को खासी दिक्कतें आ रही हैं।