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फसल को चूहों से बचाने को जिंक फास्फाइट डालें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2016 01:20 AM IST
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घाटमपुर कस्बे के उप संभागीय कृषि प्रसार कार्यालय परिसर में कृषियंत्र वितरण मेला और रबी कृषक गोष्ठी आयोजित की गई।
कृषि यंत्र खरीदने के लिए किसानों के बीच होड़ दिखाई दी। सबसे अधिक बिक्री नैपसैक स्प्रेयरों की हुई। आत्मा के उप परियोजना निदेशक एसए पांडेय ने रबी की मुख्य फसल गेहूं में खर-पतवार नियंत्रण के तरीके समझाए।
उन्होंने फसल को चूहों के हमले से बचाने के लिए खेत में जिंक फास्फाइट के उपयोग पर जोर दिया। उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी डा.सरस कुमार तिवारी ने कम पानी में अधिक उपज लेने के लिए फसल की बौछारी विधि से सिंचाई करने की सलाह दी।
सोलर पंप और लपेटा पाइप के महत्व को भी बताया। सीएसए के उद्यान विभाग के प्रोफेसर डा. ओपी चतुर्वेदी ने परंपरागत खेती से हटकर फूल और फलों की खेती करने के लिए प्रेरित किया।
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बताया कि केला, अमरूद, नींबू, आंवला और करौंदा के साथ गेंदा, गुलाब जैसे फूलों की खेती करके अच्छा लाभ कमाया जा सकता है।
मेले में स्टाल लगाने वाले एक निजी बीज कंपनी के सेल्स मैनेजर अशोक तिवारी ने शंकर मक्का के बीज 9108 प्लस की खूबियां बताईं। बीडीओ (घाटमपुर) पीसी राम ने कृषि मेले का अवलोकन किया।
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कृषि यंत्र खरीदने के लिए किसानों के बीच होड़ दिखाई दी। सबसे अधिक बिक्री नैपसैक स्प्रेयरों की हुई। आत्मा के उप परियोजना निदेशक एसए पांडेय ने रबी की मुख्य फसल गेहूं में खर-पतवार नियंत्रण के तरीके समझाए।
उन्होंने फसल को चूहों के हमले से बचाने के लिए खेत में जिंक फास्फाइट के उपयोग पर जोर दिया। उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी डा.सरस कुमार तिवारी ने कम पानी में अधिक उपज लेने के लिए फसल की बौछारी विधि से सिंचाई करने की सलाह दी।
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सोलर पंप और लपेटा पाइप के महत्व को भी बताया। सीएसए के उद्यान विभाग के प्रोफेसर डा. ओपी चतुर्वेदी ने परंपरागत खेती से हटकर फूल और फलों की खेती करने के लिए प्रेरित किया।
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बताया कि केला, अमरूद, नींबू, आंवला और करौंदा के साथ गेंदा, गुलाब जैसे फूलों की खेती करके अच्छा लाभ कमाया जा सकता है।
मेले में स्टाल लगाने वाले एक निजी बीज कंपनी के सेल्स मैनेजर अशोक तिवारी ने शंकर मक्का के बीज 9108 प्लस की खूबियां बताईं। बीडीओ (घाटमपुर) पीसी राम ने कृषि मेले का अवलोकन किया।