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तेजी से फैल रहा है गांवों में बुखार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Sep 2016 02:32 AM IST
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गजनेर में प्राइवेट चिकित्सक के यहां उपचार कराते मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र के कई गांवों में बुखार का कहर बरपा रहा है। बुखार से पीड़ित कई मरीजों के शरीर के जोड़ों में हो रहे भीषण दर्द के कारण उनका बुरा हाल है। आलम यह है कि प्राइवेट चिकित्सकों के यहां मरीजों की लंबी लाइनें लगी हैं। स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है, जिस कारण न्याय पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए बनाए गए एएनएम सेंटरों में ताले लटक रहे हैं।
कसबा गजनेर में सुधीर सिंह (33), अशोक गुप्ता (50), शानू (20) पुत्र अशोक गुप्ता, शिशुपाल यादव (40), रमाकांत मिश्रा की बहन उर्मिला (28), इसरार (28), उनका भांजा इकबाल, जोया (20) पुत्री जाकिर समेत कई लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं।
सैंथा गांव में शकुंतला मिश्रा (50) पत्नी संतोष मिश्रा, राजू मिश्रा (45), गुड्डी सिंह (40) पत्नी अभिमन्यु सिंह, मधू देवी (35) पत्नी संजय अवस्थी, बरदानी सिंह (45) पुत्र बोधे सिंह समेत कई लोग बीमार हैं।
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पीड़ितों ने बताया कि तेज बुखार के कारण जोड़ों में भीषण दर्द होता है। इससे चलने फिरने में परेशानी हो रही है। एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां उपचार करा रहे गजनेर निवासी सुधीर सिंह ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में हर प्रकार के बुखार में एक ही दवाई दी जाती है। इस कारण बीमारी से राहत नहीं मिल पा रही है।
उधर, गांवों में फैले बुखार के बावजूद न्याय पंचायत स्तर पर गांव के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देेने व प्राथमिक उपचार के लिए बनाए गए एएनएम सेंटरों में ताल लटकता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बनाए गए एएनएम सेंटर जरूरत के वक्त नहीं खुल रहे हैं। ऐसे में इनकी उपयोगिता बेमतलब साबित हो रही है।
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कसबा गजनेर में सुधीर सिंह (33), अशोक गुप्ता (50), शानू (20) पुत्र अशोक गुप्ता, शिशुपाल यादव (40), रमाकांत मिश्रा की बहन उर्मिला (28), इसरार (28), उनका भांजा इकबाल, जोया (20) पुत्री जाकिर समेत कई लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं।
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सैंथा गांव में शकुंतला मिश्रा (50) पत्नी संतोष मिश्रा, राजू मिश्रा (45), गुड्डी सिंह (40) पत्नी अभिमन्यु सिंह, मधू देवी (35) पत्नी संजय अवस्थी, बरदानी सिंह (45) पुत्र बोधे सिंह समेत कई लोग बीमार हैं।
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पीड़ितों ने बताया कि तेज बुखार के कारण जोड़ों में भीषण दर्द होता है। इससे चलने फिरने में परेशानी हो रही है। एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां उपचार करा रहे गजनेर निवासी सुधीर सिंह ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में हर प्रकार के बुखार में एक ही दवाई दी जाती है। इस कारण बीमारी से राहत नहीं मिल पा रही है।
उधर, गांवों में फैले बुखार के बावजूद न्याय पंचायत स्तर पर गांव के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देेने व प्राथमिक उपचार के लिए बनाए गए एएनएम सेंटरों में ताल लटकता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बनाए गए एएनएम सेंटर जरूरत के वक्त नहीं खुल रहे हैं। ऐसे में इनकी उपयोगिता बेमतलब साबित हो रही है।