{"_id":"59ce9c394f1c1bdb538b50a0","slug":"three-kidnaped-for-extorsion-3-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिरौती के लिए मुर्गा व्यापारी समेत तीन का अपहरण, तीन गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फिरौती के लिए मुर्गा व्यापारी समेत तीन का अपहरण, तीन गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो।
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:48 AM IST
विज्ञापन
बिहार के अरनिया के रानीगंज थाने के बाहर टीम के साथ मौजूद व्यापारी, उसका भाई, नौकर व तीनों आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झींझक।
मंगलपुर थाना क्षेत्र के मुर्गा व्यापारी और खटीक समाज के जिलाध्यक्ष, उसके भाई व नौकर का फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया। जिले की स्वॉट टीम व थाना पुलिस ने शुक्रवार को उन्हें बिहार के अरनिया जिलेे के रानीगंज से सकुशल बरामद कर तीन आरोपियों को धर दबोचा।
मुख्य आरोपी बेटे संग फरार हो गया। मुख्य आरोपी ने व्यापारी को उसके बेटे की शादी कराने का झांसा देकर बिहार के कटिहार बुलाया था। शनिवार देर शाम तक टीम के वापस आने की उम्मीद है।
श्रीनगर निवासी महेंद्र कुमार उर्फ पप्पू मुर्गा कारोबारी होने के साथ ही कानपुर देहात के खटिक समाज के जिलाध्यक्ष भी हैं। उनकी पत्नी मंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे सूरज के कुबड़ निकला होने से शादी नहीं हो पा रही थी। इसे लेकर पति काफी चिंतित थे।
विज्ञापन
इसी बीच उनकी मुलाकात मंडी समिति में पल्लेदारी करने वाले बिहार के अरनिया के रानीगंज निवासी भंडारी उर्फ बिहारी उर्फ महेश्वरी से हुई। वह अक्सर दुकान पर मुर्गा खरीदने आता था। जब इस बात की जानकारी भंडारी को हुई तो उसने बिहार में बेटे की शादी कराने का झांसा दिया। इसके बाद भंडारी के कहने पर ही 22 सितंबर की शाम पति, देवर सतीश और नौकर शहीद कुरैशी को लेकर बिहार के कटियार के लिए ट्रेन से चल दिए।
कानपुर सेंट्रल पहुंचने पर उन्हें दो अज्ञात लोग मिले जिन्होंने खुद को भंडारी का रिश्तेदार बताया। वे भी साथ हो लिए। कटिहार पहुंचने तक लगातार उनकी पति से मोबाइल पर बातचीत हो रही थी।
24 सितंबर को पति के मोबाइल पर काल किया तो इस बार फोन भंडारी ने उठाया। उसने कहा कि उसके पति, देवर और नौकर का अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस को बताने पर तीनों को जान से मारने की धमकी भी दी।
इससे वह घबरा गई। वह थाने पहुंची और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने उनकी तहरीर पर भंडारी उर्फ बिहारी उर्फ महेश्वरी और दो अज्ञात के खिलाफ अपहरण और फिरौती मांगने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। एसपी दिनेश पाल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करने के बाद तत्काल स्वॉट प्रभारी और थाना पुलिस के नेतृत्व में दो टीमों को बिहार के कटिहार के लिए रवाना कर दिया गया।
टीम ने मुर्गा व्यापारी, उसके भाई और नौकर को मुक्त कराकर तीन आरोपियों बिहार के अरनिया के रानीगंज निवासी अखिलेश कुमार ऋषिदेव , सुबोध और बालबोध को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मुख्य आरोपी भंडारी व उसका बेटा कुमोद मौके से भाग निकले। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सर्विलांस की मदद से मिली सफलता
मुर्गा व्यापारी, उसके भाई और नौकर के अपहरण में आरोपियों की चूक पुलिस के लिए मददगार साबित हुई। आरोपियों के व्यापारी का मोबाइल लगातार इस्तेमाल करने से पुलिस सर्विलांस के सहारे उन तक आसानी से पहुंच गई।
टीम को दिया 20 हजार का इनाम
एस.पी दिनेश पाल सिंह ने अपहरण के मामले में खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि टीम ने लगातार पीछा करते हुए पांच दिन में मामले का खुलासा कर दिया।
हो सकता है बड़ा खुलासा
एसपी ने बताया कि आरोपियों के यहां पहुंचने और पूछताछ के बाद बड़े खुलासे की संभावना है। इस तरह के गैंग देश भर में सक्रिय है। ये लोगों को झांसा देकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देते हैं। शनिवार देर शाम तक आरोपियों और अपहरण हुए लोगों को लेकर टीम के आ जाएगी। इसके बाद आरोपियों से जुड़े रैकेट के खुलासे को लेकर प्रयास किए जाएंगे।
सुरक्षित मिलने पर परिजनों के छलके आंसू
मुर्गा व्यापारी, उसके भाई और नौकर के सुरक्षित मिलने की जानकारी परिजनों को पुलिस से हुई तो उनकी आंखें छलक आईं। सभी ने पुलिस का शुक्रिया अदा किया। वहीं, मंजू ने बताया कि मुख्य आरोपी भंडारी उनके पति को बिहार के कटियार बुलाने से पहले घर भी आया था।
विज्ञापन
मंगलपुर थाना क्षेत्र के मुर्गा व्यापारी और खटीक समाज के जिलाध्यक्ष, उसके भाई व नौकर का फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया। जिले की स्वॉट टीम व थाना पुलिस ने शुक्रवार को उन्हें बिहार के अरनिया जिलेे के रानीगंज से सकुशल बरामद कर तीन आरोपियों को धर दबोचा।
मुख्य आरोपी बेटे संग फरार हो गया। मुख्य आरोपी ने व्यापारी को उसके बेटे की शादी कराने का झांसा देकर बिहार के कटिहार बुलाया था। शनिवार देर शाम तक टीम के वापस आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
श्रीनगर निवासी महेंद्र कुमार उर्फ पप्पू मुर्गा कारोबारी होने के साथ ही कानपुर देहात के खटिक समाज के जिलाध्यक्ष भी हैं। उनकी पत्नी मंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे सूरज के कुबड़ निकला होने से शादी नहीं हो पा रही थी। इसे लेकर पति काफी चिंतित थे।
विज्ञापन
इसी बीच उनकी मुलाकात मंडी समिति में पल्लेदारी करने वाले बिहार के अरनिया के रानीगंज निवासी भंडारी उर्फ बिहारी उर्फ महेश्वरी से हुई। वह अक्सर दुकान पर मुर्गा खरीदने आता था। जब इस बात की जानकारी भंडारी को हुई तो उसने बिहार में बेटे की शादी कराने का झांसा दिया। इसके बाद भंडारी के कहने पर ही 22 सितंबर की शाम पति, देवर सतीश और नौकर शहीद कुरैशी को लेकर बिहार के कटियार के लिए ट्रेन से चल दिए।
कानपुर सेंट्रल पहुंचने पर उन्हें दो अज्ञात लोग मिले जिन्होंने खुद को भंडारी का रिश्तेदार बताया। वे भी साथ हो लिए। कटिहार पहुंचने तक लगातार उनकी पति से मोबाइल पर बातचीत हो रही थी।
24 सितंबर को पति के मोबाइल पर काल किया तो इस बार फोन भंडारी ने उठाया। उसने कहा कि उसके पति, देवर और नौकर का अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस को बताने पर तीनों को जान से मारने की धमकी भी दी।
इससे वह घबरा गई। वह थाने पहुंची और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने उनकी तहरीर पर भंडारी उर्फ बिहारी उर्फ महेश्वरी और दो अज्ञात के खिलाफ अपहरण और फिरौती मांगने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। एसपी दिनेश पाल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करने के बाद तत्काल स्वॉट प्रभारी और थाना पुलिस के नेतृत्व में दो टीमों को बिहार के कटिहार के लिए रवाना कर दिया गया।
टीम ने मुर्गा व्यापारी, उसके भाई और नौकर को मुक्त कराकर तीन आरोपियों बिहार के अरनिया के रानीगंज निवासी अखिलेश कुमार ऋषिदेव , सुबोध और बालबोध को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मुख्य आरोपी भंडारी व उसका बेटा कुमोद मौके से भाग निकले। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सर्विलांस की मदद से मिली सफलता
मुर्गा व्यापारी, उसके भाई और नौकर के अपहरण में आरोपियों की चूक पुलिस के लिए मददगार साबित हुई। आरोपियों के व्यापारी का मोबाइल लगातार इस्तेमाल करने से पुलिस सर्विलांस के सहारे उन तक आसानी से पहुंच गई।
टीम को दिया 20 हजार का इनाम
एस.पी दिनेश पाल सिंह ने अपहरण के मामले में खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि टीम ने लगातार पीछा करते हुए पांच दिन में मामले का खुलासा कर दिया।
हो सकता है बड़ा खुलासा
एसपी ने बताया कि आरोपियों के यहां पहुंचने और पूछताछ के बाद बड़े खुलासे की संभावना है। इस तरह के गैंग देश भर में सक्रिय है। ये लोगों को झांसा देकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देते हैं। शनिवार देर शाम तक आरोपियों और अपहरण हुए लोगों को लेकर टीम के आ जाएगी। इसके बाद आरोपियों से जुड़े रैकेट के खुलासे को लेकर प्रयास किए जाएंगे।
सुरक्षित मिलने पर परिजनों के छलके आंसू
मुर्गा व्यापारी, उसके भाई और नौकर के सुरक्षित मिलने की जानकारी परिजनों को पुलिस से हुई तो उनकी आंखें छलक आईं। सभी ने पुलिस का शुक्रिया अदा किया। वहीं, मंजू ने बताया कि मुख्य आरोपी भंडारी उनके पति को बिहार के कटियार बुलाने से पहले घर भी आया था।